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पानी की कमी दूर नहीं होने पर गांव से पलायन की चेतावनी दी
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पेयजल समस्या से परेशान गांव उमरावत के ग्रामीण सीटीएम को ज्ञापन सौंपते हुए।
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। खेतों में नहरी पानी न लगाने व गांव में पीने के पानी की समस्या को लेकर गांव उमरावत के ग्रामीणों ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई और उपायुक्त के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे गांव से पलायन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण मुकेश उमरावतिया, विक्रम कौशिक, राकेश, रविंद्र, महेश, राजेश, पुरुषोत्तम, रामनिवास, धर्मबीर, ओमदत्त, महेश ने बताया कि गांव में पिछले कई सालों से खेत के पानी की और पीने के पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कई सालों से गांव की नहर में पानी नहीं आ रहा और न ही गांव के जलघर में पीने का पानी आ रहा है। उन्होंने बताया कि नहरी पानी न आने से खेतों की भूमि बंजर होती जा रही है। बिना पानी के खेती को भी बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। हर साल किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
खरीदकर पी रहे पानी
ग्रामीणों ने कहा कि पूरे वर्ष में पीने के पानी के टैंकरों के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि गांव का हर व्यक्ति टैंकर से पानी नहीं मंगवा सकता, क्योंकि गांव में ज्यादातर लोग मेहनत मजदूरी करके अपने घर का गुजारा चलाते हैं। उन्होंने बताया कि पूरे साल में जल घर से एक या दो बार पानी आता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की।
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स्थायी समाधान करने की मांग
ग्रामीण मुकेश उमरावतिया ने कहा कि अगर उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे गांव से पलायन करने को मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रवीन, राजेश, श्रीभगवान, संदीप, नरेंद्र, राजकुमार, मोनू, कपिल, सहभान, सत्यनारायण, नरेंद्र, चमनलाल, राकेश, बेदन, काला मिस्त्री, दीपक, मोहन, अनूप, सत्यप्रकाश, प्रदीप व राजेश समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।
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ग्रामीण मुकेश उमरावतिया, विक्रम कौशिक, राकेश, रविंद्र, महेश, राजेश, पुरुषोत्तम, रामनिवास, धर्मबीर, ओमदत्त, महेश ने बताया कि गांव में पिछले कई सालों से खेत के पानी की और पीने के पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कई सालों से गांव की नहर में पानी नहीं आ रहा और न ही गांव के जलघर में पीने का पानी आ रहा है। उन्होंने बताया कि नहरी पानी न आने से खेतों की भूमि बंजर होती जा रही है। बिना पानी के खेती को भी बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। हर साल किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
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खरीदकर पी रहे पानी
ग्रामीणों ने कहा कि पूरे वर्ष में पीने के पानी के टैंकरों के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि गांव का हर व्यक्ति टैंकर से पानी नहीं मंगवा सकता, क्योंकि गांव में ज्यादातर लोग मेहनत मजदूरी करके अपने घर का गुजारा चलाते हैं। उन्होंने बताया कि पूरे साल में जल घर से एक या दो बार पानी आता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की।
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स्थायी समाधान करने की मांग
ग्रामीण मुकेश उमरावतिया ने कहा कि अगर उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे गांव से पलायन करने को मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रवीन, राजेश, श्रीभगवान, संदीप, नरेंद्र, राजकुमार, मोनू, कपिल, सहभान, सत्यनारायण, नरेंद्र, चमनलाल, राकेश, बेदन, काला मिस्त्री, दीपक, मोहन, अनूप, सत्यप्रकाश, प्रदीप व राजेश समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।