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Bhiwani News: मंडियों में भराई के लिए बारदाने का इंतजार, लेबर की कमी से उठान धीमा
Tue, 03 Oct 2023 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 03 Oct 2023 11:18 PM IST
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भिवानी। मंडियों में खरीद के बाद भराई के लिए बारदाने का इंतजार है। जबकि ढुलाई लेबर की कमी के कारण मंडियों में उठान भी धीमा चल रहा है। अकेले भिवानी मंडी में अब तक 43 हजार क्विंटल बाजरा खरीद की कॉमर्शियल खरीद हो चुकी है। जबकि दो दिन बाद वेयर हाउस द्वारा एमएसपी पर किसानों के बाजरा खरीद की उम्मीद है। वहीं मंगलवार को 18 हजार कट्टों का उठान हुआ है।
भिवानी मंडी में 25 हजार कट्टों की भराई नहीं हो पाई है, क्योंकि आढ़तियों को बारदाना नहीं मिला है। भिवानी मंडी में ही करीब पांच हजार रजिस्टर्ड किसान अपना बाजरा कॉमर्शियल खरीद यानी 22 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेच चुके हैं, जिन्हें 300 रुपये खाते में भावांतर मिलेगा।
भिवानी जिले की 11 मंडियों में बाजरा की सरकारी खरीद शुरू की गई है। लेकिन अभी तक जिले की सिर्फ सात मंडियों में ही किसानों के बाजरा की सरकारी खरीद कराई जा रही है। इसमें जिला मुख्यालय और जूई मंडी में ही सबसे अधिक बाजरा खरीद हुई है। मंडियों में बाजरा की आवक तेज होने की वजह से जिला प्रशासन ने मंगलवार को मंडियों में बाजरा की खरीद बंद कर दी है। हालांकि कुछ किसान अपनी बाजरा की फसल लेकर मंडी में पहुंचे, जिन्हें गेट तो मिला मगर खरीद नहीं हुई।
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हैफेड की खरीद के बाद वेयर हाउस की खरीद के भी अभी तक सरकार की तरफ से निर्देश अधिकारियों को नहीं मिले हैं। मंडियों में किसानों के बाजरे की दो तरह से खरीद कराई जा रही है। फिलहाल हैफेड किसानों के बाजरा की काॅमर्शियल खरीद कर रही है। यानी किसानों को बाजार भाव 22 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकारी खरीदा जा रहा है जबकि उन किसानों के खाते में 300 रुपये बाद में भावांतर के मिलेंगे। सरकार ने 2500 रुपये प्रति क्विंटल बाजरा पर एमएसपी घोषित किया हुआ है।
वेयर हाउस की तरफ से एमएसपी पर खरीद होनी है। यानी किसानों के बाजरा खरीद पर उन्हें निर्धारित एमएसपी 2500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जाएगा। लेकिन अभी तक अधिकारियों की मानें तो एमएसपी की खरीद के लिए दो से तीन दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
270 गांवों के सात हजार 34 किसानों ने बेचा बाजरा
भिवानी जिले में अब तक 270 गांवों के सात हजार 34 रजिस्टर्ड किसान अपना बाजरा सरकार को बेच चुके हैं। अब तक जिले में 16492.05 मीट्रिक टन बाजरा की सरकारी खरीद हो चुकी है। इसमें से 6320.30 मीट्रिक टन बाजरा का उठान हो चुका है। जबकि 10171.75 मीट्रिक टन बाजरा उठान के लिए बाकी है। अब तक 38.32 फीसदी बाजरा ही मंडियों से उठान हो पाया है। जबकि रोजाना ही करीब आठ सौ से एक हजार किसान मंडियों में रोजाना ही बाजरा लेकर आ रहे हैं।
जरूरत के हिसाब से आढ़तियों को बारदाना मुहैया कराया जा रहा है। जिन जगहों पर बारदाना की कमी है वहां पर तत्काल प्रभाव से बारदाना दिया जा रहा है। फिलहाल मंडियों में हैफेड बाजरा की कॉमर्शियल सरकारी खरीद कर रही है। मंगलवार को मंडियों से बाजरे का उठान तेजी से कराया जा रहा है।
- राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।
फिलहाल मंडियों में हैफेड की कॉमर्शियल खरीद चल रही है। हमारे पास अभी तक एमएसपी खरीद की कोई सूचना नहीं आई है। जैसे ही निर्देश मिलेंगे मंडियों में बाजरा की एमएसपी पर खरीद शुरू करा देंगे।
-सुमित भारद्वाज, जिला प्रबंधक वेयर हाउस कारपोरेशन।
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भिवानी मंडी में 25 हजार कट्टों की भराई नहीं हो पाई है, क्योंकि आढ़तियों को बारदाना नहीं मिला है। भिवानी मंडी में ही करीब पांच हजार रजिस्टर्ड किसान अपना बाजरा कॉमर्शियल खरीद यानी 22 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेच चुके हैं, जिन्हें 300 रुपये खाते में भावांतर मिलेगा।
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भिवानी जिले की 11 मंडियों में बाजरा की सरकारी खरीद शुरू की गई है। लेकिन अभी तक जिले की सिर्फ सात मंडियों में ही किसानों के बाजरा की सरकारी खरीद कराई जा रही है। इसमें जिला मुख्यालय और जूई मंडी में ही सबसे अधिक बाजरा खरीद हुई है। मंडियों में बाजरा की आवक तेज होने की वजह से जिला प्रशासन ने मंगलवार को मंडियों में बाजरा की खरीद बंद कर दी है। हालांकि कुछ किसान अपनी बाजरा की फसल लेकर मंडी में पहुंचे, जिन्हें गेट तो मिला मगर खरीद नहीं हुई।
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हैफेड की खरीद के बाद वेयर हाउस की खरीद के भी अभी तक सरकार की तरफ से निर्देश अधिकारियों को नहीं मिले हैं। मंडियों में किसानों के बाजरे की दो तरह से खरीद कराई जा रही है। फिलहाल हैफेड किसानों के बाजरा की काॅमर्शियल खरीद कर रही है। यानी किसानों को बाजार भाव 22 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकारी खरीदा जा रहा है जबकि उन किसानों के खाते में 300 रुपये बाद में भावांतर के मिलेंगे। सरकार ने 2500 रुपये प्रति क्विंटल बाजरा पर एमएसपी घोषित किया हुआ है।
वेयर हाउस की तरफ से एमएसपी पर खरीद होनी है। यानी किसानों के बाजरा खरीद पर उन्हें निर्धारित एमएसपी 2500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जाएगा। लेकिन अभी तक अधिकारियों की मानें तो एमएसपी की खरीद के लिए दो से तीन दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
270 गांवों के सात हजार 34 किसानों ने बेचा बाजरा
भिवानी जिले में अब तक 270 गांवों के सात हजार 34 रजिस्टर्ड किसान अपना बाजरा सरकार को बेच चुके हैं। अब तक जिले में 16492.05 मीट्रिक टन बाजरा की सरकारी खरीद हो चुकी है। इसमें से 6320.30 मीट्रिक टन बाजरा का उठान हो चुका है। जबकि 10171.75 मीट्रिक टन बाजरा उठान के लिए बाकी है। अब तक 38.32 फीसदी बाजरा ही मंडियों से उठान हो पाया है। जबकि रोजाना ही करीब आठ सौ से एक हजार किसान मंडियों में रोजाना ही बाजरा लेकर आ रहे हैं।
जरूरत के हिसाब से आढ़तियों को बारदाना मुहैया कराया जा रहा है। जिन जगहों पर बारदाना की कमी है वहां पर तत्काल प्रभाव से बारदाना दिया जा रहा है। फिलहाल मंडियों में हैफेड बाजरा की कॉमर्शियल सरकारी खरीद कर रही है। मंगलवार को मंडियों से बाजरे का उठान तेजी से कराया जा रहा है।
- राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।
फिलहाल मंडियों में हैफेड की कॉमर्शियल खरीद चल रही है। हमारे पास अभी तक एमएसपी खरीद की कोई सूचना नहीं आई है। जैसे ही निर्देश मिलेंगे मंडियों में बाजरा की एमएसपी पर खरीद शुरू करा देंगे।
-सुमित भारद्वाज, जिला प्रबंधक वेयर हाउस कारपोरेशन।