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Bhiwani News: जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग, किसानों ने दिया धरना
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लघु सचिवालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसान।
भिवानी। अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर वीरवार को किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सभा ने जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित कर प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।
किसान सभा पदाधिकारियों ने कहा कि बेहद कम बारिश, नहरों में पर्याप्त पानी नहीं आने और अधिकांश क्षेत्रों में भूमिगत जल खारा होने से कपास, बाजरा, मूंग, धान और मूंगफली समेत खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनियों से क्रॉप कटिंग प्रयोग जल्द पूरा कराने की मांग की।
धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रामफल देशवाल ने की और संचालन जिला सचिव मास्टर जगरोशन ने किया। जिला उपायुक्त की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार धरनास्थल पर पहुंचे और ज्ञापन लिया। बाद में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात की।
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प्रतिनिधिमंडल को उपायुक्त ने तीन दिन के अंदर सरकार से बातचीत कर क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलवाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। किसानों ने सूखी फसल हटाकर रबी की बिजाई का अवसर देने और फसल बीमा दावों में बाधा नहीं आने की भी मांग उठाई। मंडियों में सरकारी खरीद शुरू करने और नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
किसानों की प्रमुख मांगें : जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित कर विशेष गिरदावरी कराई जाए और प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। फसल क्षति दर्ज कराने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा और क्षतिपूर्ति पोर्टल तत्काल खोला जाए। मंडियों में बाजरा और बवानीखेड़ा सहित संबंधित मंडियों में धान की सरकारी खरीद तत्काल शुरू कर किसानों को बकाया लाभ दिया जाए।
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किसान सभा पदाधिकारियों ने कहा कि बेहद कम बारिश, नहरों में पर्याप्त पानी नहीं आने और अधिकांश क्षेत्रों में भूमिगत जल खारा होने से कपास, बाजरा, मूंग, धान और मूंगफली समेत खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनियों से क्रॉप कटिंग प्रयोग जल्द पूरा कराने की मांग की।
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धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रामफल देशवाल ने की और संचालन जिला सचिव मास्टर जगरोशन ने किया। जिला उपायुक्त की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार धरनास्थल पर पहुंचे और ज्ञापन लिया। बाद में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात की।
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प्रतिनिधिमंडल को उपायुक्त ने तीन दिन के अंदर सरकार से बातचीत कर क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलवाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। किसानों ने सूखी फसल हटाकर रबी की बिजाई का अवसर देने और फसल बीमा दावों में बाधा नहीं आने की भी मांग उठाई। मंडियों में सरकारी खरीद शुरू करने और नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
किसानों की प्रमुख मांगें : जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित कर विशेष गिरदावरी कराई जाए और प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। फसल क्षति दर्ज कराने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा और क्षतिपूर्ति पोर्टल तत्काल खोला जाए। मंडियों में बाजरा और बवानीखेड़ा सहित संबंधित मंडियों में धान की सरकारी खरीद तत्काल शुरू कर किसानों को बकाया लाभ दिया जाए।