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Bhiwani News: पांच साल पहले जिमखाना निर्माण पर खर्चे दो करोड़, अब बना पशुओं का तबेला
Sat, 23 Sep 2023 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 23 Sep 2023 11:26 PM IST
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भिवानी। शहर के पॉश इलाके सेक्टर 13 और 23 के लोगों की सेहत तंदुरुस्त रखने के मकसद से पांच साल पहले जिमखाना का निर्माण शुरू हुआ। करीब दो करोड़ का बजट भी इस पर खर्च कर डाला। मगर काम पूरा नहीं हुआ। अब तीन करोड़ का एस्टीमेट एचएसबीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के अधिकारियों ने मुख्यालय को भेजा है।
कई महीनों से धूल फांक रही बजट की फाइल को मंजूरी नहीं मिली है। अधर में लटके जिमखाने का नया भवन भी खंडहर की शक्ल लेने लगा है। इसके अंदर लावारिस घूम रहे पशु दिनभर आराम फरमाते हैं, जिससे की ये तबेले के तौर पर बदल चुका है।
भिवानी के सेक्टर 13 रोड स्थित जिमखाना निर्माण के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने शुरुआत में इस पर करीब दो करोड़ का बजट से काम शुरू कराया। लेकिन ये कार्य कभी छह माह तो कभी चार माह चलता और फिर बंद हो जाता। इस तरह से कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी लंबे अर्से से यहां काम बंद पड़ा रहा।
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अधिकारियों ने इसकी वजह बजट नहीं होना बताया। कभी थोड़ा बजट आता तो उस पर कुछ महीने ही यहां काम चलता और फिर बंद हो जाता। जिमखाना भवन का बाहरी ढांचा लगभग तैयार हो गया और अंदर के ढांचे ने भी काफी हद तक प्रारूप ले लिया। मगर काम अब साल भर से बंद पड़ा है।
जिमखाना के बाहर कोई गेट तक नहीं है। जिस कारण यहां पास के खाली मैदान में घास चरने आ रहे खच्चर और लावारिस पशु तेज धूप से बचने के लिए यहां दिनभर अंदर बैठकर आराम फरमाते हैं। ये लावारिस पशु यहां गंदगी भी फैलाते हैं। जिमखाना के नए भवन की हालत यहां पशुओं के तबेले जैसी हो चुकी है। क्योंकि यहां इसकी देखभाल और रखरखाव करने वाला भी कोई नहीं है। ऐसे में यहां का अधिकांश सामान तो चोरी भी हो चुका है। जिसकी भी अभी तक किसी ने कोई सुध तक नहीं ली है।
सेक्टर के जिमखाना का काम बीच में ही रुका हुआ है। इसका अब नए सिरे से करीब तीन करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय को भेजा हुआ है। जैसे ही बजट को मंजूरी मिलेगी तुरंत प्रभाव से जिमखाना का काम शुरू करा दिया जाएगा।
-धर्मबीर सिंह, एसडीओ, एचएसबीपी भिवानी।
सेक्टरवासियों के लिए जिमखाना निर्माण का काम पिछले पांच सालों से अधर में लटका है। हमने जिला कष्ट निवारण समिति से लेकर एचएसबीपी के उच्चाधिकारियों के समक्ष भी यह मांग उठाई है। करोड़ों रुपयों का बजट खर्च के बाद भी नया भवन खंडहर हो चुका है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अधिकारी बजट की डिमांड कर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, बजट कब आएगा, किसी को कुछ नहीं पता है। अधिकारियों की मंशा सेक्टरवासियों के लिए काम कराने की नहीं है।
- मास्टर रामकिशन शर्मा, अध्यक्ष, दी सेक्टर 13 वेलफेयर सोसायटी भिवानी।
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कई महीनों से धूल फांक रही बजट की फाइल को मंजूरी नहीं मिली है। अधर में लटके जिमखाने का नया भवन भी खंडहर की शक्ल लेने लगा है। इसके अंदर लावारिस घूम रहे पशु दिनभर आराम फरमाते हैं, जिससे की ये तबेले के तौर पर बदल चुका है।
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भिवानी के सेक्टर 13 रोड स्थित जिमखाना निर्माण के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने शुरुआत में इस पर करीब दो करोड़ का बजट से काम शुरू कराया। लेकिन ये कार्य कभी छह माह तो कभी चार माह चलता और फिर बंद हो जाता। इस तरह से कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी लंबे अर्से से यहां काम बंद पड़ा रहा।
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अधिकारियों ने इसकी वजह बजट नहीं होना बताया। कभी थोड़ा बजट आता तो उस पर कुछ महीने ही यहां काम चलता और फिर बंद हो जाता। जिमखाना भवन का बाहरी ढांचा लगभग तैयार हो गया और अंदर के ढांचे ने भी काफी हद तक प्रारूप ले लिया। मगर काम अब साल भर से बंद पड़ा है।
जिमखाना के बाहर कोई गेट तक नहीं है। जिस कारण यहां पास के खाली मैदान में घास चरने आ रहे खच्चर और लावारिस पशु तेज धूप से बचने के लिए यहां दिनभर अंदर बैठकर आराम फरमाते हैं। ये लावारिस पशु यहां गंदगी भी फैलाते हैं। जिमखाना के नए भवन की हालत यहां पशुओं के तबेले जैसी हो चुकी है। क्योंकि यहां इसकी देखभाल और रखरखाव करने वाला भी कोई नहीं है। ऐसे में यहां का अधिकांश सामान तो चोरी भी हो चुका है। जिसकी भी अभी तक किसी ने कोई सुध तक नहीं ली है।
सेक्टर के जिमखाना का काम बीच में ही रुका हुआ है। इसका अब नए सिरे से करीब तीन करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय को भेजा हुआ है। जैसे ही बजट को मंजूरी मिलेगी तुरंत प्रभाव से जिमखाना का काम शुरू करा दिया जाएगा।
-धर्मबीर सिंह, एसडीओ, एचएसबीपी भिवानी।
सेक्टरवासियों के लिए जिमखाना निर्माण का काम पिछले पांच सालों से अधर में लटका है। हमने जिला कष्ट निवारण समिति से लेकर एचएसबीपी के उच्चाधिकारियों के समक्ष भी यह मांग उठाई है। करोड़ों रुपयों का बजट खर्च के बाद भी नया भवन खंडहर हो चुका है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अधिकारी बजट की डिमांड कर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, बजट कब आएगा, किसी को कुछ नहीं पता है। अधिकारियों की मंशा सेक्टरवासियों के लिए काम कराने की नहीं है।
- मास्टर रामकिशन शर्मा, अध्यक्ष, दी सेक्टर 13 वेलफेयर सोसायटी भिवानी।