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Bhiwani News: राशि मिलने पर भी नहीं बन सका कन्या स्कूल का भवन
Mon, 02 Sep 2024 06:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 02 Sep 2024 06:02 AM IST
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भिवानी के गांव चांग का खस्ताहाल स्कूल।
भिवानी। गांव चांग के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीजीएसएसएस) का भवन कई साल पहले जर्जर हो चुका है। इसलिए सरकारी एजेंसी की संस्तुति पर इसे त्याग दिया गया, लेकिन 392 छात्राएं अब भी इसी भवन में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। बारिश के बाद छत से पानी टपकने के कारण यहां एक कमरे में दो कक्षाएं लगानी पड़ती हैं। छत का ऊपरी हिस्सा और गलियारे में मलबा गिरने से हादसा हो सकता है। बारिश का पानी भी गलियों में घुस जाता है। शिक्षा विभाग ने नए भवन के लिए करोड़ों रुपये का बजट मंजूर किया है, लेकिन इस पर काम शुरू नहीं हो सका।
गांव चांग के जीजीएसएसएस में आठवीं से बारहवीं कक्षा तक की 269 छात्राएं पढ़ रहीं हैं। इसी परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी संचालित है। इसमें 128 छात्राएं पंजीकृत हैं। इस स्कूल का भवन काफी नीचा और पुराना है। ऐसे में बारिश का पानी भी गलियों के अंदर ही जमा हो रहा है।
इस स्कूल के जर्जर परिसर में 392 छात्राओं के लिए सुरक्षित कमरों की कमी है, क्योंकि दो मंजिला इमारत में ऊपरी हिस्सा तो काफी साल पहले जर्जर घोषित किया जा चुका है, जबकि नीचे के कमरे भी जर्जर हैं, जिनकी छतों से भारी भरकम मलबा गिर रहा है, जिसकी वजह से छात्राओं को कक्षा में बैठे-बैठे भी डर रहता है कि न जाने कब उन पर छत का मलबा टूटकर गिर जाए।
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कन्या स्कूल का भवन काफी पुराना और जर्जर हालत में है। जिसे त्याज्य घोषित किया जा चुका है। सात कमरे तो स्थायी तौर पर बंद कर दिए गए हैं। बारिश होने के बाद दो दिनों तक छत से लगातार पानी टपकता रहता है। इसकी वजह से एक ही कमरे में दो कक्षाएं लगानी पड़ रहीं हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है। यहां नया भवन निर्माण प्रस्तावित है। -सतेंद्र कुमारी, प्राचार्य, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चांग।
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गांव चांग के जीजीएसएसएस में आठवीं से बारहवीं कक्षा तक की 269 छात्राएं पढ़ रहीं हैं। इसी परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी संचालित है। इसमें 128 छात्राएं पंजीकृत हैं। इस स्कूल का भवन काफी नीचा और पुराना है। ऐसे में बारिश का पानी भी गलियों के अंदर ही जमा हो रहा है।
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इस स्कूल के जर्जर परिसर में 392 छात्राओं के लिए सुरक्षित कमरों की कमी है, क्योंकि दो मंजिला इमारत में ऊपरी हिस्सा तो काफी साल पहले जर्जर घोषित किया जा चुका है, जबकि नीचे के कमरे भी जर्जर हैं, जिनकी छतों से भारी भरकम मलबा गिर रहा है, जिसकी वजह से छात्राओं को कक्षा में बैठे-बैठे भी डर रहता है कि न जाने कब उन पर छत का मलबा टूटकर गिर जाए।
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कन्या स्कूल का भवन काफी पुराना और जर्जर हालत में है। जिसे त्याज्य घोषित किया जा चुका है। सात कमरे तो स्थायी तौर पर बंद कर दिए गए हैं। बारिश होने के बाद दो दिनों तक छत से लगातार पानी टपकता रहता है। इसकी वजह से एक ही कमरे में दो कक्षाएं लगानी पड़ रहीं हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है। यहां नया भवन निर्माण प्रस्तावित है। -सतेंद्र कुमारी, प्राचार्य, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चांग।