{"_id":"695eb746454c1a5414066d1c","slug":"the-sex-ratio-of-the-district-increased-from-919-to-926-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-145026-2026-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जिले का लिंगानुपात 919 से बढ़ कर 926 पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जिले का लिंगानुपात 919 से बढ़ कर 926 पहुंचा
Thu, 08 Jan 2026 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:13 AM IST
विज्ञापन
डीआरडीए हाल में जनगणना को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते उपायुक्त साहिल गुप्ता।
भिवानी। जिले में पिछले साल के मुकाबले लिंगानुपात 919 से बढ़ कर 926 पहुंच गया है। इस आंशिक सुधार के बावजूद भी 87 गांव रेड जोन में हैं, जहां लिंगानुपात 800 से कम है। इस कारण प्रशासन ने भी लिंगानुपात सुधार के लिए बुधवार को डीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में स्टैंडिंग कमेटी की समीक्षा बैठक आयोजित की।
बैठक में डीसी ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में लिंगानुपात में सुधार के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ तालमेल बनाकर निगरानी करें। संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्र या नर्सिंग होम पर छापेमारी अभियान में तेजी लाई जाए। इसके साथ ही गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को समझाएं कि वे लड़का और लड़की में किसी प्रकार का भेद न समझें। डीसी गुप्ता ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में लिंगानुपात में सुधार के लिए पूरी सतर्कता और निगरानी करें, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण करना और उसकी बच्चा होने तक निगरानी करनी जरूरी है। यदि किसी भी स्थिति में गर्भपात होता है तो उसके कारण का जरूर पता होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में अवैध रूप से एमटीपी किट की बिक्री नहीं होनी चाहिए। डीसी ने प्रत्येक सीएचसी के प्रभारी से उनके तहत आने वाले गांवों में लिंगानुपात की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और लिंगानुपात कम होने के कारण पता करने के निर्देश दिए। वहीं डीसी ने ड्रग कंट्रोलर को सप्ताह में कम से कम एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि जिला में वैध सेंटर के अलावा कहीं भी किसी मेडिकल स्टोर या अन्य किसी जगह पर एमटीपी किट मिलती है तो वह गैरकानूनी है। विभाग द्वारा इसके लिए पूरी निगरानी बरती जा रही है। सिविल सर्जन ने बताया कि लिंगानुपात में सुधार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सहेली योजना बनाई है। योजनानुसार सहेली द्वारा महिला को गर्भपात नहीं करवाने के लिए समझाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा वर्कर और आंगनवाड़ी वर्कर को सहेली का नाम दिया गया है। बैठक के दौरान डीएसपी अनूप कुमार के अलावा जिलाभर के चिकित्सा संस्थाओं के प्रभारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक में डीसी ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में लिंगानुपात में सुधार के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ तालमेल बनाकर निगरानी करें। संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्र या नर्सिंग होम पर छापेमारी अभियान में तेजी लाई जाए। इसके साथ ही गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को समझाएं कि वे लड़का और लड़की में किसी प्रकार का भेद न समझें। डीसी गुप्ता ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में लिंगानुपात में सुधार के लिए पूरी सतर्कता और निगरानी करें, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण करना और उसकी बच्चा होने तक निगरानी करनी जरूरी है। यदि किसी भी स्थिति में गर्भपात होता है तो उसके कारण का जरूर पता होना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में अवैध रूप से एमटीपी किट की बिक्री नहीं होनी चाहिए। डीसी ने प्रत्येक सीएचसी के प्रभारी से उनके तहत आने वाले गांवों में लिंगानुपात की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और लिंगानुपात कम होने के कारण पता करने के निर्देश दिए। वहीं डीसी ने ड्रग कंट्रोलर को सप्ताह में कम से कम एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि जिला में वैध सेंटर के अलावा कहीं भी किसी मेडिकल स्टोर या अन्य किसी जगह पर एमटीपी किट मिलती है तो वह गैरकानूनी है। विभाग द्वारा इसके लिए पूरी निगरानी बरती जा रही है। सिविल सर्जन ने बताया कि लिंगानुपात में सुधार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सहेली योजना बनाई है। योजनानुसार सहेली द्वारा महिला को गर्भपात नहीं करवाने के लिए समझाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा वर्कर और आंगनवाड़ी वर्कर को सहेली का नाम दिया गया है। बैठक के दौरान डीएसपी अनूप कुमार के अलावा जिलाभर के चिकित्सा संस्थाओं के प्रभारी मौजूद रहे।