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Bhiwani News: कानूनी दस्तावेज होने के बावजूद प्लाॅटों का कब्जा नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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प्लाटों पर कब्जा दिलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने गांव धनाना के ग्रामीण।
भिवानी। वर्ष 2011 में अलॉट किए गए 100-100 वर्ग गज के रिहायशी प्लाॅटों का कब्जा और मालिकाना हक नहीं मिलने से नाराज धनाना गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर जिला प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अलॉट किए गए प्लाॅटों पर कब्जा दिलाने और अवैध निर्माण हटाने की मांग की।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2011 में सरकार की योजना के तहत गांव धनाना के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लाॅट अलॉट किए गए थे। इन प्लाॅटों की रजिस्ट्री, इंतकाल और अन्य सभी कानूनी दस्तावेज आज भी उनके पास सुरक्षित हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो मालिकाना हक मिला है और न ही प्लाॅटों का भौतिक कब्जा दिया गया है।
ग्रामीण नीतू धनाना व अन्य महिलाओं ने कहा कि उनके पास वर्ष 2011 में अलॉट किए गए प्लाॅटों की रजिस्ट्री और इंतकाल मौजूद हैं लेकिन उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि पर अवैध रूप से गोशाला और अन्य निर्माण कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपनी ही जमीन के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया और अलॉट किए गए प्लाॅटों पर कब्जा नहीं दिलाया तो ग्रामीण आंदोलन तेज करेंगे। उनका कहना था कि यदि किसी प्रशासनिक कारण से मौजूदा भूमि पर कब्जा दिलाना संभव नहीं है तो वर्ष 2011 के नियमों के अनुसार गांव की किसी अन्य उपयुक्त पंचायती भूमि पर प्लाॅट आवंटित कर कब्जा दिया जाए।
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अलॉट हुए प्लाॅटों से अवैध कब्जा हटवाने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की कि वर्ष 2011 में धनाना गांव में अलॉट किए गए सभी 100-100 वर्ग गज के प्लाॅटों से तुरंत अवैध कब्जे हटाए जाए। रजिस्ट्री और इंतकाल जैसे कानूनी दस्तावेजों के आधार पर पात्र लाभार्थियों को उनके प्लाॅटों का भौतिक कब्जा दिलाया जाए। यदि विवादित भूमि पर कब्जा दिलाना संभव न हो तो गांव की किसी अन्य उपयुक्त पंचायती भूमि पर सभी प्रभावित लोगों को समान आकार के प्लाॅट आवंटित कर कब्जा सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि वे कई वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस अवसर पर ईश्वर, अमीर, अजय, मोनू, रायफल, जयबीर, सतबीर, मेजर रामेहर, कपिल, रजिमा, मीनू, सुमित्रा, अनिता, जीवनी, सुशीला, राजकुमारी, रोशनी और राजबाला सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2011 में सरकार की योजना के तहत गांव धनाना के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लाॅट अलॉट किए गए थे। इन प्लाॅटों की रजिस्ट्री, इंतकाल और अन्य सभी कानूनी दस्तावेज आज भी उनके पास सुरक्षित हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो मालिकाना हक मिला है और न ही प्लाॅटों का भौतिक कब्जा दिया गया है।
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ग्रामीण नीतू धनाना व अन्य महिलाओं ने कहा कि उनके पास वर्ष 2011 में अलॉट किए गए प्लाॅटों की रजिस्ट्री और इंतकाल मौजूद हैं लेकिन उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि पर अवैध रूप से गोशाला और अन्य निर्माण कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपनी ही जमीन के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया और अलॉट किए गए प्लाॅटों पर कब्जा नहीं दिलाया तो ग्रामीण आंदोलन तेज करेंगे। उनका कहना था कि यदि किसी प्रशासनिक कारण से मौजूदा भूमि पर कब्जा दिलाना संभव नहीं है तो वर्ष 2011 के नियमों के अनुसार गांव की किसी अन्य उपयुक्त पंचायती भूमि पर प्लाॅट आवंटित कर कब्जा दिया जाए।
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अलॉट हुए प्लाॅटों से अवैध कब्जा हटवाने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की कि वर्ष 2011 में धनाना गांव में अलॉट किए गए सभी 100-100 वर्ग गज के प्लाॅटों से तुरंत अवैध कब्जे हटाए जाए। रजिस्ट्री और इंतकाल जैसे कानूनी दस्तावेजों के आधार पर पात्र लाभार्थियों को उनके प्लाॅटों का भौतिक कब्जा दिलाया जाए। यदि विवादित भूमि पर कब्जा दिलाना संभव न हो तो गांव की किसी अन्य उपयुक्त पंचायती भूमि पर सभी प्रभावित लोगों को समान आकार के प्लाॅट आवंटित कर कब्जा सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि वे कई वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस अवसर पर ईश्वर, अमीर, अजय, मोनू, रायफल, जयबीर, सतबीर, मेजर रामेहर, कपिल, रजिमा, मीनू, सुमित्रा, अनिता, जीवनी, सुशीला, राजकुमारी, रोशनी और राजबाला सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।