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Bhiwani News: कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर बढ़ेगी निगरानी
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भिवानी। स्वास्थ्य विभाग ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात में सुधार के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें हिसार के एसएमओ डॉ. प्रभु दयाल विशिष्ट अतिथि रहे।
डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए अवैध जांच केंद्रों पर नकेल कसना और पीसीपीएनडीटी नियमों का सख्ती से पालन कराना जरूरी है। अधिकारियों को अपने क्षेत्रों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या कानूनन अपराध हैं। इनमें संलिप्त डॉक्टरों और केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के स्टेट नोडल अधिकारी जीएल सिंगल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। डॉ. शांडिल्य ने कहा कि जिले के लिंगानुपात में निरंतर सुधार के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने आमजन से बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और उन्हें बेटों के समान आगे बढ़ने के अवसर देने की अपील की।
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हिसार के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभु दयाल ने एमटीपी एक्ट के दिशा-निर्देशों, नियमों और रिकॉर्ड संधारण की जानकारी दी। उन्होंने अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों को पीसीपीएनडीटी नियमों का सख्ती से पालन करने और सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि वैध या अवैध गर्भपात से संबंधित सूचना उसी दिन सिविल सर्जन कार्यालय, भिवानी को दी जाए।
कार्यशाला में पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू चौधरी ने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए स्वास्थ्यकर्मी अधिकारियों के निर्देशन में गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, जिले के सभी निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालक और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए।
बेटियों के संरक्षण के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू चौधरी के अनुसार जिले में लिंगानुपात सुधारने के लिए स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। अभियान के तहत बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए अवैध जांच केंद्रों पर नकेल कसना और पीसीपीएनडीटी नियमों का सख्ती से पालन कराना जरूरी है। अधिकारियों को अपने क्षेत्रों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या कानूनन अपराध हैं। इनमें संलिप्त डॉक्टरों और केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के स्टेट नोडल अधिकारी जीएल सिंगल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। डॉ. शांडिल्य ने कहा कि जिले के लिंगानुपात में निरंतर सुधार के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने आमजन से बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और उन्हें बेटों के समान आगे बढ़ने के अवसर देने की अपील की।
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हिसार के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभु दयाल ने एमटीपी एक्ट के दिशा-निर्देशों, नियमों और रिकॉर्ड संधारण की जानकारी दी। उन्होंने अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों को पीसीपीएनडीटी नियमों का सख्ती से पालन करने और सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि वैध या अवैध गर्भपात से संबंधित सूचना उसी दिन सिविल सर्जन कार्यालय, भिवानी को दी जाए।
कार्यशाला में पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू चौधरी ने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए स्वास्थ्यकर्मी अधिकारियों के निर्देशन में गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, जिले के सभी निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालक और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए।
बेटियों के संरक्षण के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू चौधरी के अनुसार जिले में लिंगानुपात सुधारने के लिए स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। अभियान के तहत बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।