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भद्रा का साया नहीं होने से दिनभर बांधी जा सकेगी राखी
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श्रीकांत शास्त्री।
- फोटो : Bhiwani
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तोशाम। रक्षाबंधन के दिन इस बार भद्रा का साया नहीं होने से रविवार को बहनें दिन में कभी भी भाइयों को राखी बांध सकेंगी। ज्योतिषियों के अनुसार इस साल रक्षाबंधन के दिन श्रावण पूर्णिमा, धनिष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इन संयोग को उत्तम माना गया है। रक्षाबंधन को बनने वाले ये तीन खास संयोग भाई-बहन के लिए लाभकारी साबित होंगे।
पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन रविवार सुबह 10:34 बजे तक शोभन योग रहेगा। यह योग शुभ फलदायी होता है। इसके साथ ही रक्षाबंधन के दिन रात 7:40 मिनट तक धनिष्ठा योग रहेगा।
राखी बांधने के लिए 12 घंटे 11 मिनट रहेंगे शुभ
पंडित श्रीकांत ने बताया कि आमतौर पर भद्रा के कारण बहनों को राखी बांधने के लिए समय कम ही मिलता रहा है। इस बार भद्रा नहीं होने से राखी बांधने के लिए 12 घंटे और 11 मिनट की अवधि का दीर्घकालीन शुभ मुहूर्त है। राखी सुबह 5:50 बजे से शाम 6:03 बजे तक कभी भी बांधी जा सकेगी।
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पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन रविवार सुबह 10:34 बजे तक शोभन योग रहेगा। यह योग शुभ फलदायी होता है। इसके साथ ही रक्षाबंधन के दिन रात 7:40 मिनट तक धनिष्ठा योग रहेगा।
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राखी बांधने के लिए 12 घंटे 11 मिनट रहेंगे शुभ
पंडित श्रीकांत ने बताया कि आमतौर पर भद्रा के कारण बहनों को राखी बांधने के लिए समय कम ही मिलता रहा है। इस बार भद्रा नहीं होने से राखी बांधने के लिए 12 घंटे और 11 मिनट की अवधि का दीर्घकालीन शुभ मुहूर्त है। राखी सुबह 5:50 बजे से शाम 6:03 बजे तक कभी भी बांधी जा सकेगी।
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