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Bhiwani: जूई नहर में डूबने से दो युवाओं की मौत, दीपक की शादी हो चुकी थी तय, धर्मेंद्र था बूढ़े पिता का सहारा
Tue, 16 May 2023 11:29 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 16 May 2023 11:29 PM IST
सार
भिवानी में लोहानी के समीप जूई नहर की घटना है। युवक आसलवास में ईंटों की ट्रॉली खाली करके लौट रहे थे। पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाला।
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घटना के बारे में अक्षय से जानकारी लेते जूई कलां पुलिस थाना प्रभारी एसआई सतीश कुमार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के भिवानी के गांव आसलवास में ईंटों की ट्रॉली खाली करके आ रहे तीन युवा लोहानी के समीप जूई नहर में डूब गए। डूबने से दो युवाओं की मौत हो गई, जबकि तीसरे को नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां उसका स्वास्थ्य खतरे से बाहर बताया जा रहा है। मृतकों की पहचान गांव दिनोद निवासी दीपक (26) उर्फ मोनू और भिवानी दादरी गेट ढाणा रोड निवासी धर्मेंद्र (17) के रूप में हुई है।
सूचना मिलने पर जूई कलां थाना से पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। बुधवार को शव की पोस्टमार्टम कार्रवाई की जाएगी। दिनोद निवासी अक्षय, दीपक, सतेंद्र, बापोड़ा निवासी मोनू और ढाणा रोड निवासी धर्मेंद्र बापोड़ा से ईंट से भरी ट्रॉली को लेकर गांव आसलवास गए थे।
दोपहर करीब पौने चार बजे सभी ट्रैक्टर पर सवार होकर भिवानी की तरफ आ रहे थे। उसी दौरान उन्होंने ट्रैक्टर को लोहानी नहर पुल के समीप रोक लिया। ट्रैक्टर सवार अक्षय ने बताया कि वह, मोनू, सतेंद्र कुछ समय के लिए ट्रैक्टर से दूर खेतों की तरफ चले गए थे।
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जब वे वापस आए तो धमेंद्र, दीपक नहर में डूब गए थे। उन्हें बचाने के लिए मोनू नहर में कूद गया। जबकि मोनू को तैरना नहीं आता था। मोनू को अक्षय और सतेंद्र ने बाहर निकाला। दीपक और धर्मेंद्र के नहीं मिलने पर इस बारे में सूचना राहगीरों व पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाला। पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया।
दीपक की शादी थी तय, धर्मेंद्र था बूढ़े पिता का सहारा
मृतक दीपक के भाई रामनिवास ने बताया कि वे पांच भाई थे। उनमें से दीपक सबसे छोटा था और अविवाहित था। दीपक पेंट करने का काम करता था। साथ ही में ईंट भट्ठा पर भी काम करता था। दीपक और दीपक के भतीजे अक्षय की शादी तय की हुई थी। लेकिन शादी के अभी तारीख तय नहीं की थी, जल्द ही आगामी एक दो माह के अंदर उनकी शादी करने की योजना थी। लेकिन इस घटना से पूरे परिवार की खुशियों के रंग में भंग पड़ गया।
धर्मेंद्र था बूढ़े पिता का सहारा
मृतक धर्मेंद्र के पिता बबली ने बताया कि उसके तीन लड़के हैं। धर्मेंद्र सबसे बड़ा था और ईंट-भट्ठे पर काम करता था। जबकि उसके दो बच्चे छोटे हैं। बुजुर्ग होने के कारण धर्मेंद्र ही उसका सहारा था। इस घटना ने उससे आंखों का तारा के साथ सहारा भी छीन लिया।
दो युवाओं की नहर में डूबने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शवों को नहर से बाहर निकाला। शवों का पोस्टमार्टम बुधवार को करवाया जाएगा। मृतक ईंट भट्ठा पर काम करते थे। -सतीश कुमार, एसआई प्रभारी जूई कलां, पुलिस थाना।
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सूचना मिलने पर जूई कलां थाना से पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। बुधवार को शव की पोस्टमार्टम कार्रवाई की जाएगी। दिनोद निवासी अक्षय, दीपक, सतेंद्र, बापोड़ा निवासी मोनू और ढाणा रोड निवासी धर्मेंद्र बापोड़ा से ईंट से भरी ट्रॉली को लेकर गांव आसलवास गए थे।
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दोपहर करीब पौने चार बजे सभी ट्रैक्टर पर सवार होकर भिवानी की तरफ आ रहे थे। उसी दौरान उन्होंने ट्रैक्टर को लोहानी नहर पुल के समीप रोक लिया। ट्रैक्टर सवार अक्षय ने बताया कि वह, मोनू, सतेंद्र कुछ समय के लिए ट्रैक्टर से दूर खेतों की तरफ चले गए थे।
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जब वे वापस आए तो धमेंद्र, दीपक नहर में डूब गए थे। उन्हें बचाने के लिए मोनू नहर में कूद गया। जबकि मोनू को तैरना नहीं आता था। मोनू को अक्षय और सतेंद्र ने बाहर निकाला। दीपक और धर्मेंद्र के नहीं मिलने पर इस बारे में सूचना राहगीरों व पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाला। पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया।
दीपक की शादी थी तय, धर्मेंद्र था बूढ़े पिता का सहारा
मृतक दीपक के भाई रामनिवास ने बताया कि वे पांच भाई थे। उनमें से दीपक सबसे छोटा था और अविवाहित था। दीपक पेंट करने का काम करता था। साथ ही में ईंट भट्ठा पर भी काम करता था। दीपक और दीपक के भतीजे अक्षय की शादी तय की हुई थी। लेकिन शादी के अभी तारीख तय नहीं की थी, जल्द ही आगामी एक दो माह के अंदर उनकी शादी करने की योजना थी। लेकिन इस घटना से पूरे परिवार की खुशियों के रंग में भंग पड़ गया।
धर्मेंद्र था बूढ़े पिता का सहारा
मृतक धर्मेंद्र के पिता बबली ने बताया कि उसके तीन लड़के हैं। धर्मेंद्र सबसे बड़ा था और ईंट-भट्ठे पर काम करता था। जबकि उसके दो बच्चे छोटे हैं। बुजुर्ग होने के कारण धर्मेंद्र ही उसका सहारा था। इस घटना ने उससे आंखों का तारा के साथ सहारा भी छीन लिया।
दो युवाओं की नहर में डूबने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शवों को नहर से बाहर निकाला। शवों का पोस्टमार्टम बुधवार को करवाया जाएगा। मृतक ईंट भट्ठा पर काम करते थे। -सतीश कुमार, एसआई प्रभारी जूई कलां, पुलिस थाना।