{"_id":"67f964391517c8fe800931d4","slug":"waiting-outside-the-opd-room-in-the-medical-college-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-132597-2025-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: मेडिकल कॉलेज में ओपीडी कक्ष के बाहर जमीन पर बैठ कर मरीजों ने किया अपनी बारी आने का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: मेडिकल कॉलेज में ओपीडी कक्ष के बाहर जमीन पर बैठ कर मरीजों ने किया अपनी बारी आने का इंतजार
Sat, 12 Apr 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 12 Apr 2025 12:19 AM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज भिवानी के ओपीडी विभाग में जमीन पर बैठ कर चिकित्सक से मिलने का इंतजार करते मरीज।
विज्ञापन
भिवानी। शहर में नवनिर्मित पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शिफ्टिंग व मशीनें इंस्टाल का कार्य जारी है। वहीं प्रशासन मेडिकल कॉलेज के वर्चुअल शुभारंभ की तैयारियों में जुटा है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में शुक्रवार को मरीज फर्श पर बैठ कर अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे थे।
परिसर में बैठने के लिए काफी संख्या में कुर्सी रखी गई हैं। लेकिन चिकित्सकों की ओपीडी कक्ष के बाहर अभी कुर्सी शिफ्ट नहीं की गई हैं। इस कारण मरीजों को जमीन पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा ओपीडी कक्ष के बाहर चिकित्सकों से संबंधित सूचना भी नहीं लगाई गई है। इस कारण मरीज पूरा दिन पूछताछ करते हुए परिसर की गैलरियों में घूमते दिखे।
विज्ञापन
बता दें कि शुक्रवार को नए भवन में सामान्य रोग, चर्म रोग, बाल रोग, मनोरोग व हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी शुरू की गई। इसके अलावा फार्मेसी, लैब, इंजेक्शन व ईसीजी की सुविधा शुरू कर दी है। जल्दी ही नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के साथ ही कुल 15 विभागों की सेवाएं शुरू की जाएंगी। फिलहाल नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी नागरिक अस्पताल में चल रही है।
विज्ञापन
शुक्रवार को पहले दिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या एक हजार का आंकड़ा पार कर गई। लेकिन आधी-अधूरी सुविधाओं के साथ ओपीडी शुरू होने के कारण मरीज पूरा दिन भटकते रहे। पंजीकरण के लिए मरीजों को नए भवन में आना पड़ा। इसके बाद एक्सरे व अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में जाना पड़ा। मरीज रिसेप्शन पर पूछताछ कर पूरा दिन अस्पताल की गैलरियों में भटकते रहे। इसके अलावा मरीज दिनभर नागरिक अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के बीच का रास्ता नापते रहे।
जमीन पर बैठ कर मरीजों ने किया बारी आने का इंतजार
नए परिसर में ओपीडी कक्ष के बाहर कुर्सी लगाने का कार्य जारी है। लेकिन शुक्रवार को सिर्फ 20 मरीजों के बैठने की व्यवस्था थी। इस कारण ओपीडी में आने वाले मरीजों को जमीन पर बैठ कर अपना नंबर आने का इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में शुक्रवार को सबसे ज्यादा भीड़ सामान्य रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर रही। यहां मरीज जमीन पर बैठे हुए मिलें।
40 होमगार्ड को मिला है मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा का जिम्मा
हरियाणा पुलिस के 40 होमगार्ड को मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा में लगाया गया है। वहीं पूरा भवन सीसीटीवी कैमरे में कैद है। परिसर में स्थित ओपीडी विभाग की प्रवेश द्वार के पास हॉल में ही सीसीटीवी कैमरा कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां हरियाणा पुलिस के होमगार्ड की तैनाती की है। जो पूरा दिन बड़ी स्क्रीन पर अस्पताल में होने वाली गतिविधियों को देखता है। वहीं 14 अप्रैल तक सुरक्षा कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। फिलहाल रोहतक पीजीआई से 40 होमगार्ड यहां पहुंचे हैं।
पहले दिन मरीजों की संख्या एक हजार के पार
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में शुक्रवार को आने वाली मरीजों की संख्या एक हजार का आंकड़ा पार कर गई। ओपीडी विभाग में मरीजों के पंजीकरण के लिए बनाई गई 10 में से छह खिड़कियों पर कर्मचारी मौजूद रहे। पंजीकरण के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू नहीं होने के कारण मैनुअल तरीके से ही कर्मचारियों ने पंजीकरण किया।
फोटो : 17
शहर में नया मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहा है। इसके लिए खुशी है। लेकिन अभी सुधार की आवश्यकता है। पिछले कुछ दिनों से मेरे दादा के पैर में दर्द है। जांच करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। लेकिन डॉक्टर ने एक्सरे जांच करवाने के लिए बोला। एक्सरे जांच की सुविधा अभी नए भवन में शुरू नहीं की गई है। इस कारण दादा को एक बार नागरिक अस्पताल ले कर जाना पड़ा। इसके बाद रिपोर्ट दोबारा चैक करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज में आना पड़ा। इस तरह से बुजुर्गों व एक्सरे के मरीजों को अभी भाग दौड़ करनी पड़ रही है। इसके अलावा सभी सुविधाएं ठीक हैं।
- अशोक, मरीज।
फोटो : 11
मैं इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल में आया था। इसके बाद पंजीकरण करने के बाद मुझे 15 नंबर कक्ष में जाने के लिए बोला। लेकिन नया भवन होने के कारण पता ही नहीं चला कि कहां जाना है। इसके अलावा सभी सुविधाएं ठीक हैं।
-ओमपाल, मरीज।