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Bhiwani News: गांव उमरावत में बनी पानी सप्लाई की गंभीर समस्या
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सांगा माइनर पर पानी लिफ्टिंग के लगाया गया पाइप।
भिवानी। गांव उमरावत में सांगा माइनर पर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर नहर का नवीनीकरण करवा दिया लेकिन इसके बावजूद भी टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में उमरावत गांव के जलघर तक पानी पहुंचाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने नहर के ऊपर एक ट्रैक्टर लगाया हुआ है। जब तक जलघर नहीं भरता तब तक वो चलता रहता है।
ट्रैक्टर की मदद से नहरी पानी लिफ्टिंग के जरिये पाइप में पहुंचाया जाता है। इस कार्य में उसे 8 से 15 दिन लग जाते हैं। ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते वो ट्रैक्टर संचालक विभाग को लाखों रुपये का बिल बना देता है।
बता दें कि गांव उमरावत में पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। गांव में घरों में सप्लाई का पानी करीबन 15 से 20 में 1-2 बार ही आता है। गांव में जलघर बना होने के बाद भी यह स्थित बनी हुई है। पहले इस गांव की सप्लाई कोंट गांव से होती थी तब हर दूसरे या तीसरे दिन पानी घरों में आ जाता था लेकिन जब से गांव में जलघर बना है तब से उन्हें इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। गांव में आबादी के हिसाब से जलघर का टैंक छोटा है। एक या दो सप्लाई के बाद टैंक खाली हो जाता है। सांगा माइनर से पाइप के जरिये जलघर तक पानी की आपूर्ति की जाती है।
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कई बार कर चुके हैं अधिकारियों को शिकायत
ग्रामीण मनीराम, ओमप्रकाश, रामधारी, ईश्वर, लीलाराम, संदीप, ढीला राम ने कहा कि उनके गांव में सप्लाई के पानी की स्थिति काफी विकट है। 15 से 20 दिन में पानी उनके घरों तक आता है वह भी केवल 15 मिनट तक ऐसे में वो किस प्रकार अपना काम चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस विकट समस्या के समाधान के लिए वे कई बार जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सांगा माइनर से जलघर तक जो पाइप डाली गई है उसकी चौड़ाई काफी कम है। विभाग अगर सही से समस्या का समाधान कर दे गांव की पेयजल की समस्या भी दूर होगी और सरकार का लाखों रुपये का राजस्व भी बचेगा।
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ट्रैक्टर की मदद से नहरी पानी लिफ्टिंग के जरिये पाइप में पहुंचाया जाता है। इस कार्य में उसे 8 से 15 दिन लग जाते हैं। ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते वो ट्रैक्टर संचालक विभाग को लाखों रुपये का बिल बना देता है।
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बता दें कि गांव उमरावत में पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। गांव में घरों में सप्लाई का पानी करीबन 15 से 20 में 1-2 बार ही आता है। गांव में जलघर बना होने के बाद भी यह स्थित बनी हुई है। पहले इस गांव की सप्लाई कोंट गांव से होती थी तब हर दूसरे या तीसरे दिन पानी घरों में आ जाता था लेकिन जब से गांव में जलघर बना है तब से उन्हें इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। गांव में आबादी के हिसाब से जलघर का टैंक छोटा है। एक या दो सप्लाई के बाद टैंक खाली हो जाता है। सांगा माइनर से पाइप के जरिये जलघर तक पानी की आपूर्ति की जाती है।
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कई बार कर चुके हैं अधिकारियों को शिकायत
ग्रामीण मनीराम, ओमप्रकाश, रामधारी, ईश्वर, लीलाराम, संदीप, ढीला राम ने कहा कि उनके गांव में सप्लाई के पानी की स्थिति काफी विकट है। 15 से 20 दिन में पानी उनके घरों तक आता है वह भी केवल 15 मिनट तक ऐसे में वो किस प्रकार अपना काम चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस विकट समस्या के समाधान के लिए वे कई बार जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सांगा माइनर से जलघर तक जो पाइप डाली गई है उसकी चौड़ाई काफी कम है। विभाग अगर सही से समस्या का समाधान कर दे गांव की पेयजल की समस्या भी दूर होगी और सरकार का लाखों रुपये का राजस्व भी बचेगा।