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Bhiwani News: ग्रामीणों ने जांच अधिकारी के न पहुंचने पर बीडीपीओ कार्यालय में की नारेबाजी
Thu, 03 Jul 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 03 Jul 2025 01:04 AM IST
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कैरू स्थित बीडीपीओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी व रोष जताते देवराला के ग्रामीण।
कैरू। ग्राम पंचायत देवराला में विकास कार्यों की अनियमितताओं की शिकायत की जांच के लिए बुलाए गए ग्रामीणों ने बुधवार को कैरू खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय के मुख्य गेट पर नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। सीएम विंडो पर शिकायतकर्ता राजेंद्र और पीड़ित किसान दलबीर के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन मौके पर जांच अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
खाली कुर्सियों की ली वीडियो और फोटो
ग्रामीणों ने बताया कि वे सुबह 10:10 बजे ही कार्यालय पहुंच गए थे। पत्र के अनुसार जांच 11 बजे निर्धारित थी, लेकिन बीडीपीओ और एससीपीओ जिन्हें जांच करनी थी दोनो अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। दोनों अधिकारी तोशाम एसडीएम कार्यालय की एक बैठक में चले गए थे, लेकिन उन्होंने किसी अन्य को जांच अधिकारी नियुक्त नहीं किया। लगभग ढाई घंटे तक इंतजार करने के बाद ग्रामीणों ने कार्यालय की खाली कुर्सियों की वीडियो और फोटो लीं, जिनके आधार पर कर्मचारियों ने अधिकारियों को सूचना दी। इसके दस मिनट बाद एससीपीओ सुरेंद्र सिंह पहुंचे।
एससीपीओ नहीं दे सके संतोषजनक जवाब
एससीपीओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वे एसडीएम कार्यालय की बैठक से लौटकर 12:30 बजे पहुंचे, लेकिन वे ग्रामीणों को स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। शिकायतकर्ताओं राजेंद्र व दलबीर के साथ पहुंचे ग्रामीण राजबीर (पूर्व बीडीसी), चंद्र पूनिया, सोमबीर घनघस, धनपत, रामफल, सुरेश, गोलू, रविंद्र व कृष्ण ने आरोप लगाया कि अधिकारी उनकी बात अधूरी छोड़कर पंचायती राज एसडीओ कार्यालय चले गए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि वे बिना मिले वापस लौट जाते, तो कागजों में उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया जाता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी जांच करने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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यह है पूरा मामला
शिकायतकर्ता राजेंद्र और दलबीर ने सीएम विंडो व आरटीआई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत देवराला में विकास कार्यों के नाम पर आए रुपये का दुरुपयोग हुआ है और कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। बारिश में ही इन कार्यों की पोल खुल गई है। इसके अलावा पंचायत की 225 एकड़ जमीन पर कथित रूप से प्रभावशाली लोगों को अवैध कब्जे दिलवाए गए हैं। उन्होंने बीडीपीओ, एसडीएम तोशाम, उपायुक्त भिवानी और सीएम विंडो पर जांच की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय अधिकारी मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
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खाली कुर्सियों की ली वीडियो और फोटो
ग्रामीणों ने बताया कि वे सुबह 10:10 बजे ही कार्यालय पहुंच गए थे। पत्र के अनुसार जांच 11 बजे निर्धारित थी, लेकिन बीडीपीओ और एससीपीओ जिन्हें जांच करनी थी दोनो अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। दोनों अधिकारी तोशाम एसडीएम कार्यालय की एक बैठक में चले गए थे, लेकिन उन्होंने किसी अन्य को जांच अधिकारी नियुक्त नहीं किया। लगभग ढाई घंटे तक इंतजार करने के बाद ग्रामीणों ने कार्यालय की खाली कुर्सियों की वीडियो और फोटो लीं, जिनके आधार पर कर्मचारियों ने अधिकारियों को सूचना दी। इसके दस मिनट बाद एससीपीओ सुरेंद्र सिंह पहुंचे।
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एससीपीओ नहीं दे सके संतोषजनक जवाब
एससीपीओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वे एसडीएम कार्यालय की बैठक से लौटकर 12:30 बजे पहुंचे, लेकिन वे ग्रामीणों को स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। शिकायतकर्ताओं राजेंद्र व दलबीर के साथ पहुंचे ग्रामीण राजबीर (पूर्व बीडीसी), चंद्र पूनिया, सोमबीर घनघस, धनपत, रामफल, सुरेश, गोलू, रविंद्र व कृष्ण ने आरोप लगाया कि अधिकारी उनकी बात अधूरी छोड़कर पंचायती राज एसडीओ कार्यालय चले गए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि वे बिना मिले वापस लौट जाते, तो कागजों में उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया जाता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी जांच करने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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यह है पूरा मामला
शिकायतकर्ता राजेंद्र और दलबीर ने सीएम विंडो व आरटीआई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत देवराला में विकास कार्यों के नाम पर आए रुपये का दुरुपयोग हुआ है और कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। बारिश में ही इन कार्यों की पोल खुल गई है। इसके अलावा पंचायत की 225 एकड़ जमीन पर कथित रूप से प्रभावशाली लोगों को अवैध कब्जे दिलवाए गए हैं। उन्होंने बीडीपीओ, एसडीएम तोशाम, उपायुक्त भिवानी और सीएम विंडो पर जांच की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय अधिकारी मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।