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Bhiwani News: अनधिकृत रूप से बढ़ रहा शहर का दायरा, कहीं बिक रहे ढाई हजार तो कहीं साढ़े सात हजार रुपये में प्रति वर्गगज में प्लाॅट
Sat, 22 Feb 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:11 AM IST
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भिवानी। अनधिकृत रूप से लगातार शहरी दायरा बढ़ रहा है। कहीं पर ढाई हजार तो कहीं पर साढ़े सात हजार रुपये में प्रति वर्गगज प्लाॅट बेचे जा रहे हैं, जो अवैध कॉलोनी आबाद हो चुकी हैं, उनके अंदर तो प्लाॅट बिक्री करने वाले लाखों में बात कर रहे हैं।
खास बात यह भी है कि कृषि भूमि पर अवैध रूप से काटी गई इन अवैध कॉलोनियों के अंदर रास्ता, बिजली के खंभे लगाकर प्रॉपर्टी डीलर गरीब लोगों को सस्ता बसेरा बनाने के सब्जबाग भी दिखा रहे हैं। जिला नगर योजनाकार ने पिछले साल करीब 25 एकड़ भूमि पर अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की थी, जिनमें अब भी रह-रहकर निर्माण किए जा रहे हैं, जिन्हें फिलहाल नोटिस थमाया जा रहा है वहीं शहर के चारों तरफ करीब 30 एकड़ दायरे में नई अवैध कॉलोनियां भी काटी जा रही हैं, जिनके अंदर धड़ल्ले से लोगों को झांसे में लेकर प्लाॅट बेचे जा रहे हैं।
भिवानी शहर में करीब ढाई दशक से शहरी हद नहीं बढ़ी है। यही वजह है कि नगर परिषद की 35 अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने का मसौदा अब भी मुख्यालय में लंबित पड़ा है। जिस पर सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। हालांकि नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि इन कॉलोनियों के संबंध में दर्ज कराई गई सभी आपत्तियां अब दूर हो चुकी हैं, इसके बावजूद इन्हें अधिकृत नहीं किया है। इन कॉलोनियों के आसपास अब शहर से सटे गांवों की कृषि भूमि पर भूमाफिया की नजर जमी हैं। जिनके अंदर अब नई अवैध कॉलोनियां विकसित किए जाने के मंसूबों को अंजाम दिया जा रहा है।
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शहर से करीब पांच से सात किमी दूर खेतों में काटी जा रही इन कॉलोनियों तक पक्का रास्ता और बिजली के लिए खंभे भी खुद अवैध कॉलोनाइजर लगवा रहे हैं, ताकि यहां प्लाॅट खरीदने के लिए लोगों को रिझाया जा सके। लोग भी सस्ता प्लाॅट के चक्कर में इनके झांसे में आ रहे हैं। शहरी दायरे की इन अवैध कॉलोनियों के अंदर ढाई हजार रुपये प्रति वर्ग गज से लेकर साढ़े सात हजार प्रति वर्ग गज का कॉमन रेट तय है, लेकिन मलाईदार प्लाॅटों के लिए अवैध कॉलोनाइजर मनमाने दाम भी वसूल रहे हैं।
शहरी दायरे के बाहर इन हिस्सों में अस्तित्व में आ रही अवैध कॉलोनियां
शहर के लोहारू रोड, तोशाम बाईपास से देवसर रोड, रोहतक रोड, महम रोड, दादरी रोड, दिनोद रोड, हांसी रोड प्रेमनगर के आसपास भी काफी अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। इसी तरह शहर से मात्र पांच किमी दूर बापोड़ा रोड व तोशाम बाईपास शहरी दायरे से बाहर की हद में खेतों के अंदर प्लाॅट कट रहे हैं। अधिकांश कॉलोनियों के अंदर तो प्लाॅट बिक चुके हैं, ये प्लाट एग्रीमेंट पर ही बेचे जा रहे हैं, क्योंकि इन हिस्सों में भूमि रजिस्ट्री पर भी पाबंदी लगाई हुई है। लेकिन सांठगांठ से कुछ प्रतिबंधित दायर में भी चोरी छिपे भूमि की रजिस्ट्री नियमों को ताक पर रखकर की जा रही है।
अवैध रूप से बना रहे अनधिकृत कॉलोनियों तक रास्ता
अवैध रूप से काटी गई कॉलोनियों में लोगों को प्लाॅट बेचने के लिए कॉलोनाइजर रास्ता भी खुद ही बनवा रहे हैं। पिछले दिनों तोशाम बाईपास से देवसर संपर्क मार्ग पर घोड़ा पुलिया की अनुमति के नाम पर अवैध पुल तैयार किया जा रहा था। जिसे सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों ने रुकवा दिया था। इसके बावजूद कई ऐसे हिस्से हैं। जहां हरित पट्टी पर भी अवैध रूप से रास्ते या फिर अनधिकृत निर्माण किए जा रहे हैं।
शहरी हद से बाहर किसी भी तरह की अवैध कॉलोनी या हरित पट्टी पर अतिक्रमण की सूचना मिलने पर तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। फरवरी माह में नगर योजनाकार विभाग की टीम ने करीब साढ़े 12 एकड़ दायरे में अवैध कॉलोनी काटने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा भी विभाग की तरफ से इस तरह की अवैध गतिविधियों के संबंध में नोटिस जारी किए हुए हैं। आम जन से भी अनुरोध किया जा रहा है कि अवैध कॉलोनियों में प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में न आएं और अवैध कालोनियों में प्लॉट न खरीदे। सड़क से 30 मीटर दायरे की हरित पट्टी पर किसी भी तरह का अतिक्रमण तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा।
-नवीन कुमार जिला नगर योजनाकार भिवानी।
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खास बात यह भी है कि कृषि भूमि पर अवैध रूप से काटी गई इन अवैध कॉलोनियों के अंदर रास्ता, बिजली के खंभे लगाकर प्रॉपर्टी डीलर गरीब लोगों को सस्ता बसेरा बनाने के सब्जबाग भी दिखा रहे हैं। जिला नगर योजनाकार ने पिछले साल करीब 25 एकड़ भूमि पर अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की थी, जिनमें अब भी रह-रहकर निर्माण किए जा रहे हैं, जिन्हें फिलहाल नोटिस थमाया जा रहा है वहीं शहर के चारों तरफ करीब 30 एकड़ दायरे में नई अवैध कॉलोनियां भी काटी जा रही हैं, जिनके अंदर धड़ल्ले से लोगों को झांसे में लेकर प्लाॅट बेचे जा रहे हैं।
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भिवानी शहर में करीब ढाई दशक से शहरी हद नहीं बढ़ी है। यही वजह है कि नगर परिषद की 35 अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने का मसौदा अब भी मुख्यालय में लंबित पड़ा है। जिस पर सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। हालांकि नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि इन कॉलोनियों के संबंध में दर्ज कराई गई सभी आपत्तियां अब दूर हो चुकी हैं, इसके बावजूद इन्हें अधिकृत नहीं किया है। इन कॉलोनियों के आसपास अब शहर से सटे गांवों की कृषि भूमि पर भूमाफिया की नजर जमी हैं। जिनके अंदर अब नई अवैध कॉलोनियां विकसित किए जाने के मंसूबों को अंजाम दिया जा रहा है।
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शहर से करीब पांच से सात किमी दूर खेतों में काटी जा रही इन कॉलोनियों तक पक्का रास्ता और बिजली के लिए खंभे भी खुद अवैध कॉलोनाइजर लगवा रहे हैं, ताकि यहां प्लाॅट खरीदने के लिए लोगों को रिझाया जा सके। लोग भी सस्ता प्लाॅट के चक्कर में इनके झांसे में आ रहे हैं। शहरी दायरे की इन अवैध कॉलोनियों के अंदर ढाई हजार रुपये प्रति वर्ग गज से लेकर साढ़े सात हजार प्रति वर्ग गज का कॉमन रेट तय है, लेकिन मलाईदार प्लाॅटों के लिए अवैध कॉलोनाइजर मनमाने दाम भी वसूल रहे हैं।
शहरी दायरे के बाहर इन हिस्सों में अस्तित्व में आ रही अवैध कॉलोनियां
शहर के लोहारू रोड, तोशाम बाईपास से देवसर रोड, रोहतक रोड, महम रोड, दादरी रोड, दिनोद रोड, हांसी रोड प्रेमनगर के आसपास भी काफी अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। इसी तरह शहर से मात्र पांच किमी दूर बापोड़ा रोड व तोशाम बाईपास शहरी दायरे से बाहर की हद में खेतों के अंदर प्लाॅट कट रहे हैं। अधिकांश कॉलोनियों के अंदर तो प्लाॅट बिक चुके हैं, ये प्लाट एग्रीमेंट पर ही बेचे जा रहे हैं, क्योंकि इन हिस्सों में भूमि रजिस्ट्री पर भी पाबंदी लगाई हुई है। लेकिन सांठगांठ से कुछ प्रतिबंधित दायर में भी चोरी छिपे भूमि की रजिस्ट्री नियमों को ताक पर रखकर की जा रही है।
अवैध रूप से बना रहे अनधिकृत कॉलोनियों तक रास्ता
अवैध रूप से काटी गई कॉलोनियों में लोगों को प्लाॅट बेचने के लिए कॉलोनाइजर रास्ता भी खुद ही बनवा रहे हैं। पिछले दिनों तोशाम बाईपास से देवसर संपर्क मार्ग पर घोड़ा पुलिया की अनुमति के नाम पर अवैध पुल तैयार किया जा रहा था। जिसे सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों ने रुकवा दिया था। इसके बावजूद कई ऐसे हिस्से हैं। जहां हरित पट्टी पर भी अवैध रूप से रास्ते या फिर अनधिकृत निर्माण किए जा रहे हैं।
शहरी हद से बाहर किसी भी तरह की अवैध कॉलोनी या हरित पट्टी पर अतिक्रमण की सूचना मिलने पर तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। फरवरी माह में नगर योजनाकार विभाग की टीम ने करीब साढ़े 12 एकड़ दायरे में अवैध कॉलोनी काटने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा भी विभाग की तरफ से इस तरह की अवैध गतिविधियों के संबंध में नोटिस जारी किए हुए हैं। आम जन से भी अनुरोध किया जा रहा है कि अवैध कॉलोनियों में प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में न आएं और अवैध कालोनियों में प्लॉट न खरीदे। सड़क से 30 मीटर दायरे की हरित पट्टी पर किसी भी तरह का अतिक्रमण तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा।
-नवीन कुमार जिला नगर योजनाकार भिवानी।