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तीसरे दिन भी नहीं खोला विश्वविद्यालय का रास्ता, नौ पर केस दर्ज
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चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन भवन के आने-जाने का रास्ता ग्रामीणों ने तीसरे दिन भी बंद रखा। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती हैं तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज की शिकायत पर नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बता दें कि गांव प्रेमनगर की जमीन पर चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज बनना प्रस्तावित हुआ था। इसके लिए प्रेमनगर ने सैकड़ों एकड़ जमीन सरकार को निशुल्क उपलब्ध करा दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय गांव के लोगों से वादा किया गया था कि मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय की नौकरियों में गांव के लोगों को आरक्षण रहेगा। वहीं विश्वविद्यालय के दाखिलों में भी आरक्षण दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन लेने के बाद सरकार ने मेडिकल कॉलेज को तो शिफ्ट कर दिया है और विश्वविद्यालय की नौकरियों और दाखिलों में भी आरक्षण गांव को नहीं दिया जा रहा है। इसी से नाराज होकर कई महीनों से गांव के लोगों को धरना भी चल रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने पानी की टैंकर खड़े कर विश्वविद्यालय का रास्ता रोक दिया था। काफी मनाने और प्रयास करने के बाद भी ग्रामीणों ने आज तक रास्ते को नहीं खोला है।
कुलसचिव की शिकायत पर हुआ केस दर्ज
पुलिस को दी शिकायत में सीबीएलयू के कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि प्रेमनगर में पिछले चार सालों से यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य चल रहा है। विश्वविद्यालय के गेट व चहारदीवारी निर्माण के बाद जुलाई 2019 से शैक्षणिक खंडों का निर्माण कार्य भी लगातार चल रहा है। जनवरी 2021 से विश्वविद्यालय के सामने जमीन पर कुछ असामाजिक लोग धरना दे रहे हैं। जिसके कारण यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य व शैक्षणिक कार्य बाधित हो रहा है। कुलसचिव ने शिकायत दी कि गत 10 सितंबर की सुबह कुछ शरारती तत्वों ने यूनिवर्सिटी का रास्ता रोक दिया और निर्माण कार्य में आने-जाने वाले वाहनों व कर्मचारियों को भी अंदर नहीं जाने दिया। अंदर काम कर रहे मजदूरों व कर्मचारियों को भी धमकाया। कुलसचिव की शिकायत पर सदर पुलिस ने आरोपी राजेश बूरा, सोमबीर, संदीप, सुखबीर, प्रवीण उर्फ काला, सुरेश फौजी, संजय नंबरदार, बेदू फौजी व अनूप के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
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केस वापस नहीं किए तो तेज होगा आंदोलन : प्रवीन बूरा
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष एवं प्रेमनगर निवासी प्रवीन बूरा ने कहा कि प्रशासन हठधर्मी पर उतरा हुआ है। ग्रामीणों की मांग मानने की जगह उन पर केस दर्ज किए गए हैं। अगर ये केस वापस नहीं किए जाते हैं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वर्जन
कुलसचिव की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। लोगों से अपील है कि शांति बनाए रखें और विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य चलने दें। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- विद्यानंद, एसएचओ, सदर थाना
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बता दें कि गांव प्रेमनगर की जमीन पर चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज बनना प्रस्तावित हुआ था। इसके लिए प्रेमनगर ने सैकड़ों एकड़ जमीन सरकार को निशुल्क उपलब्ध करा दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय गांव के लोगों से वादा किया गया था कि मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय की नौकरियों में गांव के लोगों को आरक्षण रहेगा। वहीं विश्वविद्यालय के दाखिलों में भी आरक्षण दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन लेने के बाद सरकार ने मेडिकल कॉलेज को तो शिफ्ट कर दिया है और विश्वविद्यालय की नौकरियों और दाखिलों में भी आरक्षण गांव को नहीं दिया जा रहा है। इसी से नाराज होकर कई महीनों से गांव के लोगों को धरना भी चल रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने पानी की टैंकर खड़े कर विश्वविद्यालय का रास्ता रोक दिया था। काफी मनाने और प्रयास करने के बाद भी ग्रामीणों ने आज तक रास्ते को नहीं खोला है।
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कुलसचिव की शिकायत पर हुआ केस दर्ज
पुलिस को दी शिकायत में सीबीएलयू के कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि प्रेमनगर में पिछले चार सालों से यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य चल रहा है। विश्वविद्यालय के गेट व चहारदीवारी निर्माण के बाद जुलाई 2019 से शैक्षणिक खंडों का निर्माण कार्य भी लगातार चल रहा है। जनवरी 2021 से विश्वविद्यालय के सामने जमीन पर कुछ असामाजिक लोग धरना दे रहे हैं। जिसके कारण यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य व शैक्षणिक कार्य बाधित हो रहा है। कुलसचिव ने शिकायत दी कि गत 10 सितंबर की सुबह कुछ शरारती तत्वों ने यूनिवर्सिटी का रास्ता रोक दिया और निर्माण कार्य में आने-जाने वाले वाहनों व कर्मचारियों को भी अंदर नहीं जाने दिया। अंदर काम कर रहे मजदूरों व कर्मचारियों को भी धमकाया। कुलसचिव की शिकायत पर सदर पुलिस ने आरोपी राजेश बूरा, सोमबीर, संदीप, सुखबीर, प्रवीण उर्फ काला, सुरेश फौजी, संजय नंबरदार, बेदू फौजी व अनूप के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
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केस वापस नहीं किए तो तेज होगा आंदोलन : प्रवीन बूरा
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष एवं प्रेमनगर निवासी प्रवीन बूरा ने कहा कि प्रशासन हठधर्मी पर उतरा हुआ है। ग्रामीणों की मांग मानने की जगह उन पर केस दर्ज किए गए हैं। अगर ये केस वापस नहीं किए जाते हैं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वर्जन
कुलसचिव की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। लोगों से अपील है कि शांति बनाए रखें और विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य चलने दें। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- विद्यानंद, एसएचओ, सदर थाना