{"_id":"6aa302fc24526f80ca0bcc36","slug":"swine-flu-confirmed-in-13-patients-and-influenza-a-infection-in-2-patients-in-the-district-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-156856-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जिले में 13 मरीजों में स्वाइन फ्लू और 2 मरीजों में इन्फ्लूएंजा ए संक्रमण की पुष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जिले में 13 मरीजों में स्वाइन फ्लू और 2 मरीजों में इन्फ्लूएंजा ए संक्रमण की पुष्टि
विज्ञापन
भिवानी। चौधरी बंसीलाल जिला नागरिक अस्पताल में हाल ही में जांच के लिए भेजे गए 29 सैंपल में 13 मरीजों में स्वाइन फ्लू एच1एन1 और दो मरीजों में इन्फ्लूएंजा ए संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है तथा अस्पताल में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
वर्तमान में दो मरीजों की स्थिति गंभीर होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। वहीं 13 मरीज संक्रमण से पूरी तरह रिकवर होकर ठीक हो चुके हैं। हालांकि संक्रमण का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। अभी 15 संदिग्ध सैंपल की जांच रिपोर्ट आना बाकी है जिसके बाद जिले में संक्रमित मरीजों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अस्पताल प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के वायरस तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड को अलर्ट मोड पर रखा गया है और जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है। लंबित 15 सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
विज्ञापन
सीएमओ के निर्देशानुसार अस्पताल में आने वाले बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
स्वाइन फ्लू एच1एन1 के प्रमुख लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता को सचेत करते हुए बताया कि तेज बुखार और कंपकंपी लगना, लगातार खांसी, गले में खराश या दर्द, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, अत्यधिक शारीरिक थकान और कमजोरी स्वाइन फ्लू एच1एन1 के प्रमुख लक्षण हैं। सांस लेने में तकलीफ या छाती में भारीपन महसूस होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क कर उपचार शुरू करें।
ये रखें सावधानियां
सीएमओ ने आम नागरिकों से पैनिक न करने और सतर्कता बरतने की अपील की है। भीड़भाड़ वाले इलाकों या अस्पताल परिसर में जाते समय चेहरे पर मास्क जरूर लगाएं। बार-बार हाथों को साबुन और पानी से धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें। बुखार या जुकाम से पीड़ित व्यक्तियों के सीधे संपर्क में आने से बचें। मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लें और पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीएं।
विज्ञापन
वर्तमान में दो मरीजों की स्थिति गंभीर होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। वहीं 13 मरीज संक्रमण से पूरी तरह रिकवर होकर ठीक हो चुके हैं। हालांकि संक्रमण का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। अभी 15 संदिग्ध सैंपल की जांच रिपोर्ट आना बाकी है जिसके बाद जिले में संक्रमित मरीजों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन
अस्पताल प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के वायरस तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड को अलर्ट मोड पर रखा गया है और जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है। लंबित 15 सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
विज्ञापन
सीएमओ के निर्देशानुसार अस्पताल में आने वाले बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
स्वाइन फ्लू एच1एन1 के प्रमुख लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता को सचेत करते हुए बताया कि तेज बुखार और कंपकंपी लगना, लगातार खांसी, गले में खराश या दर्द, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, अत्यधिक शारीरिक थकान और कमजोरी स्वाइन फ्लू एच1एन1 के प्रमुख लक्षण हैं। सांस लेने में तकलीफ या छाती में भारीपन महसूस होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क कर उपचार शुरू करें।
ये रखें सावधानियां
सीएमओ ने आम नागरिकों से पैनिक न करने और सतर्कता बरतने की अपील की है। भीड़भाड़ वाले इलाकों या अस्पताल परिसर में जाते समय चेहरे पर मास्क जरूर लगाएं। बार-बार हाथों को साबुन और पानी से धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें। बुखार या जुकाम से पीड़ित व्यक्तियों के सीधे संपर्क में आने से बचें। मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लें और पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीएं।