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Bhiwani News: एक बेड पर लेटे मिले दो मरीज, 24 घंटे पहले दाखिल लोगों और आयुष्मान के लाभार्थियों का डाटा नहीं मिला अपडेट
Mon, 16 Oct 2023 11:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 16 Oct 2023 11:34 AM IST
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नागरिक अस्पताल के आपातकालिन विभाग में निरीक्षण के दौरान पाई खामियों के चलते ड्यूटी पर तैनात स्
भिवानी। नागरिक अस्पताल और आपात विभाग में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं की जांच के लिए रविवार दोपहर को सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने आपात विभाग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएमओ को आपात वार्ड में कई खामियां मिलीं, जिस पर उन्होंने वहां तैनात स्टाफ को भी लताड़ा और कार्य प्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। वहीं खामियों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
रविवार दोपहर को नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने निरीक्षण किया। इस दौरान आपात विभाग में एक बेड पर दो मरीज लेटे हुए मिले। जिस पर सीएमओ ने मरीज की स्थिति थोड़ी बेहतर होने पर उसे वार्ड में शिफ्ट किए जाने के निर्देश दिए। इसी तरह आपात विभाग में डेंगू और बुखार से पीड़ित मरीजों के पास मच्छरदानी नहीं मिली। जबकि विभाग के आदेशानुसार बुखार के मरीजों के बेड पर मच्छरदानी आवश्यक है। आपात विभाग में दाखिल आयुष्मान लाभार्थियों के एडमिट कार्ड पर भी नो ऑप्शन पर टिक किया हुआ मिला, जबकि फाइल के अंदर आयुष्मान लाभार्थी के दस्तावेज मिले। जिस पर सीएमओ ने स्टाफ को पहले तो ऐसा नहीं करने के प्रति चेताया और फिर बताया कि वे आयुष्मान लाभार्थी की फाइल पर इसकी मोहर लगाए।
वहीं निरीक्षण के दौरान आपात विभाग के गेट पर तैनात गार्ड मोबाइल में वीडियो देखने में व्यस्त मिले। जबकि आपात विभाग की पर्ची काउंटर के पास वाहनों की अनधिकृत पार्किंग की हुई थी। इस पर सीएमओ ने उन कर्मचारियों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा वहीं आपात विभाग के गेट व इसके आसपास वाहन पार्किंग नहीं होने देने की चेतावनी दी।
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अब थ्री टायर सिस्टम से होगी आयुष्मान लाभार्थी की जांच
सीएमओ ने आपात विभाग व वार्डों में इलाज करा रहे आयुष्मान लाभार्थियों के संबंध में अब थ्री टायर सिस्टम से जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए शुक्रवार और शनिवार को स्टाफ को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। आयुष्मान लाभार्थी का टीएमएस (ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम) किया जाएगा। इसके लिए स्टाफ के मोबाइल फोन में भी एप डाउनलोड कराया गया है। जिसके जरिए दाखिल मरीज का सबसे पहले आयुष्मान मित्र परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड से लाभार्थी को लिस्ट में जांचेगा। जिसके बाद एमएलसी डॉटा एंट्री ऑपरेटर मरीज के पास जाकर उसकी लाभार्थी लिस्ट में जांच करेगा। तीसरे स्तर पर वार्ड की स्टाफ नर्स मरीज के आयुष्मान भारत श्रेणी में होने पर उसे पीएमएस कराएगी। जिसके बाद उस मरीज का रिकॉर्ड अपलोड कर उसकी जानकारी अपडेट की जाएगी।
आपात विभाग के निरीक्षण में कई खामियां मिली हैं, जिनके संबंध में पीएमओ को पत्र लिखा जाएगा। वहीं डेंगू और बुखार के मरीजों को मच्छरदानी मुहैया कराए जाने और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को लिस्टिड करने के लिए भी स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं। जिनकी ट्रेनिंग भी उन्हें दी जा चुकी है। जिन कर्मचारियों के कार्य में कोताही मिली है, उनके संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।
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रविवार दोपहर को नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने निरीक्षण किया। इस दौरान आपात विभाग में एक बेड पर दो मरीज लेटे हुए मिले। जिस पर सीएमओ ने मरीज की स्थिति थोड़ी बेहतर होने पर उसे वार्ड में शिफ्ट किए जाने के निर्देश दिए। इसी तरह आपात विभाग में डेंगू और बुखार से पीड़ित मरीजों के पास मच्छरदानी नहीं मिली। जबकि विभाग के आदेशानुसार बुखार के मरीजों के बेड पर मच्छरदानी आवश्यक है। आपात विभाग में दाखिल आयुष्मान लाभार्थियों के एडमिट कार्ड पर भी नो ऑप्शन पर टिक किया हुआ मिला, जबकि फाइल के अंदर आयुष्मान लाभार्थी के दस्तावेज मिले। जिस पर सीएमओ ने स्टाफ को पहले तो ऐसा नहीं करने के प्रति चेताया और फिर बताया कि वे आयुष्मान लाभार्थी की फाइल पर इसकी मोहर लगाए।
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वहीं निरीक्षण के दौरान आपात विभाग के गेट पर तैनात गार्ड मोबाइल में वीडियो देखने में व्यस्त मिले। जबकि आपात विभाग की पर्ची काउंटर के पास वाहनों की अनधिकृत पार्किंग की हुई थी। इस पर सीएमओ ने उन कर्मचारियों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा वहीं आपात विभाग के गेट व इसके आसपास वाहन पार्किंग नहीं होने देने की चेतावनी दी।
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अब थ्री टायर सिस्टम से होगी आयुष्मान लाभार्थी की जांच
सीएमओ ने आपात विभाग व वार्डों में इलाज करा रहे आयुष्मान लाभार्थियों के संबंध में अब थ्री टायर सिस्टम से जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए शुक्रवार और शनिवार को स्टाफ को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। आयुष्मान लाभार्थी का टीएमएस (ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम) किया जाएगा। इसके लिए स्टाफ के मोबाइल फोन में भी एप डाउनलोड कराया गया है। जिसके जरिए दाखिल मरीज का सबसे पहले आयुष्मान मित्र परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड से लाभार्थी को लिस्ट में जांचेगा। जिसके बाद एमएलसी डॉटा एंट्री ऑपरेटर मरीज के पास जाकर उसकी लाभार्थी लिस्ट में जांच करेगा। तीसरे स्तर पर वार्ड की स्टाफ नर्स मरीज के आयुष्मान भारत श्रेणी में होने पर उसे पीएमएस कराएगी। जिसके बाद उस मरीज का रिकॉर्ड अपलोड कर उसकी जानकारी अपडेट की जाएगी।
आपात विभाग के निरीक्षण में कई खामियां मिली हैं, जिनके संबंध में पीएमओ को पत्र लिखा जाएगा। वहीं डेंगू और बुखार के मरीजों को मच्छरदानी मुहैया कराए जाने और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को लिस्टिड करने के लिए भी स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं। जिनकी ट्रेनिंग भी उन्हें दी जा चुकी है। जिन कर्मचारियों के कार्य में कोताही मिली है, उनके संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।