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Bhiwani News: पांच माह से अधूरा पड़ा बापोड़ा-सुई मार्ग, हादसों का खतरा
Sun, 25 Jan 2026 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 25 Jan 2026 11:18 PM IST
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आदर्श गांव सुई की गली में जमा गंदा पानी। ग्रामीण
भिवानी। बापोड़ा-सुई मुख्य मार्ग पिछले पांच महीनों से बदहाल स्थिति में है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के लिए खोदाई किए जाने के बाद कार्य पूरा नहीं किया जिससे मार्ग पर आवागमन करने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण संदीप शर्मा, हरीश कौशिक, पंच सुशील शर्मा, राजेश मास्टर, डॉ. उमेद सहित अन्य ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने करीब पांच महीने पहले बापोड़ा से सुई की ओर जाने वाली सड़क की खोदाई कर दी थी लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ा। खोदाई के कारण सड़क के बीचों-बीच 1.5 से 2 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं जिनमें दूषित पानी भरा रहता है। ग्रामीणों के अनुसार जलभराव के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि अब तक सैकड़ों मोटरसाइकिल सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं और कई लोगों के हाथ-पैर टूटने की घटनाएं सामने आई हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि उपायुक्त के गांव आगमन के दौरान भी सड़क की स्थिति को लेकर लिखित शिकायत दी गई थी। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को भी कई बार अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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ग्रामीण संदीप शर्मा, हरीश कौशिक, पंच सुशील शर्मा, राजेश मास्टर, डॉ. उमेद सहित अन्य ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने करीब पांच महीने पहले बापोड़ा से सुई की ओर जाने वाली सड़क की खोदाई कर दी थी लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ा। खोदाई के कारण सड़क के बीचों-बीच 1.5 से 2 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं जिनमें दूषित पानी भरा रहता है। ग्रामीणों के अनुसार जलभराव के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि अब तक सैकड़ों मोटरसाइकिल सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं और कई लोगों के हाथ-पैर टूटने की घटनाएं सामने आई हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि उपायुक्त के गांव आगमन के दौरान भी सड़क की स्थिति को लेकर लिखित शिकायत दी गई थी। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को भी कई बार अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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