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Bhiwani News: कृत्रिम रंगों के रासायनिक पदार्थ त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Mar 2026 01:20 AM IST
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The chemicals in artificial colors can harm the skin and eyes.
शहर में नेहरू पार्क के बाहर  सड़क किनारे लगी स्टाॅल पर रखे रंग व पिचकारी। 
भिवानी। होली के अवसर पर बाजारों में सिंथेटिक (कृत्रिम) रंगों की भरमार है और अभिभावक बच्चों को बड़े उत्साह से रंग दिला रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सिंथेटिक रंगों में मौजूद रासायनिक पदार्थ त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनके प्रयोग से त्वचा पर खुजली, जलन और संक्रमण की समस्या हो सकती है, वहीं आंखों में जलन और परेशानी भी हो सकती है।
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पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नेत्र व चर्म रोग विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि होली का त्योहार शांति और सुरक्षित तरीके से मनाएं। सिंथेटिक रंगों का प्रयोग न करें और उनकी जगह हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें। विशेष रूप से बच्चों को ऐसे कृत्रिम रंगों से दूर रखें।
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होली खेलते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि रंग आंखों में न जाए। यदि गलती से रंग आंखों में चला जाए तो तुरंत ठंडे पानी से आंखों को साफ करें। इसके बाद भी परेशानी बनी रहे तो नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रकार का उपचार अपनी मर्जी से शुरू न करें।
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मौसम में बदलाव जारी है। ठंडे पानी से बच्चों को दूर रखें। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज अधिक संख्या में देखे जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। विशेषज्ञों ने कहा कि होली पर्व पर सिंथेटिक रंगों का प्रयोग न करें क्योंकि इनके प्रयोग से आंखों में जलन हो सकती है और त्वचा संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।


होली खेलते समय ये ध्यान रखना जरूरी है कि रंग आंखों में न जाए। अगर गलती से चला भी जाता है तो तुरंत ठंडे पानी से आंखों को साफ करें। इसके बाद भी आंख में किसी प्रकार की परेशानी आती है तो अपने नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें। किसी प्रकार का उपचार अपनी मर्जी से शुरू न करें। - डॉ. हरजीत, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज भिवानी।


सिंथेटिक रंगों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों को तो बिल्कुल भी नहीं। सिंथेटिक रंग त्वचा के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। अगर ज्यादा ही जरूरी हो जाए तो हर्बल रंगों का प्रयोग करें। होली खेलने से पहले अपने शरीर पर नारियल का तेल लगा लें। इसके बाद सिंथेटिक रंगों के प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। - डॉ. जनश्रुति, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज भिवानी।
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