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बेलगाम चालक : ऑटो में ठूंस कर ढो रहे सवारियां
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ये है लापरवाही की सवारी, नियमों पर भी पड़ रही भारी....। ऑटो में क्षमता से अधिक सवारी लेकर जाता चालक। ?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। जिले में कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। ओमिक्रॉन संक्रमण के खतरे के बावजूद ऑटो रिक्शा में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं, जबकि नियम तीन सवारी बैठाने का है। वहीं, इन सवारियों से प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए 20 रुपये किराया वसूला जा रहा है।
प्रशासन ने कोविड नियमों के साथ-साथ किराये को लेकर भी ऑटो रिक्शा चालकों को सख्त हिदायतें दी हैं, मगर ऑटो रिक्शा चालक कोविड-19 नियमों के साथ-साथ इन आदेशों की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस का फोकस केवल सड़क पर दौड़ने वाले दुपहिया वाहन चालकों पर ही है, जबकि चौक चौराहे से सवारियों से खचाखच भरे ऑटो पर किसी भी पुलिस कर्मचारी की नजर नहीं जाती। ये ऑटो शहर के हर चौक चौराहे से धड़ल्ले से गुजर जाते हैं, जिन्हें रोकने की किसी की हिमाकत तक नहीं होती।
शहर में करीब साढ़े तीन हजार ऑटो रिक्शा दौड़ रहे हैं। इनमें से अधिकतर ऑटो तो सड़क पर चलने लायक तक नहीं हैं, क्योंकि वे एनजीटी के आदेश के अनुसार 10 साल से अधिक पुराने होने के कारण यहां चलाए ही नहीं जा सकते, लेकिन फिर भी ये धड़ल्ले से नियमों को तोड़ सड़क पर सरपट दौड़ लगा रहे हैं। ऑटो रिक्शा में अगर सवारियों की बात करें तो एक ऑटो में 20 से 22 सवारियां खचाखच भरी चल रही है। ऑटो में बैठे लोग भी मुंह पर मास्क तक का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। यह हाल शहर के हर चौक चौराहे पर आम देखा जा रहा है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस हर चौक चौराहे पर तैनात हैं। कोविड 19 महामारी के नई हिदायतों के अनुसार पुलिस बिना मास्क के चालान भी काट रही हैं, मगर ऑटो को रोककर सवारियां बैठाने और नियम तोड़ने का अभी तक कोई सवाल नहीं किया जा रहा है।
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रोडवेज बसों में भी आदेशों की नहीं परवाह...
मुंह पर मास्क और सामुदायिक दूरी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त आदेश दिए हैं, मगर इसके बावजूद सार्वजनिक स्थलों और रोडवेज बसों में भी नियमों की कोई परवाह नहीं कर रहा है। रोडवेज बसों में सवारियां सामान्य तौर पर बैठाई जा रही हैं अन्य निजी वाहनों में भी लोग बेपरवाह हैं।
ये हैं ऑटो रिक्शा में नियम
नियमों की अगर बात करें तो ऑटो रिक्शा में केवल तीन सवारियां ही बैठाई जा सकती हैं। इससे अधिक सवारियां बैठाने पर कार्रवाई का प्रावधान है। लेकिन ऑटो में चालक के दोनों तरफ भी अवैध रूप से सीट लगाई हुई हैं, जबकि पीछे पायदान पर भी लोगों को बैठाया जा रहा है। इस लिहाज से तीन सवारियों के ऑटो में 20 से 22 लोगों को लापरवाही का सफर कराया जा रहा है। पुलिस ने हाल ही में ऑटो रिक्शा चालकों के भी नियम तोड़ने पर कोई चालान नहीं किए हैं।
ऑटो रिक्शा पर ट्रैफिक पुलिस का फोकस किया जाएगा। पहले तो ऑटो वालों को समझाया जाएगा, अगर नहीं मानते हैं तो फिर उनके यातायात नियमों व कोविड-19 नियमों के तहत चालान किए जाएंगे। किराये को लेकर पहले ही आरटीए कार्यालय से विद्यार्थियों व सीनियर सिटीजन से दस रुपये और सामान्य सवारियों से 15 रुपये लेने का प्रावधान किया हुआ है। इसके लिए शिकायत आरटीए कार्यालय को दी जा सकती है। - सुभाषचंद, इंचार्ज, जिला यातायात पुलिस थाना भिवानी
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प्रशासन ने कोविड नियमों के साथ-साथ किराये को लेकर भी ऑटो रिक्शा चालकों को सख्त हिदायतें दी हैं, मगर ऑटो रिक्शा चालक कोविड-19 नियमों के साथ-साथ इन आदेशों की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस का फोकस केवल सड़क पर दौड़ने वाले दुपहिया वाहन चालकों पर ही है, जबकि चौक चौराहे से सवारियों से खचाखच भरे ऑटो पर किसी भी पुलिस कर्मचारी की नजर नहीं जाती। ये ऑटो शहर के हर चौक चौराहे से धड़ल्ले से गुजर जाते हैं, जिन्हें रोकने की किसी की हिमाकत तक नहीं होती।
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शहर में करीब साढ़े तीन हजार ऑटो रिक्शा दौड़ रहे हैं। इनमें से अधिकतर ऑटो तो सड़क पर चलने लायक तक नहीं हैं, क्योंकि वे एनजीटी के आदेश के अनुसार 10 साल से अधिक पुराने होने के कारण यहां चलाए ही नहीं जा सकते, लेकिन फिर भी ये धड़ल्ले से नियमों को तोड़ सड़क पर सरपट दौड़ लगा रहे हैं। ऑटो रिक्शा में अगर सवारियों की बात करें तो एक ऑटो में 20 से 22 सवारियां खचाखच भरी चल रही है। ऑटो में बैठे लोग भी मुंह पर मास्क तक का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। यह हाल शहर के हर चौक चौराहे पर आम देखा जा रहा है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस हर चौक चौराहे पर तैनात हैं। कोविड 19 महामारी के नई हिदायतों के अनुसार पुलिस बिना मास्क के चालान भी काट रही हैं, मगर ऑटो को रोककर सवारियां बैठाने और नियम तोड़ने का अभी तक कोई सवाल नहीं किया जा रहा है।
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रोडवेज बसों में भी आदेशों की नहीं परवाह...
मुंह पर मास्क और सामुदायिक दूरी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त आदेश दिए हैं, मगर इसके बावजूद सार्वजनिक स्थलों और रोडवेज बसों में भी नियमों की कोई परवाह नहीं कर रहा है। रोडवेज बसों में सवारियां सामान्य तौर पर बैठाई जा रही हैं अन्य निजी वाहनों में भी लोग बेपरवाह हैं।
ये हैं ऑटो रिक्शा में नियम
नियमों की अगर बात करें तो ऑटो रिक्शा में केवल तीन सवारियां ही बैठाई जा सकती हैं। इससे अधिक सवारियां बैठाने पर कार्रवाई का प्रावधान है। लेकिन ऑटो में चालक के दोनों तरफ भी अवैध रूप से सीट लगाई हुई हैं, जबकि पीछे पायदान पर भी लोगों को बैठाया जा रहा है। इस लिहाज से तीन सवारियों के ऑटो में 20 से 22 लोगों को लापरवाही का सफर कराया जा रहा है। पुलिस ने हाल ही में ऑटो रिक्शा चालकों के भी नियम तोड़ने पर कोई चालान नहीं किए हैं।
ऑटो रिक्शा पर ट्रैफिक पुलिस का फोकस किया जाएगा। पहले तो ऑटो वालों को समझाया जाएगा, अगर नहीं मानते हैं तो फिर उनके यातायात नियमों व कोविड-19 नियमों के तहत चालान किए जाएंगे। किराये को लेकर पहले ही आरटीए कार्यालय से विद्यार्थियों व सीनियर सिटीजन से दस रुपये और सामान्य सवारियों से 15 रुपये लेने का प्रावधान किया हुआ है। इसके लिए शिकायत आरटीए कार्यालय को दी जा सकती है। - सुभाषचंद, इंचार्ज, जिला यातायात पुलिस थाना भिवानी