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Bhiwani News: शहर के रिहायशी इलाकाें में चल रहीं लघु औद्योगिक गतिविधियों से कॉलोनी अधिकृत पर आया संकट
Fri, 28 Mar 2025 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 28 Mar 2025 11:06 PM IST
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शहर भिवानी का दृश्य।
भिवानी। अब शहर के अंदर रिहायशी इलाकों में चल रही लघु औद्योगिक गतिविधियों की वजह से कॉलोनी के अधिकृत होने पर भी संकट छाया है। हालांकि, नगर परिषद हद की 26 अनाधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत कराने का मसौदा अधिकारी अभी फिर से तैयार करने में जुटे हैं। वहीं इनमें एक अड़चन यह भी है कि कई कॉलोनियों के रिहायशी इलाकों के अंदर व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही हैं।
इसमें सरकार की नीति आड़े आ रही हैं। दरअसल, ऐसी कॉलोनियों को अधिकृत नहीं किया जा सकता, जहां लघु उद्योग या फिर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। अहम बात यह है कि नगर परिषद की कई कॉलोनियों के अंदर करीब 70 से अधिक छोटी औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। इनमें झाडू बनाने, कूलर तैयार करने, नट बोल्ट बनाने, कुर्सी और सोफा निर्माण करने के अलावा जूट व निवार तैयार करने की इकाइयां शामिल हैं। ये घरों के आसपास ही चल रही हैं।
ऐसे में नगर परिषद या नगर योजनाकार की हद में कॉलोनी रिहायशी इलाके के तौर पर मंजूर यानी अधिकृत नहीं हो सकती है। भिवानी नगर परिषद की हद में नौ और लोहारू की एक कॉलोनी को सरकार ने अधिकृत कर दिया है। इसका नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। अभी शहर के अंदर करीब 26 अनधिकृत कॉलोनी हैं, जिनका सर्वेक्षण और रिपोर्ट दोनों तैयार हो चुकी हैं।
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इन कॉलोनियों के इलाके में नगर परिषद की हद और जिला नगर योजनाकार विभाग की हद भी तय की जा चुकी हैं। एक दिक्कत यह है कि कई कॉलोनियों में अब भी घरों के आसपास लघु उद्योग चल रहे हैं, जो व्यावसायिक गतिविधियों में गिने जाते हैं। सरकार की नीति के अनुसार उन कॉलोनियों को ही अधिकृत किया जा सकता है, जहां केवल रिहायशी क्षेत्र हैं।
इनके अंदर किसी भी तरह की फैक्टरी या फिर कोई लघु उद्योग नहीं होना चाहिए। सर्वेक्षण में अगर इन रिहायशी कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधि सामने आती हैं तो फिर इन कॉलोनियों के अधिकृत होने पर ही संकट छा जाएगा।
भिवानी में चार दशक में नहीं बने कोई औद्योगिक सेक्टर
भिवानी शहर का दायरा बढ़ने के साथ ही आवास भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। वहीं भिवानी के बाहरी क्षेत्रों में रिहायशी कॉलोनियों के अंदर ही लोग अपने लघु उद्योग भी स्थापित करने में जुटे हैं। वजह यह भी है कि भिवानी में चार दशक से कोई औद्योगिक सेक्टर विकसित नहीं हुआ। औद्योगिक नगर के लिए भिवानी के रोहतक रोड निनान के पास जगह निश्चित हुई थी, जिसकी भूमि अधिग्रहण भी हो चुका था। यहां अब औद्योगिक नगर का मामला खटाई में पड़ चुका है। इसके बाद अब हांसी रोड पर प्रेमनगर के पास औद्योगिक नगर की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, लेकिन ये मामला भी कब तक सिरे चढ़ेगा, कुछ स्पष्ट नहीं है।
शहर के इन रिहायशी कॉलोनियों में हैं छोटे उद्योग
शहर के दिनोद रोड की कई कॉलोनियों के अंदर रिहायशी प्लाटों पर ही छोटे उद्योग स्थापित किए हुए हैं। इसी तरह तोशाम बाईपास उत्तम नगर कॉलोनी, डाबर कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, कोंट रोड, ढाणा रोड की कई कॉलोनियों के रिहायशी क्षेत्रों में छोटे उद्योग फल-फूल रहे हैं। इसी तरह लोहारू रोड, हांसी रोड, महम रोड, तोशाम रोड क्षेत्र की रिहायशी कॉलोनियों में भी कई छोटे उद्योग पिछले करीब डेढ़ दशक से चल रहे हैं। इनकी वजह से इन कॉलोनियों को अधिकृत कराने में भी बड़ी चुनौती बनी है।
भिवानी शहर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जिन कॉलोनियों के अंदर सरकार की ओर से निर्धारित मानक पूरे किए गए हैं, उन अधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत कराने के लिए नगर परिषद मसौदा तैयार कर रहे हैं। हाल ही में भिवानी की नौ और लोहारू की एक अनधिकृत कॉलोनी को अधिकृत किए जाने का नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। इसमें शहर का काफी क्षेत्र अब अधिकृत हो चुका है। इनके अंदर तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे।
- भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद
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इसमें सरकार की नीति आड़े आ रही हैं। दरअसल, ऐसी कॉलोनियों को अधिकृत नहीं किया जा सकता, जहां लघु उद्योग या फिर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। अहम बात यह है कि नगर परिषद की कई कॉलोनियों के अंदर करीब 70 से अधिक छोटी औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। इनमें झाडू बनाने, कूलर तैयार करने, नट बोल्ट बनाने, कुर्सी और सोफा निर्माण करने के अलावा जूट व निवार तैयार करने की इकाइयां शामिल हैं। ये घरों के आसपास ही चल रही हैं।
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ऐसे में नगर परिषद या नगर योजनाकार की हद में कॉलोनी रिहायशी इलाके के तौर पर मंजूर यानी अधिकृत नहीं हो सकती है। भिवानी नगर परिषद की हद में नौ और लोहारू की एक कॉलोनी को सरकार ने अधिकृत कर दिया है। इसका नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। अभी शहर के अंदर करीब 26 अनधिकृत कॉलोनी हैं, जिनका सर्वेक्षण और रिपोर्ट दोनों तैयार हो चुकी हैं।
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इन कॉलोनियों के इलाके में नगर परिषद की हद और जिला नगर योजनाकार विभाग की हद भी तय की जा चुकी हैं। एक दिक्कत यह है कि कई कॉलोनियों में अब भी घरों के आसपास लघु उद्योग चल रहे हैं, जो व्यावसायिक गतिविधियों में गिने जाते हैं। सरकार की नीति के अनुसार उन कॉलोनियों को ही अधिकृत किया जा सकता है, जहां केवल रिहायशी क्षेत्र हैं।
इनके अंदर किसी भी तरह की फैक्टरी या फिर कोई लघु उद्योग नहीं होना चाहिए। सर्वेक्षण में अगर इन रिहायशी कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधि सामने आती हैं तो फिर इन कॉलोनियों के अधिकृत होने पर ही संकट छा जाएगा।
भिवानी में चार दशक में नहीं बने कोई औद्योगिक सेक्टर
भिवानी शहर का दायरा बढ़ने के साथ ही आवास भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। वहीं भिवानी के बाहरी क्षेत्रों में रिहायशी कॉलोनियों के अंदर ही लोग अपने लघु उद्योग भी स्थापित करने में जुटे हैं। वजह यह भी है कि भिवानी में चार दशक से कोई औद्योगिक सेक्टर विकसित नहीं हुआ। औद्योगिक नगर के लिए भिवानी के रोहतक रोड निनान के पास जगह निश्चित हुई थी, जिसकी भूमि अधिग्रहण भी हो चुका था। यहां अब औद्योगिक नगर का मामला खटाई में पड़ चुका है। इसके बाद अब हांसी रोड पर प्रेमनगर के पास औद्योगिक नगर की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, लेकिन ये मामला भी कब तक सिरे चढ़ेगा, कुछ स्पष्ट नहीं है।
शहर के इन रिहायशी कॉलोनियों में हैं छोटे उद्योग
शहर के दिनोद रोड की कई कॉलोनियों के अंदर रिहायशी प्लाटों पर ही छोटे उद्योग स्थापित किए हुए हैं। इसी तरह तोशाम बाईपास उत्तम नगर कॉलोनी, डाबर कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, कोंट रोड, ढाणा रोड की कई कॉलोनियों के रिहायशी क्षेत्रों में छोटे उद्योग फल-फूल रहे हैं। इसी तरह लोहारू रोड, हांसी रोड, महम रोड, तोशाम रोड क्षेत्र की रिहायशी कॉलोनियों में भी कई छोटे उद्योग पिछले करीब डेढ़ दशक से चल रहे हैं। इनकी वजह से इन कॉलोनियों को अधिकृत कराने में भी बड़ी चुनौती बनी है।
भिवानी शहर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जिन कॉलोनियों के अंदर सरकार की ओर से निर्धारित मानक पूरे किए गए हैं, उन अधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत कराने के लिए नगर परिषद मसौदा तैयार कर रहे हैं। हाल ही में भिवानी की नौ और लोहारू की एक अनधिकृत कॉलोनी को अधिकृत किए जाने का नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। इसमें शहर का काफी क्षेत्र अब अधिकृत हो चुका है। इनके अंदर तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे।
- भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद