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Bhiwani News: टाइपिस्ट जोन में नहीं शौचालय और सुरक्षा के लिए चौकीदार की सुविधा

Tue, 26 Nov 2024 09:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 26 Nov 2024 09:53 PM IST
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There is no facility of toilet and watchman for security in the typist zone.
लघु सचिवालय में ​स्थित टाइपिस्ट परिसर। 
भिवानी। जिला न्यायालय और सब रजिस्ट्रार कार्यालय परिसर प्रांगण में बने टाइपिस्ट जोन में शौचालय और चौकीदार की सुविधा नहीं है। हालांकि नगर परिषद ने एक शौचालय निर्माण किया हुआ है, लेकिन इसका भी ठीक से रखरखाव नहीं हो रहा है। रात के समय यहां लाइट की भी कोई व्यवस्था नहीं है। चौकीदार का भी कोई प्रबंध नहीं है।
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ऐसे में टाइपिस्टों के खोखे और उनका सामान रामभरोसे ही रहता है। टाइपिस्ट के लिए अलग से जोन बनाए जाने की मांग काफी अर्से से उठ रही है। पहले जहां टाइपिस्ट जोन बनाया गया था अब वहां जिला बार एसोसिएशन की वाहन पार्किंग बना दी गई है। जबकि टाइपिस्टों को लेखाकार दुकानों के आगे बने गलियारे में ही जगह दी गई है। जहां सुविधाओं का अभाव है। दिनभर यहां अपने कार्याें के लिए सैकड़ों लोग भी आते हैं। न यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था है न शौचालय का कोई प्रबंध।
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टाइपिस्टों के लिए कोई अलग से जोन नहीं दिया गया है। वाहन पार्किंग या फिर खाली जगह पर ही उन्हें अव्यवस्थित ढंग से स्थापित कराया गया है। जबकि अधिवक्ताओं की तरह ही लघु सचिवालय परिसर में टाइपिस्टों के लिए भी स्थायी जगह मुहैया कराई जाए ताकि वह ठीक से काम कर सकें।
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-मनोज नांगल, टाइपिस्ट।
टाइपिस्टों के लिए स्थायी जगह नहीं दिए जाने की वजह से हर मौसम की मार झेलनी पड़ती है। बारिश और ठंड से भी यहां बचाव नहीं होता है। जबकि कोई भी टाइपिस्ट अपना खोखा तक नहीं रख पा रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन को भी इस दिशा में ध्यान देना चाहिए।
-विनोद वर्मा, टाइपिस्ट।
टाइपिस्टों के लिए लघु सचिवालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। टाइपिस्टों के सामान के लिए रात के समय यहां कोई चौकीदार नहीं है। साफ सफाई का भी यहां कोई प्रबंध तक नहीं है। ऐसे में उन्हें इस जगह के रखरखाव का जिम्मा भी खुद ही उठाना पड़ता है।

-सुरेंद्र, टाइपिस्ट।
टाइपिस्टों के लिए अलग से जगह की अलॉटमेंट दी जाए ताकि वह अपना गुजर बसर ठीक से कर सकें। रोजाना ही यहां सैकड़ों लोग अपने कार्यों के लिए आते हैं। टाइपिस्टों की वजह से ही सरकार को हर माह लाखों का राजस्व भी मिलता है। क्योंकि वह शपथ पत्र तैयार कराने से लेकर लोगों के एग्रीमेंट और अन्य भूमि से जुड़े कार्यों के लीगल दस्तावेज तैयार कराते हैं।
-विक्की, टाइपिस्ट।
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