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Bhiwani News: चिपचिपी गर्मी का प्रहार...पसीने की बूंदों में पनप रहा संक्रमण, मेडिकल कॉलेज में बढ़ी मरीजों की संख्या
Fri, 31 Jul 2026 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:16 AM IST
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भिवानी। मौसम के बदलते मिजाज और तेज उमस भरी गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हवा में नमी का स्तर बढ़ने और लगातार आ रहे पसीने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग, नेत्र रोग और ईएनटी (नाक, कान, गला) विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 450 से 500 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं जहां सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहती हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले मरीजों में फंगल इंफेक्शन, घमौरियां, दाद, खाज-खुजली और त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ने की शिकायतें सबसे आम हैं। मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शुभम महता, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत व चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि यह मौसम बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है। उन्हाेंने बताया कि शरीर पर पसीना लगातार बने रहने से त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है। इसलिए ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि पसीना आसानी से सूख सके। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
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पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग, नेत्र रोग और ईएनटी (नाक, कान, गला) विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 450 से 500 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं जहां सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहती हैं।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले मरीजों में फंगल इंफेक्शन, घमौरियां, दाद, खाज-खुजली और त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ने की शिकायतें सबसे आम हैं। मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शुभम महता, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत व चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि यह मौसम बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है। उन्हाेंने बताया कि शरीर पर पसीना लगातार बने रहने से त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है। इसलिए ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि पसीना आसानी से सूख सके। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
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