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Bhiwani News: 135 साल पुराने मंदिर में बना है अष्ट धातु से श्रीराम दरबार
Thu, 18 Jan 2024 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 18 Jan 2024 11:28 PM IST
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भिवानी। शहर के लिबर्टी सिनेमा रोड के समीप 135 साल पुराने श्रीराम मंदिर में अद्भुत चमत्कार भक्तों के लिए दशकों से आस्था का केंद्र बना है। मंदिर में गर्म पानी का कुआं और मीठा नामी का पेड़ भी चमत्कार देखकर भी रामभक्त अचंभित रह जाते हैं। मंदिर में अष्ट धातु से श्रीराम दरबार बना है जो धार्मिक नगरी छोटी काशी में इकलौता है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 22 जनवरी को प्राचीन राम मंदिर में भी भजन कीर्तन के साथ उत्सव मनाया जाएगा।
भिवानी के लिबर्टी सिनेमा रोड पर मंदिर परिसर करीब 2800 वर्गगज में फैला है। मंदिर का निर्माण करीब 135 साल पहले सेठ नानक चंद हालुवासिया ने कराया था। मंदिर में कांशी से आए विद्वानों ने अष्ट धातु से बने श्रीरामद दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की थी। तब से लेकर आज तक ये अद्भुत मूर्ति रामभक्तों के लिए अलौकिक हैं।
मंदिर के पुजारी राकेश पांडे ने बताया कि मंदिर के निर्माण के साथ ही मंदिर में कुआं भी था। इसके अंदर गर्म पानी की सुविधा भी थी। मंदिर परिसर में अद्भुत नीम का पेड़ भी है। इसके पत्ते कड़वे नहीं बल्कि मीठे हैं। मंदिर में पीपल का पेड़ भी उसकी स्थापना के साथ ही लगाया था जो आज भी इस मंदिर के इतिहास का गवाह है। संवाद
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हर अमावश्या और पूर्णिमा पर होता है मंदिर में हवन
पुजारी राकेश पांडे ने बताया कि प्राचीन राम मंदिर में हर अमावश्या और पूर्णिमा पर वैदिक विधि से हवन किया जाता है। साल में रामकथा भी होती है। नवरात्र के दौरान भी यहां कीर्तन किया जाता है। दिवाली के बाद भव्य अन्नकूट प्रसाद वितरण भी करते हैं। मंदिर दिन में दो बार खुलता है। सुबह पांच बजे कपाट खुलते हैं और छह बजे आरती की जाती है। सवा छह बजे भगवान को भोग लगाया जाता है। दोपहर 12 बजे मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं। फिर शाम को साढ़े तीन बजे कपाट खुलते हैं। शाम छह बजे आरती होती है। रात साढ़े आठ बजे मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं।
छोटी काशी के प्राचीन मंदिरों में शुमार है प्राचीन राम मंदिर
धार्मिक नगरी छोटी कांशी के भव्य मंदिरों की नगरी भी कहा जाता है। भिवानी की पहचान से प्राचीन राम मंदिर भी जुड़ा है। इसमें भगवान राम सहित लक्ष्मण, सीता और हनुमान की अष्ट धातु की दुर्लभ मूर्तियां हैं। मंदिर का ढांचा भी चुना मिट्टी से ही बना है और श्रीराम दरबार के ठीक आगे भक्त हनुमान की बड़ी प्रतिभा भी बनी है।
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भिवानी के लिबर्टी सिनेमा रोड पर मंदिर परिसर करीब 2800 वर्गगज में फैला है। मंदिर का निर्माण करीब 135 साल पहले सेठ नानक चंद हालुवासिया ने कराया था। मंदिर में कांशी से आए विद्वानों ने अष्ट धातु से बने श्रीरामद दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की थी। तब से लेकर आज तक ये अद्भुत मूर्ति रामभक्तों के लिए अलौकिक हैं।
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मंदिर के पुजारी राकेश पांडे ने बताया कि मंदिर के निर्माण के साथ ही मंदिर में कुआं भी था। इसके अंदर गर्म पानी की सुविधा भी थी। मंदिर परिसर में अद्भुत नीम का पेड़ भी है। इसके पत्ते कड़वे नहीं बल्कि मीठे हैं। मंदिर में पीपल का पेड़ भी उसकी स्थापना के साथ ही लगाया था जो आज भी इस मंदिर के इतिहास का गवाह है। संवाद
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हर अमावश्या और पूर्णिमा पर होता है मंदिर में हवन
पुजारी राकेश पांडे ने बताया कि प्राचीन राम मंदिर में हर अमावश्या और पूर्णिमा पर वैदिक विधि से हवन किया जाता है। साल में रामकथा भी होती है। नवरात्र के दौरान भी यहां कीर्तन किया जाता है। दिवाली के बाद भव्य अन्नकूट प्रसाद वितरण भी करते हैं। मंदिर दिन में दो बार खुलता है। सुबह पांच बजे कपाट खुलते हैं और छह बजे आरती की जाती है। सवा छह बजे भगवान को भोग लगाया जाता है। दोपहर 12 बजे मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं। फिर शाम को साढ़े तीन बजे कपाट खुलते हैं। शाम छह बजे आरती होती है। रात साढ़े आठ बजे मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं।
छोटी काशी के प्राचीन मंदिरों में शुमार है प्राचीन राम मंदिर
धार्मिक नगरी छोटी कांशी के भव्य मंदिरों की नगरी भी कहा जाता है। भिवानी की पहचान से प्राचीन राम मंदिर भी जुड़ा है। इसमें भगवान राम सहित लक्ष्मण, सीता और हनुमान की अष्ट धातु की दुर्लभ मूर्तियां हैं। मंदिर का ढांचा भी चुना मिट्टी से ही बना है और श्रीराम दरबार के ठीक आगे भक्त हनुमान की बड़ी प्रतिभा भी बनी है।