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अध्यापिका पत्नी सहित पांच के खिलाफ पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज
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भिवानी। बीटेक पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में अध्यापिका पत्नी सहित ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने रविवार को जिला सामान्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के पिता के बयान पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में झुप्पाकलां हाल सेक्टर 23 निवासी चंद्रभान ने बताया कि वह पूर्व अतिरिक्त सेशन जज हैं। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो लड़के और एक लड़की है। बड़े बेटे रवींद्र की शादी 26 मार्च 2007 को हुई थी। 2007 से 2010 तक पूरा परिवार गुरुग्राम में ही रहता था। रवींद्र की पत्नी मेवात के नूंह में बतौर अध्यापिका कार्यरत है। रवींद्र की 13 साल की बेटी श्रेहा व 10 साल का लड़का सार्थक भी है। रवींद्र बीटेक है जो पहले कंपनी में नौकरी करता था। अपने बच्चों के पालन पोषण की वजह से उसने नौकरी छोड़ दी थी। उसकी पुत्रवधू के पिता व पुत्रवधू ने नई गाड़ी खरीदने के लिए पांच लाख रुपये मांगे थे, ये रुपये भी उन्हें दे दिए थे, लेकिन उसके बाद भी उनकी मांग बढ़ती गई। पुत्रवधू ने रवींद्र के खिलाफ गुरुग्राम में दहेज प्रताड़ना व तलाक का केस दर्ज कराया, जिसकी वजह से रवींद्र काफी परेशान रहता था। रवींद्र उनके सेक्टर 23 स्थित मकान में ऊपर अकेला रहता था, जबकि नीचे पिता रहते हैं। रवींद्र ने शनिवार को कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। चंद्रभान का आरोप है कि उनके बेटे को उनकी पुत्रवधू व उसके पिता, भाई व अन्य परिजनों ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी हरिओम ने बताया कि शव का जिला सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सौंप दिया है। फिलहाल मृतक के पिता की शिकायत पर उनकी पुत्रवधू सहित पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर केस दर्ज हुआ है।
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पुलिस को दी शिकायत में झुप्पाकलां हाल सेक्टर 23 निवासी चंद्रभान ने बताया कि वह पूर्व अतिरिक्त सेशन जज हैं। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो लड़के और एक लड़की है। बड़े बेटे रवींद्र की शादी 26 मार्च 2007 को हुई थी। 2007 से 2010 तक पूरा परिवार गुरुग्राम में ही रहता था। रवींद्र की पत्नी मेवात के नूंह में बतौर अध्यापिका कार्यरत है। रवींद्र की 13 साल की बेटी श्रेहा व 10 साल का लड़का सार्थक भी है। रवींद्र बीटेक है जो पहले कंपनी में नौकरी करता था। अपने बच्चों के पालन पोषण की वजह से उसने नौकरी छोड़ दी थी। उसकी पुत्रवधू के पिता व पुत्रवधू ने नई गाड़ी खरीदने के लिए पांच लाख रुपये मांगे थे, ये रुपये भी उन्हें दे दिए थे, लेकिन उसके बाद भी उनकी मांग बढ़ती गई। पुत्रवधू ने रवींद्र के खिलाफ गुरुग्राम में दहेज प्रताड़ना व तलाक का केस दर्ज कराया, जिसकी वजह से रवींद्र काफी परेशान रहता था। रवींद्र उनके सेक्टर 23 स्थित मकान में ऊपर अकेला रहता था, जबकि नीचे पिता रहते हैं। रवींद्र ने शनिवार को कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। चंद्रभान का आरोप है कि उनके बेटे को उनकी पुत्रवधू व उसके पिता, भाई व अन्य परिजनों ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी हरिओम ने बताया कि शव का जिला सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सौंप दिया है। फिलहाल मृतक के पिता की शिकायत पर उनकी पुत्रवधू सहित पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर केस दर्ज हुआ है।
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