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तेज धमाका हुआ और पल भर में छा गई खामोशी : बिजली गिरने से भिवानी के गांव देवसर में दो किसानों की मौत
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गांव देवसर में बिजली गिरने की घटना के बाद नागरिक अस्पताल में लगी ग्रामीणों की भीड़। संवाद
- फोटो : Bhiwani
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नवनीत शर्मा
भिवानी। एक तेज धमाका हुआ और पल भर में ही खामोशी छा गई। किसी के सिर से पिता का साया उठ गया तो किसी के घर कोई कमाने वाला नहीं बचा। गांव देवसर में मंगलवार दोपहर बाद अचानक बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई। ये दोनों गांव में खेतीबाड़ी करने के साथ-साथ पशुपालक भी थे। बिजली गिरने से 56 वर्षीय किसान रणधीर की मौत हो गई। मृतक रणधीर दो बच्चों का पिता था। उसका बेटा संदीप भी अपने पिता का खेतीबाड़ी में हाथ बटा रहा था। उसकी एक बेटी भी है। 38 वर्षीय रवीद्र दो बेटों का पिता था। उसका बड़ा बेटा दस वर्षीय सर्वोत्तम, आठ वर्षीय मोहित है। ये दोनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। रवींद्र खेतीबाड़ी कर परिवार का गुजर बसर करता था। एक धमाके से उसकी गृहस्थी उजड़ गई।
नागरिक अस्पताल में बिजली गिरने की घटना के चश्मदीद रहे रामफल ने बताया कि रवींद्र, रणधीर दोनों एक साथ खड़े थे। वह शगुन, ओमप्रकाश और धनपत के साथ उनसे थोड़ी दूरी पर खड़े थे। बारिश आ रही थी और बिजली कड़कने की भी डरावनी आवाजें आ रही थीं। इसी दौरान तेज चमक और धमाका हुआ। उन्हें कुछ दिखाई देता इससे पहले रवींद्र और रणधीर जमीन पर बेसुध पड़े थे। वे उनकी तरफ दौड़े और उन्हें संभाला तो उनकी मौत हो चुकी थी। बाद में ग्रामीणों को इस हादसे की जानकारी मिली तो गांव के दर्जनों लोग खेतों की तरफ दौड़ पड़े। सभी को नागरिक अस्पताल लाया गया। रामफल ने बताया कि उसने इससे पहले इतना डरावना हादसा नहीं देखा। वे समझ भी नहीं पाए कि अचानक ही बिजली उनके गांव के दो लोगों की जान ले लेगी।
आपात विभाग में भी मच गई हड़बड़ी
नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में अचानक ही गांव देवसर से एक साथ कई लोगों को लेकर पहुंचे तो वहां पर तैनात स्टाफ में भी हड़बड़ी मच गई। ग्रामीण चिल्ला रहे थे संभालो संभालो। स्वास्थ्य कर्मी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही माइनर ओटी में ग्रामीणों की भीड़ घुस गई। वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने ग्रामीणों को संभाला और बिजली गिरने से प्रभावित ग्रामीणों का इलाज शुरू हुआ। आपातकालीन विभाग में ड्यूटी दे रहीं डॉ. अंकिता अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार शाम को अचानक मरीजों के साथ काफी लोग पहुंचे थे। बिजली गिरने से दो लोगों को यहां लाया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
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हादसे की प्रशासन ने भी जुटाई जानकारी
गांव देवसर में बिजली गिरने से दो किसानों की मौत मामले की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों तक भी पहुंची। जिला प्रशासन के अधिकारी इस संबंध में जानकारी जुटाने में लग गए। नागरिक अस्पताल में देर शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। हालांकि जूईकलां पुलिस थाना एसएचओ परिजनों से मामले की जानकारी जुटाते रहे।
पूरे गांव में छा गया मातम
देवसर निवासी संजय देवसरिया, पूर्व सरपंच जसवंत सिंह ने बताया कि इस हादसे से पूरे गांव में मातम छा गया है। उन्होंने बताया कि करीब चार साल पहले भी बिजली गिरी थी, लेकिन उस समय किसी की जान नहीं गई थी। इस दुखद हादसे ने गांव के सभी लोगों को झकझोर दिया है। जिला प्रशासन से भी मृतक किसानों के परिजनों से हर संभव मदद किए जाने की मांग की गई है। (संवाद)
बुधवार को होगा पोस्टमार्टम
गांव देवसर में बिजली गिरने की वजह से दो लोगों की मौत की सूचना मिली थी। मैं अपनी टीम के साथ मौके पर आया हूं। फिलहाल हादसे में प्रभावित लोगों का चेकअप कराया जा रहा है। वहीं बुधवार को मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई होगी।
-सतपाल सिंह, एसएचओ, जूईकलां पुलिस थाना।
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भिवानी। एक तेज धमाका हुआ और पल भर में ही खामोशी छा गई। किसी के सिर से पिता का साया उठ गया तो किसी के घर कोई कमाने वाला नहीं बचा। गांव देवसर में मंगलवार दोपहर बाद अचानक बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई। ये दोनों गांव में खेतीबाड़ी करने के साथ-साथ पशुपालक भी थे। बिजली गिरने से 56 वर्षीय किसान रणधीर की मौत हो गई। मृतक रणधीर दो बच्चों का पिता था। उसका बेटा संदीप भी अपने पिता का खेतीबाड़ी में हाथ बटा रहा था। उसकी एक बेटी भी है। 38 वर्षीय रवीद्र दो बेटों का पिता था। उसका बड़ा बेटा दस वर्षीय सर्वोत्तम, आठ वर्षीय मोहित है। ये दोनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। रवींद्र खेतीबाड़ी कर परिवार का गुजर बसर करता था। एक धमाके से उसकी गृहस्थी उजड़ गई।
नागरिक अस्पताल में बिजली गिरने की घटना के चश्मदीद रहे रामफल ने बताया कि रवींद्र, रणधीर दोनों एक साथ खड़े थे। वह शगुन, ओमप्रकाश और धनपत के साथ उनसे थोड़ी दूरी पर खड़े थे। बारिश आ रही थी और बिजली कड़कने की भी डरावनी आवाजें आ रही थीं। इसी दौरान तेज चमक और धमाका हुआ। उन्हें कुछ दिखाई देता इससे पहले रवींद्र और रणधीर जमीन पर बेसुध पड़े थे। वे उनकी तरफ दौड़े और उन्हें संभाला तो उनकी मौत हो चुकी थी। बाद में ग्रामीणों को इस हादसे की जानकारी मिली तो गांव के दर्जनों लोग खेतों की तरफ दौड़ पड़े। सभी को नागरिक अस्पताल लाया गया। रामफल ने बताया कि उसने इससे पहले इतना डरावना हादसा नहीं देखा। वे समझ भी नहीं पाए कि अचानक ही बिजली उनके गांव के दो लोगों की जान ले लेगी।
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आपात विभाग में भी मच गई हड़बड़ी
नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में अचानक ही गांव देवसर से एक साथ कई लोगों को लेकर पहुंचे तो वहां पर तैनात स्टाफ में भी हड़बड़ी मच गई। ग्रामीण चिल्ला रहे थे संभालो संभालो। स्वास्थ्य कर्मी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही माइनर ओटी में ग्रामीणों की भीड़ घुस गई। वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने ग्रामीणों को संभाला और बिजली गिरने से प्रभावित ग्रामीणों का इलाज शुरू हुआ। आपातकालीन विभाग में ड्यूटी दे रहीं डॉ. अंकिता अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार शाम को अचानक मरीजों के साथ काफी लोग पहुंचे थे। बिजली गिरने से दो लोगों को यहां लाया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
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हादसे की प्रशासन ने भी जुटाई जानकारी
गांव देवसर में बिजली गिरने से दो किसानों की मौत मामले की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों तक भी पहुंची। जिला प्रशासन के अधिकारी इस संबंध में जानकारी जुटाने में लग गए। नागरिक अस्पताल में देर शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। हालांकि जूईकलां पुलिस थाना एसएचओ परिजनों से मामले की जानकारी जुटाते रहे।
पूरे गांव में छा गया मातम
देवसर निवासी संजय देवसरिया, पूर्व सरपंच जसवंत सिंह ने बताया कि इस हादसे से पूरे गांव में मातम छा गया है। उन्होंने बताया कि करीब चार साल पहले भी बिजली गिरी थी, लेकिन उस समय किसी की जान नहीं गई थी। इस दुखद हादसे ने गांव के सभी लोगों को झकझोर दिया है। जिला प्रशासन से भी मृतक किसानों के परिजनों से हर संभव मदद किए जाने की मांग की गई है। (संवाद)
बुधवार को होगा पोस्टमार्टम
गांव देवसर में बिजली गिरने की वजह से दो लोगों की मौत की सूचना मिली थी। मैं अपनी टीम के साथ मौके पर आया हूं। फिलहाल हादसे में प्रभावित लोगों का चेकअप कराया जा रहा है। वहीं बुधवार को मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई होगी।
-सतपाल सिंह, एसएचओ, जूईकलां पुलिस थाना।

बिजली गिरने से घायल हुआ गांव देवसर निवासी रामफल। संवाद- फोटो : Bhiwani