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जल संकट: नहरों में सुधरी पानी की स्थिति, नल में जल आने का इंतजार
Tue, 27 May 2025 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 27 May 2025 10:55 PM IST
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जूई नहर में मौत की डुबकी लगाते युवा।
भिवानी। भाखड़ा का पानी मिलने के बाद नहरों में पानी की स्थिति में लगातार सुधार हुआ है। लेकिन इसके बावजूद नल में जल आने का इंतजार है। शहर की कई कॉलोनियों में अब भी पानी की किल्लत बनी है। हालांकि सुंदर सिस्टम की नहरों में 1756 क्यूसेक पानी चल रहा है।
वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अभी शहर को राशनिंग से निजात दिलाने में तीन से चार दिन का समय और ले सकता है। सप्ताह भर में लोग पानी किल्लत को लेकर आक्रोश जता चुके हैं वहीं सड़क पर भी जाम लगा चुके हैं।
सुंदर सिस्टम की नहरों में इस समय मांग के अनुरूप पानी मिल रहा है। मंगलवार को सुंदर सब ब्रांच में 878 क्यूसेक पानी मिला। वहीं मित्ताथल फीडर में 301 क्यूसेक पानी रहा। वहीं जूई फीडर में 577 क्यूसेक पानी मिला।
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शहर के तीन मुख्य जलघरों के टैंकों तक भी पानी की आपूर्ति के लिए नहरों में पर्याप्त पानी चल रहा है बावजूद इसके अभी भी शहरी दायरे के जलघर टैंक खाली हैं। हालांकि नहर से पानी को लिफ़्ट कर चैनल के जरिए शहरी टैंकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की है।
शहरी पेयजल आपूर्ति की बात करें तो अब भी एक दिन छोड़ एक दिन पानी का शेड्यूल लागू है, जबकि कई कॉलोनियों में तो पानी की किल्लत के चलते तीन से चार दिन में कुछ मिनटों के लिए ही नल से जल टपकता है। शहरी पेयजल शाखा अधिकारियों का दावा है कि अभी पेयजल आपूर्ति नियमित होने में तीन से चार दिन और लग सकते हैं।
नहरों में युवा लगा रहे मौत की छलांग, हादसों का अंदेशा
नहरों में इस समय गर्मी से निजात पाने के लिए युवा मौत की छलांग लगा रहे हैं। हर साल नहरों में नहाते समय डूबने से तीन से चार मौतें हो जाती हैं, इसके बावजूद इन युवाओं को नहर में नहाने से रोकने के लिए न तो विभाग की तरफ से कोई रोका टोकी है न ही अभिभावक इस तरह के हादसों के बावजूद कोई सबक ले रहे हैं। युवा अनजाने में ही मौत की डुबकी लगा रहे हैं। नहरों में इस समय पानी का अत्यधिक तेज बहाव बना है। ऐसे में अच्छे तैराक भी पानी के अंदर भी अपना संतुलन खो बैठते हैं और हादसों के शिकार हो जाते हैं। जूई नहर पर तोशाम बाईपास दिनोद रोड पुल के समीप नहाने के लिए दिनभर युवाओं का जमावड़ा लगा रहता है।
सुंदर सिस्टम की नहरों में मांग के अनुरूप पानी चल रहा है। शहरी दायरे के जलघरों के लिए भी पानी की पूरी आपूर्ति कराई जा रही है। शहरी दायरे के जलघर टैंकों के लिए 16 दिन तक लगातार नहरी पानी मुहैया कराया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए सिंचाई विभाग की जलघर टैंकों को भरना प्राथमिकता बनी है।
- संदीप मलिक, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
शहरी दायरे के जलघर टैंकों में अभी पानी का पर्याप्त भंडारण नहीं हुआ है। शहर के अंदर फिलहाल राशनिंग से ही पानी मिल रहा है। पेयजल आपूर्ति नियमित होने में अभी तीन से चार दिन और लग सकते हैं।
-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
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वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अभी शहर को राशनिंग से निजात दिलाने में तीन से चार दिन का समय और ले सकता है। सप्ताह भर में लोग पानी किल्लत को लेकर आक्रोश जता चुके हैं वहीं सड़क पर भी जाम लगा चुके हैं।
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सुंदर सिस्टम की नहरों में इस समय मांग के अनुरूप पानी मिल रहा है। मंगलवार को सुंदर सब ब्रांच में 878 क्यूसेक पानी मिला। वहीं मित्ताथल फीडर में 301 क्यूसेक पानी रहा। वहीं जूई फीडर में 577 क्यूसेक पानी मिला।
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शहर के तीन मुख्य जलघरों के टैंकों तक भी पानी की आपूर्ति के लिए नहरों में पर्याप्त पानी चल रहा है बावजूद इसके अभी भी शहरी दायरे के जलघर टैंक खाली हैं। हालांकि नहर से पानी को लिफ़्ट कर चैनल के जरिए शहरी टैंकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की है।
शहरी पेयजल आपूर्ति की बात करें तो अब भी एक दिन छोड़ एक दिन पानी का शेड्यूल लागू है, जबकि कई कॉलोनियों में तो पानी की किल्लत के चलते तीन से चार दिन में कुछ मिनटों के लिए ही नल से जल टपकता है। शहरी पेयजल शाखा अधिकारियों का दावा है कि अभी पेयजल आपूर्ति नियमित होने में तीन से चार दिन और लग सकते हैं।
नहरों में युवा लगा रहे मौत की छलांग, हादसों का अंदेशा
नहरों में इस समय गर्मी से निजात पाने के लिए युवा मौत की छलांग लगा रहे हैं। हर साल नहरों में नहाते समय डूबने से तीन से चार मौतें हो जाती हैं, इसके बावजूद इन युवाओं को नहर में नहाने से रोकने के लिए न तो विभाग की तरफ से कोई रोका टोकी है न ही अभिभावक इस तरह के हादसों के बावजूद कोई सबक ले रहे हैं। युवा अनजाने में ही मौत की डुबकी लगा रहे हैं। नहरों में इस समय पानी का अत्यधिक तेज बहाव बना है। ऐसे में अच्छे तैराक भी पानी के अंदर भी अपना संतुलन खो बैठते हैं और हादसों के शिकार हो जाते हैं। जूई नहर पर तोशाम बाईपास दिनोद रोड पुल के समीप नहाने के लिए दिनभर युवाओं का जमावड़ा लगा रहता है।
सुंदर सिस्टम की नहरों में मांग के अनुरूप पानी चल रहा है। शहरी दायरे के जलघरों के लिए भी पानी की पूरी आपूर्ति कराई जा रही है। शहरी दायरे के जलघर टैंकों के लिए 16 दिन तक लगातार नहरी पानी मुहैया कराया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए सिंचाई विभाग की जलघर टैंकों को भरना प्राथमिकता बनी है।
- संदीप मलिक, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
शहरी दायरे के जलघर टैंकों में अभी पानी का पर्याप्त भंडारण नहीं हुआ है। शहर के अंदर फिलहाल राशनिंग से ही पानी मिल रहा है। पेयजल आपूर्ति नियमित होने में अभी तीन से चार दिन और लग सकते हैं।
-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।