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ग्रामीण खोद रहे हड़प्पा की साइट, मिट्टी डाल धरोहर का अस्तित्व कर रहे खत्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 12:14 AM IST
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The villagers are digging the site of Harappa, putting the soil and ending the existence of the heritage
गांव तिगड़ाना स्थित हड़प्पा की साइट पर खुदाई करते केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थी। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। हरियाणा की भूमि एतिहासिक धरोहरों को अपने आंचल में समेटे हुए है। भिवानी से मात्र 10 किलोमीटर दूर गांव तिगड़ाना में केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को मिले हड़प्पा संस्कृति के अवशेष इस के साक्षी हैं। ग्रामीणों को शायद इस एतिहासिक धरोहर के महत्व का अंदाजा नहीं है, जिस कारण वे साइट को खोदकर मिट्टी से अपने प्लाटों की भरती कर रहे हैं। मिट्टी उठाए जाने से 25 एकड़ की यह एतिहासिक साइट आज खत्म होने की कगार पर है। कुछ लोगों ने साइट पर कब्जा कर खेती भी की हुई है जिससे स्पष्ट है कि पुरातत्व विभाग इस साइट का संरक्षण करने में नाकाम रहा है। पिछले कुछ सालों में यह साइट 10 हेक्टेयर से सिमट कर केवल डेढ़ से दो एकड़ ही रह गई है।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय पाली के शोधार्थी तिगड़ाना स्थित हड़प्पा की साइट पर शोध करने पहुंचे हैं। शोधार्थियों का कहना है कि लगभग एक साल पहले जहां उन्होंने शोध किया था उस जगह से मिट्टी उठा ली गई है। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में यह साइट लगभग 25 एकड़ में फैली थी मगर अब केवल डेढ़ से दो एकड़ ही बची है।
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चूड़ियां और बर्तन बनाने की भट्ठी मिली थी
लगभग एक साल पहले किए गए शोध के दौरान यहां पर कांच की चूड़ियां और मिट्टी के बर्तन बनाने की भट्ठी मिली थी। शोधार्थियों के अनुसार उन्होंने वो भट्ठी वापस उसी जगह पर दबा दी थी, मगर अब आने के बाद पता चला है कि चूड़ी बनाने की भट्ठी वाली जगह से मिट्टी उठाई जा चुकी है।
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मिताथल में नहीं हो पाया था संरक्षण
मिताथल में भी हड़प्पा संस्कृति के अवशेष पाए गए थे। मगर वहां भी पुरातत्व विभाग ने संरक्षण नहीं किया था, जिसके कारण वहां से लोगों ने अपने प्लाटों में भरत करने के लिए काफी मिट्टी उठा ली। हालांकि पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तिगड़ाना स्थल को संरक्षण के लिए भिवानी प्रशासन से भूमि के राजस्व रिकॉर्ड का ब्योरा मांगा गया है।
भिवानी से राजस्व रिकॉर्ड का ब्योरा मांगा
हमने उपायुक्त भिवानी से राजस्व रिकॉर्ड का ब्योरा मांगा है। विभाग तिगड़ाना स्थल की सुरक्षा करेगा।
- अशोक खेमका, प्रमुख सचिव, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग
फाइल मंगवाकर मामले की जांच करता हूं
मामले की जानकारी ली जाएगी। जल्द ही इसकी फाइल मंगवाकर मामले की जांच करता हूं। जल्द ही इस पर एक्शन लिया जाएगा।
- अनूप धानक, मंत्री, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग
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