{"_id":"617af3ed510cd46f671cdbb4","slug":"there-is-a-delay-in-taking-the-second-dose-of-the-vaccine-it-will-be-harmfull-for-health-bhiwani-news-hsr6156267124","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटीके की दूसरी डोज लेने में कर रहे देरी, पड़ेगी भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटीके की दूसरी डोज लेने में कर रहे देरी, पड़ेगी भारी
विज्ञापन
भिवानी। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान बड़े स्तर पर चल रहा है, लेकिन कुछ लोग अब भी लापरवाही बरत रहे हैं। पहला टीका लगवाने के बाद दूसरे का नंबर आने पर भी समय पर नहीं लगवा रहे हैं।
जिले में पहली डोज का आंकड़ा जहां 85 फीसदी को पार कर गया है, वहीं दूसरी डोज का आंकड़ा 40 फीसदी भी नहीं पहुंच पाया है। यह लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। वही,ं स्वास्थ्य विभाग कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण की गति को बढ़ाने के लिए 146 स्थायी केंद्र सहित कुल 300 बनाने जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से 500 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी जिले के हर गांव व शहर के वार्ड तक पहुंचेंगे। साथ ही दोनों वैक्सीन के गैप को पूरा करेंगे।
पहली डोज के बाद शरीर में बनी एंटीबॉडी 90 दिनों तक कार्य करती है। उसके बाद शरीर की वो शारीरिक क्षमता बनी रहे, इसलिए दूसरी डोज को लगवाना बहुत जरूरी है। मौसम का गिरता तापमान शरीर की शारीरिक क्षमता पर भी प्रभाव डालेगा, इसलिए जिन लोगों की शारीरिक क्षमता कम है, उनके लिए दूसरी डोज की दूरी कोरोना का आमंत्रण देना है। बुधवार को जिले में 4642 लाभार्थियों को टीकाकरण किया। टीकाकरण अभियान में 611 लाभार्थियों को कोविशील्ड की पहली और 2902 को दूसरी डोज लगाई। वहीं 248 लाभार्थियों को कोवाक्सीन की पहली और 881 को दूसरी डोज लगाई।
विज्ञापन
टीकाकरण के लिए बनाए 146 स्थायी केंद्र
स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान को सीरे पर चढ़ाने के लिए नागरिक अस्पताल सहित 146 स्थायी केंद्रों पर टीकाकरण शुरू किया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सबसेंटर, सभी पीएचसी, सभी सीएचसी, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों, कस्बों और बड़े गांवों को मुख्य केंद्र बनाया है। इनके अलावा जिले में अब तक 300 अस्थायी केंद्र भी बनाए जा चुके हैं, जिनके तहत हर गांव में टीकाकरण और हर वार्ड में शिविर आयोजित कर अभियान को सिरे चढ़ाना है।
जिले में टीकाकरण अभियान की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में 855732 लाभार्थियों को टीकाकरण करने का लक्ष्य लिया था। इनमें से विभाग के 5530 कर्मचारियों के लक्ष्य में से 5467 को पहली और 5381 को दूसरी डोज लग चुकी है। वहीं फ्रंट लाइन वर्कर में 5143 को टीकाकरण का लक्ष्य लिया था, जिनमें से 5131 को पहली और 4825 को दूसरी डोज लगाई है। इसी तरह 18 से 44 आयुवर्ग के 542578 लाभार्थियों में से 453505 को पहली और 132516 को दूसरी डोज लगी है। जिले में 45 से 60 आयु वर्ग के 180234 लाभार्थियों में से 153588 को पहली और 80996 को दूसरी डोज लगी है। वहीं 60 साल से अधिक आयुवर्ग के 122247 बुजुर्गों में से 117409 को पहली और 80504 को दूसरी डोज लगी है।
सामाजिक संस्थाओं का भी लिया जा रहा सहयोग
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत साढ़े आठ लाख लाभार्थियों को टीकाकरण का लक्ष्य लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान के लिए सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया है, ताकि समय पर टीकाकरण हो सके। कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर से बचाव के लिए टीकाकरण बेहद आवश्यक है। ऐसे में सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं और एनजीओ का सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थाओं के मुखियाओं से भी उनके कर्मचारियों व विद्यार्थियों को दूसरी डोज लगवाने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध कर रहा है।
डोज लगवाना जरूरी
कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर से बचाव और सुरक्षा के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना बेहद जरूरी है। वैक्सीन टीकाकरण के आंकड़ों से पता चला कि युवा वैक्सीन की दूसरी डोज में कम रुचि दिखा रहे हैं, जोकि गलत है। युवा वर्ग कॉलेज से लेकर कार्यालयों से संबंधित है। ऐसे में वे सबसे ज्यादा पब्लिक डील करते हैं। जागरूक नागरिक होने के नाते समय पर वैक्सीन की दोनों डोज लगवाएं।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
जिले में पहली डोज का आंकड़ा जहां 85 फीसदी को पार कर गया है, वहीं दूसरी डोज का आंकड़ा 40 फीसदी भी नहीं पहुंच पाया है। यह लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। वही,ं स्वास्थ्य विभाग कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण की गति को बढ़ाने के लिए 146 स्थायी केंद्र सहित कुल 300 बनाने जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से 500 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी जिले के हर गांव व शहर के वार्ड तक पहुंचेंगे। साथ ही दोनों वैक्सीन के गैप को पूरा करेंगे।
विज्ञापन
पहली डोज के बाद शरीर में बनी एंटीबॉडी 90 दिनों तक कार्य करती है। उसके बाद शरीर की वो शारीरिक क्षमता बनी रहे, इसलिए दूसरी डोज को लगवाना बहुत जरूरी है। मौसम का गिरता तापमान शरीर की शारीरिक क्षमता पर भी प्रभाव डालेगा, इसलिए जिन लोगों की शारीरिक क्षमता कम है, उनके लिए दूसरी डोज की दूरी कोरोना का आमंत्रण देना है। बुधवार को जिले में 4642 लाभार्थियों को टीकाकरण किया। टीकाकरण अभियान में 611 लाभार्थियों को कोविशील्ड की पहली और 2902 को दूसरी डोज लगाई। वहीं 248 लाभार्थियों को कोवाक्सीन की पहली और 881 को दूसरी डोज लगाई।
विज्ञापन
टीकाकरण के लिए बनाए 146 स्थायी केंद्र
स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान को सीरे पर चढ़ाने के लिए नागरिक अस्पताल सहित 146 स्थायी केंद्रों पर टीकाकरण शुरू किया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सबसेंटर, सभी पीएचसी, सभी सीएचसी, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों, कस्बों और बड़े गांवों को मुख्य केंद्र बनाया है। इनके अलावा जिले में अब तक 300 अस्थायी केंद्र भी बनाए जा चुके हैं, जिनके तहत हर गांव में टीकाकरण और हर वार्ड में शिविर आयोजित कर अभियान को सिरे चढ़ाना है।
जिले में टीकाकरण अभियान की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में 855732 लाभार्थियों को टीकाकरण करने का लक्ष्य लिया था। इनमें से विभाग के 5530 कर्मचारियों के लक्ष्य में से 5467 को पहली और 5381 को दूसरी डोज लग चुकी है। वहीं फ्रंट लाइन वर्कर में 5143 को टीकाकरण का लक्ष्य लिया था, जिनमें से 5131 को पहली और 4825 को दूसरी डोज लगाई है। इसी तरह 18 से 44 आयुवर्ग के 542578 लाभार्थियों में से 453505 को पहली और 132516 को दूसरी डोज लगी है। जिले में 45 से 60 आयु वर्ग के 180234 लाभार्थियों में से 153588 को पहली और 80996 को दूसरी डोज लगी है। वहीं 60 साल से अधिक आयुवर्ग के 122247 बुजुर्गों में से 117409 को पहली और 80504 को दूसरी डोज लगी है।
सामाजिक संस्थाओं का भी लिया जा रहा सहयोग
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत साढ़े आठ लाख लाभार्थियों को टीकाकरण का लक्ष्य लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान के लिए सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया है, ताकि समय पर टीकाकरण हो सके। कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर से बचाव के लिए टीकाकरण बेहद आवश्यक है। ऐसे में सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं और एनजीओ का सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थाओं के मुखियाओं से भी उनके कर्मचारियों व विद्यार्थियों को दूसरी डोज लगवाने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध कर रहा है।
डोज लगवाना जरूरी
कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर से बचाव और सुरक्षा के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना बेहद जरूरी है। वैक्सीन टीकाकरण के आंकड़ों से पता चला कि युवा वैक्सीन की दूसरी डोज में कम रुचि दिखा रहे हैं, जोकि गलत है। युवा वर्ग कॉलेज से लेकर कार्यालयों से संबंधित है। ऐसे में वे सबसे ज्यादा पब्लिक डील करते हैं। जागरूक नागरिक होने के नाते समय पर वैक्सीन की दोनों डोज लगवाएं।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।