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Bhiwani News: भ्रष्टाचार पर वार...तहसील, एसडीएम व राजस्व कार्यालय में रहेगा अब तीसरी आंख का पहरा
Sat, 17 May 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 17 May 2025 12:55 AM IST
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लघु सचिवालय में स्थित रजिस्ट्री क्लर्क के कमरे में लगे सीसीटीवी कैमरे।
भिवानी। अब तहसील, जिला राजस्व और एसडीएम कार्यालय में भ्रष्टाचारियों पर तीसरी आंख का पहरा रहेगा। जिला प्रशासन के आदेश पर तीन रजिस्ट्री क्लर्कों के कमरों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। जिनका कंट्रोल उपायुक्त कार्यालय में बनाया गया है। इतना ही नहीं स्टेट विजिलेंस भी भिवानी तहसील कार्यालय में उजागर हुए भ्रष्टाचार के मामले की जांच में जुट गई है।
संवाद न्यूज एजेंसी के स्टिंग से जुड़े तथ्य भी विजिलेंस ने तलब किए हैं, जिनके आधार पर अब इस मामले की विस्तृत जांच और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। भिवानी तहसीलदार, जिला राजस्व और एसडीएम कार्यालय में रजिस्ट्री क्लर्कों की गतिविधि अब तीसरी आंख की जद में रहेगी। जिसके बाद रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने वाले बाहरी लोग भी भूमिगत हो गए हैं।
अमर उजाला के सात मई के अंक में कुर्सी सरकारी....उस पर काबिज भ्रष्टाचारी के शीर्षक के साथ भिवानी तहसील कार्यालय के अंदर फैले भ्रष्टाचार का स्टिंग ऑपरेशन के जरिए खुलासा हुआ था। जिसके बाद भिवानी तहसील कार्यालय में भूमि रजिस्ट्री संबंधी कार्याें में आम लोगों से पैसे ऐंठने वाले बाहरी लोग भूमिगत हो गए। वहीं उपायुक्त ने भी एसडीएम की अध्यक्षता में तीन अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर दी। जिसमें जिला राजस्व अधिकारी और तहसीलदार लोहारू को शामिल किया गया।
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अब जिला प्रशासन ने भिवानी तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क और जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में सीसीटीवी कैमरे इंस्टाल कर दिए हैं। इसी के साथ एसडीएम कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में भी सीसीटीवी कैमरा इंस्टाल कर दिया है। जिसका कंट्रोल उपायुक्त कार्यालय में दिया गया है।
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मामले की तह तक जाने में जुटी स्टेट विजिलेंस
भिवानी तहसील कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार के मामले में स्टिंग ऑपरेशन मेंं बाहरी व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से पैसे लेने का वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं डीजीपी विजिलेंस को शिकायत होने पर स्टेट विजिलेंस भी मामले की तह तक जाने में जुटी है। स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े तथ्य भी विजिलेंस अधिकारियों ने जुटाए हैं, जिसके बाद इस मामले में अब एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
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जिला प्रशासन की तरफ से तहसील कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष के अंदर भी सीसीटीवी कैमरा लगवाया गया है। इसी तरह जिला राजस्व अधिकारी व एसडीएम कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में भी सीसीटीवी इंस्टाल कराए गए हैं। जिनका कंट्रोल उपायुक्त कार्यालय में है। संबंधित कर्मचारियों को भी सख्त हिदायतें दी गई हैं कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना सरकारी कार्य के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाए। -सुरेश कुमार, तहसीलदार, तहसील भिवानी।
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संगठन की तरफ से हरियाणा के मुख्य सचिव व डीजीपी विजिलेंस को भिवानी तहसील कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार की शिकायत दी गई है। जिसके बाद स्टेट विजिलेंस अधिकारियों ने मुझसे भिवानी तहसील कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों के तथ्य मांगे हैं। अगर विजिलेंस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर इस स्कैंडल को खंगालेगी तो बड़े अधिकारी भी इसमें शामिल मिलेंगे और राजनेता की भूमिका भी सबके सामने उजागर हो जाएगी। -बृजपाल सिंह परमार, अध्यक्ष, स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन भिवानी।
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संवाद न्यूज एजेंसी के स्टिंग से जुड़े तथ्य भी विजिलेंस ने तलब किए हैं, जिनके आधार पर अब इस मामले की विस्तृत जांच और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। भिवानी तहसीलदार, जिला राजस्व और एसडीएम कार्यालय में रजिस्ट्री क्लर्कों की गतिविधि अब तीसरी आंख की जद में रहेगी। जिसके बाद रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने वाले बाहरी लोग भी भूमिगत हो गए हैं।
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अमर उजाला के सात मई के अंक में कुर्सी सरकारी....उस पर काबिज भ्रष्टाचारी के शीर्षक के साथ भिवानी तहसील कार्यालय के अंदर फैले भ्रष्टाचार का स्टिंग ऑपरेशन के जरिए खुलासा हुआ था। जिसके बाद भिवानी तहसील कार्यालय में भूमि रजिस्ट्री संबंधी कार्याें में आम लोगों से पैसे ऐंठने वाले बाहरी लोग भूमिगत हो गए। वहीं उपायुक्त ने भी एसडीएम की अध्यक्षता में तीन अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर दी। जिसमें जिला राजस्व अधिकारी और तहसीलदार लोहारू को शामिल किया गया।
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अब जिला प्रशासन ने भिवानी तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क और जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में सीसीटीवी कैमरे इंस्टाल कर दिए हैं। इसी के साथ एसडीएम कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में भी सीसीटीवी कैमरा इंस्टाल कर दिया है। जिसका कंट्रोल उपायुक्त कार्यालय में दिया गया है।
मामले की तह तक जाने में जुटी स्टेट विजिलेंस
भिवानी तहसील कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार के मामले में स्टिंग ऑपरेशन मेंं बाहरी व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से पैसे लेने का वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं डीजीपी विजिलेंस को शिकायत होने पर स्टेट विजिलेंस भी मामले की तह तक जाने में जुटी है। स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े तथ्य भी विजिलेंस अधिकारियों ने जुटाए हैं, जिसके बाद इस मामले में अब एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
जिला प्रशासन की तरफ से तहसील कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष के अंदर भी सीसीटीवी कैमरा लगवाया गया है। इसी तरह जिला राजस्व अधिकारी व एसडीएम कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में भी सीसीटीवी इंस्टाल कराए गए हैं। जिनका कंट्रोल उपायुक्त कार्यालय में है। संबंधित कर्मचारियों को भी सख्त हिदायतें दी गई हैं कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना सरकारी कार्य के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाए। -सुरेश कुमार, तहसीलदार, तहसील भिवानी।
संगठन की तरफ से हरियाणा के मुख्य सचिव व डीजीपी विजिलेंस को भिवानी तहसील कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार की शिकायत दी गई है। जिसके बाद स्टेट विजिलेंस अधिकारियों ने मुझसे भिवानी तहसील कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों के तथ्य मांगे हैं। अगर विजिलेंस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर इस स्कैंडल को खंगालेगी तो बड़े अधिकारी भी इसमें शामिल मिलेंगे और राजनेता की भूमिका भी सबके सामने उजागर हो जाएगी। -बृजपाल सिंह परमार, अध्यक्ष, स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन भिवानी।