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रबी सीजन में खाद की नहीं कोई कमी: कृषिमंत्री
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बहल। कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि हरियाणा में डीएपी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रबी सीजन के लिए 3.06 लाख मीट्रिक टन यानि 61 लाख 20 हजार बैग डीएपी एलोकेट हो चुकी है, विभाग ने उर्वरकों के भंडार के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि किसान की एक इंच भूमि भी डीएपी व अन्य उर्वरकों की कमी से बिजाई के बिना नहीं रहने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा में हर रोज दो से तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी व एनपीके उपलब्ध करवाया जा रहा है। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में गत वर्ष सितंबर, अक्टूबर व 30 नवंबर तक दो लाख 78 हजार मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री हुई थी जबकि इस वर्ष सितंबर, अक्तूबर व नवंबर माह में अब तक राज्य में तीन लाख 6 हजार मीट्रिक टन डीएपी की बिकी हो चुकी है, जबकि राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार से डीएपी की अतिरिक्त उपलब्धता बारे लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया की आगामी तीन चार दिनों में और कई रेलवे रैक में हजारों बैग डीएपी और उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने बताया की इसके अलावा प्रदेश के किसानों को रबी फसल के लिए यूरिया कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूरिया भी पर्याप्त में एलोकेट हो चुकी है। आगामी दो-तीन दिनों में भी आठ रेलवे रैक यूरिया अतिरिक्त प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की सिफारिश अनुसार एक बैग डीएपी या तीन बैग एसएसपी या 1.5 बैग एनपीके का प्रयोग करके फास्फोरस की आपूर्ति पूर्ण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में आज के दिन 23 हजार मीट्रिक टन डीएपी व 7 हजार मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। उन्होंने बताया की जिला भिवानी के किसानों के लिए को चालू सीजन में आज तक 25149 मीट्रिक टन डीएपी जिले के किसानों को वितरित कर दी गई है। वर्तमान में करीब 1036 मीट्रिक टन डीएपी का स्टाक उपलब्ध है।
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उन्होंने कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा में हर रोज दो से तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी व एनपीके उपलब्ध करवाया जा रहा है। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में गत वर्ष सितंबर, अक्टूबर व 30 नवंबर तक दो लाख 78 हजार मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री हुई थी जबकि इस वर्ष सितंबर, अक्तूबर व नवंबर माह में अब तक राज्य में तीन लाख 6 हजार मीट्रिक टन डीएपी की बिकी हो चुकी है, जबकि राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार से डीएपी की अतिरिक्त उपलब्धता बारे लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया की आगामी तीन चार दिनों में और कई रेलवे रैक में हजारों बैग डीएपी और उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने बताया की इसके अलावा प्रदेश के किसानों को रबी फसल के लिए यूरिया कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूरिया भी पर्याप्त में एलोकेट हो चुकी है। आगामी दो-तीन दिनों में भी आठ रेलवे रैक यूरिया अतिरिक्त प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की सिफारिश अनुसार एक बैग डीएपी या तीन बैग एसएसपी या 1.5 बैग एनपीके का प्रयोग करके फास्फोरस की आपूर्ति पूर्ण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में आज के दिन 23 हजार मीट्रिक टन डीएपी व 7 हजार मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। उन्होंने बताया की जिला भिवानी के किसानों के लिए को चालू सीजन में आज तक 25149 मीट्रिक टन डीएपी जिले के किसानों को वितरित कर दी गई है। वर्तमान में करीब 1036 मीट्रिक टन डीएपी का स्टाक उपलब्ध है।
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