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Bhiwani News: मुहिम रंग लाई... 21 महीने बाद मिले तो बिलख पड़े दोनों भाई
Thu, 24 Jul 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 24 Jul 2025 01:02 AM IST
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राहुल (लाल टी शर्ट में) को उसके परिजनों से मिलवाते रमेश कुमार व अन्य।
भिवानी। सेक्टर 13 पुलिस चौकी क्षेत्र में करीब 21 महीने पहले लावारिस हालत में मिला एक नौ वर्षीय बच्चा राहुल आखिरकार बाल कल्याण समिति और जिला प्रशासन की कोशिशों से अपने परिजनों से मिल गया। बुधवार को राजस्थान के जोधपुर से आए उसके माता-पिता को बाल कल्याण समिति कार्यालय में बच्चे को सौंप दिया गया। भावुक क्षणों में बच्चे का भाई उसे गले लगाकर रो पड़ा यह दृश्य समिति सदस्यों के लिए भी बेहद भावुक और संतोषजनक रहा।
बाल कल्याण समिति के सदस्य रमेश कुमार व सतेंद्र तंवर ने बताया कि 7 नवंबर 2023 को सेक्टर 13 चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल संदीप को यह बच्चा लावारिस अवस्था में मिला था। उसे तत्काल बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया और बाल सेवा आश्रम में रखा गया। चूंकि बच्चा अपना नाम-पता सही ढंग से नहीं बता सका, इसलिए उसकी पहचान के लिए स्टेट क्राइम ब्रांच और समिति द्वारा विभिन्न प्रयास किए गए मगर सफलता नहीं मिली।
करीब 21 महीने तक बच्चा बाल सेवा आश्रम में ही रहा। इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर एक अभियान चलाया और बच्चे की तस्वीरें व जानकारी साझा की। अंतत इस मुहिम का असर हुआ और बच्चे के परिजन जोधपुर, राजस्थान से खोज निकाले गए।
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जब परिजन भिवानी पहुंचे तब सामने आया कि यह बच्चा चार साल पहले अपहरण हो गया था और गुजरात के एक शहर में उससे जबरन भीख मंगवाई जा रही थी। गुजरात पुलिस ने मानव तस्करी के इस रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए कई बच्चों को छुड़ाया था, जिनमें यह बच्चा भी शामिल था। उस समय उसे उसकी दादी को सौंपा गया था लेकिन करीब एक माह बाद वह दोबारा लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी जोधपुर के शास्त्री नगर थाना में दर्ज कराई थी। बुधवार को बाल कल्याण समिति कार्यालय में सतेंद्र तंवर, रमेश कुमार, काउंसलर मनोज, मनवीर श्योराण की मौजूदगी में बच्चे को विधिवत परिजनों को सौंप दिया गया।
सेक्टर 13 क्षेत्र से बरामद बच्चे की काउंसिलिंग करवाई गई थी लेकिन वह सही से कुछ बता नहीं पा रहा था। 21 महीने तक वह बाल सेवा आश्रम में रहा। सोशल मीडिया पर जारी हमारी खोजी मुहिम अंतत रंग लाई और उसके परिजन जोधपुर से मिल गए। जब बच्चे का भाई उसे देखकर रो पड़ा, तो वह क्षण हमारे लिए भी बेहद भावुक और संतोषजनक था।
- सतेंद्र तंवर, सदस्य, जिला बाल कल्याण समिति, भिवानी
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बाल कल्याण समिति के सदस्य रमेश कुमार व सतेंद्र तंवर ने बताया कि 7 नवंबर 2023 को सेक्टर 13 चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल संदीप को यह बच्चा लावारिस अवस्था में मिला था। उसे तत्काल बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया और बाल सेवा आश्रम में रखा गया। चूंकि बच्चा अपना नाम-पता सही ढंग से नहीं बता सका, इसलिए उसकी पहचान के लिए स्टेट क्राइम ब्रांच और समिति द्वारा विभिन्न प्रयास किए गए मगर सफलता नहीं मिली।
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करीब 21 महीने तक बच्चा बाल सेवा आश्रम में ही रहा। इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर एक अभियान चलाया और बच्चे की तस्वीरें व जानकारी साझा की। अंतत इस मुहिम का असर हुआ और बच्चे के परिजन जोधपुर, राजस्थान से खोज निकाले गए।
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जब परिजन भिवानी पहुंचे तब सामने आया कि यह बच्चा चार साल पहले अपहरण हो गया था और गुजरात के एक शहर में उससे जबरन भीख मंगवाई जा रही थी। गुजरात पुलिस ने मानव तस्करी के इस रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए कई बच्चों को छुड़ाया था, जिनमें यह बच्चा भी शामिल था। उस समय उसे उसकी दादी को सौंपा गया था लेकिन करीब एक माह बाद वह दोबारा लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी जोधपुर के शास्त्री नगर थाना में दर्ज कराई थी। बुधवार को बाल कल्याण समिति कार्यालय में सतेंद्र तंवर, रमेश कुमार, काउंसलर मनोज, मनवीर श्योराण की मौजूदगी में बच्चे को विधिवत परिजनों को सौंप दिया गया।
सेक्टर 13 क्षेत्र से बरामद बच्चे की काउंसिलिंग करवाई गई थी लेकिन वह सही से कुछ बता नहीं पा रहा था। 21 महीने तक वह बाल सेवा आश्रम में रहा। सोशल मीडिया पर जारी हमारी खोजी मुहिम अंतत रंग लाई और उसके परिजन जोधपुर से मिल गए। जब बच्चे का भाई उसे देखकर रो पड़ा, तो वह क्षण हमारे लिए भी बेहद भावुक और संतोषजनक था।
- सतेंद्र तंवर, सदस्य, जिला बाल कल्याण समिति, भिवानी