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Bhiwani News: तेज हवाओं ने ढहा दी धान की फसल, जलभराव ने किसानों की मुश्किलें दोगुनी कीं

Mon, 06 Oct 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 06 Oct 2025 01:35 AM IST
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Strong winds destroyed paddy crops, waterlogging doubled farmers' problems.
गांव धनाना के खेतों में तेज हवा से बिछी धान की फसल।
भिवानी। जिले में रविवार सुबह चली तेज हवा ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवा के कारण खेतों में पकने की कगार पर खड़ी धान की फसल बिछ गई। फसल गिरने से अनाज सड़ने की आशंका बन गई है। जिले में लगभग 71 हजार एकड़ में धान की फसल खड़ी है। वहीं जिले के ज्यादातर क्षेत्रों में अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। अगर समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई तो रबी फसलों की बिजाई भी प्रभावित हो सकती है।
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मानसून जाने के बाद सक्रिय पहले पश्चिमी विक्षोभ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में छह अक्तूबर को हल्की से माध्यम और सात अक्तूबर को कहीं-कहीं बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चलने के आसार हैं। धान की फसल की बालिया पकने वाली है या पक चुकी है। तेज हवाओं के कारण फसल कहीं-कहीं जमीन पर गिर गई। इससे दाना काला पड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है। फसल गिरने से दानों में नमी बढ़ जाती है जिससे उपज की गुणवत्ता घटती है और मंडियों में खरीद के दौरान आढ़तियों द्वारा कीमत कम दी जाती है। अधिक नमी से धान में फफूंद लगने की आशंका रहती है और चावल की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। जिले के मुंढाल और बवानीखेड़ा क्षेत्रों में लगभग 71 हजार एकड़ में धान की फसल की रोपाई की गई है।
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जिले में लगभग पांच हजार एकड़ में अभी भी जलभराव
पिछले दो माह से जिले के लगभग पांच हजार एकड़ जमीन पर बरसाती पानी जमा है। पानी की निकासी न होने के कारण किसानों की खरीफ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। रबी फसलों की बुआई पर भी संकट है। यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई तो किसानों को अगली फसल में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके साथ ही आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा। इस समय जिले के गांव पुर, सिवाड़ा, कुंगड़, भैणी, मुंढाल, तालू, धनाना, जताई, बडेसरा, मंढाणा, बवानीखेडा, जाटू लोहारी, बलियाली, सूई, प्रेमनगर, दांग, सागवान सहित अनेक गांवों के खेतों में जलभराव की समस्या बनी हुई है।
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जरूरत पड़ने पर ही दो दिन बाद सिंचाई करें किसान
पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम वैज्ञानिकों ने जिले में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज हवाओं की आशंका जताई है। इसका असर रविवार सुबह से ही देखने को मिला। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सब्जियों की खेती करने वाले किसान जरूरत पड़ने पर ही दो दिन बाद फसलों में सिंचाई करें। अन्यथा फसलों को नुकसान हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते सोमवार को हल्की से माध्यम और मंगलवार को कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। मंगलवार को चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, सोनीपत सहित अन्य क्षेत्रों में माध्यम बारिश की संभावना भी है।

अगली फसल की बुआई पर भी बना संकट
पिछले दो माह से हमारे खेतों में जलभराव बना हुआ है। जिसके कारण हमारी खरीफ की फसलें खत्म हो चुकी हैं। अभी तक पानी की निकासी न होने के कारण रबी की फसलों की बिजाई पर संकट बना हुआ है। हमारी प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द खेतों से पानी की निकासी करवाई जाए, जिससे अगली फसल की बुआई समय से हो सके। -दिलबाग, किसान, बवानीखेड़ा



मानसून लौटने के बाद आए पहले पश्चिमी विक्षोभ से जिले में सोमवार को तेज हवाओं के साथ हल्की से माध्यम बारिश की संभावना है। जबकि मंगलवार को कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। इसलिए दो दिन तक किसान खेतों में सिंचाई करने से बचे। अन्यथा सिंचाई करने पर पकने के मुहाने पर खड़ी धान की फसल गिरने की संभावना हो सकती है। -डॉ. देवीलाल सहारण, कृषि मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, भिवानी
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