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बिजली दरों में वृद्धि से चरमराया व्यापार और आमजन का बजट : चैंबर ऑफ कॉमर्स
Sun, 06 Jul 2025 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 06 Jul 2025 12:34 AM IST
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भिवानी। प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में बिजली की दरों में की गई अत्यधिक वृद्धि को लेकर व्यापारी वर्ग और आम जनता में भारी रोष है। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री भिवानी ने इसे व्यवसायों पर सीधा आघात और घरेलू बजट को डगमगाने वाला निर्णय करार दिया है। इस संबंध में चैंबर के प्रधान डॉ. पवन बुवानीवाला ने उद्योगपतियों से विचार-विमर्श के बाद उपायुक्त और बिजली बोर्ड के एसई को ज्ञापन सौंपा।
डॉ. बुवानीवाला ने कहा कि बिजली बिलों में फिक्सड चार्ज और दरों में भारी बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ा है। कमर्शियल उपभोक्ताओं को एलटी और एचटी आपूर्ति शुल्क के साथ-साथ झटका दिया गया है। फिक्सड चार्ज 165 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 290 रुपये प्रति केवीए कर दिए गए हैं, जबकि यूनिट दरें भी 6.65 से बढ़ाकर 6.95 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई हैं।
उन्होंने सरकार से तत्काल इस वृद्धि को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले से ही व्यापारी, उद्योगपति और आमजन भारी टैक्सों के दबाव में हैं और बिजली की दरों में यह चुपचाप की गई बढ़ोतरी सरासर अनुचित है। इस अवसर पर प्रदीप रामपुरिया, वीरेंद्र सिवाच, कामरेड रवि खन्ना, सुखबीर सिंह, देबूराम बापोड़िया मौजूद रहे।
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डॉ. बुवानीवाला ने कहा कि बिजली बिलों में फिक्सड चार्ज और दरों में भारी बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ा है। कमर्शियल उपभोक्ताओं को एलटी और एचटी आपूर्ति शुल्क के साथ-साथ झटका दिया गया है। फिक्सड चार्ज 165 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 290 रुपये प्रति केवीए कर दिए गए हैं, जबकि यूनिट दरें भी 6.65 से बढ़ाकर 6.95 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई हैं।
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उन्होंने सरकार से तत्काल इस वृद्धि को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले से ही व्यापारी, उद्योगपति और आमजन भारी टैक्सों के दबाव में हैं और बिजली की दरों में यह चुपचाप की गई बढ़ोतरी सरासर अनुचित है। इस अवसर पर प्रदीप रामपुरिया, वीरेंद्र सिवाच, कामरेड रवि खन्ना, सुखबीर सिंह, देबूराम बापोड़िया मौजूद रहे।
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