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समरसता व समानता पूर्ण भारत की नींव रखेंगी नई शिक्षा नीति : प्रो. कुठियाला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 12:42 AM IST
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seminar on new education policy in vaishya college in Bhiwani
वैश्य महाविद्यालय में आयोजित सेमीनार में नई शिक्षा नीति पर आधारित पुस्तक का विमोचन करते अतिथिगण - फोटो : Bhiwani
भिवानी। उच्चतर शिक्षा एवं वैश्य महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में नई शिक्षा नीति और सामाजिक आर्थिक विकास विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार हुआ। मुख्य वक्ता व हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला ने कहा कि नई शिक्षा नीति समरसता एवं समानता पूर्ण भारत की नींव रखेंगी, इसके लिए सभी को अपने अपने स्तर पर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे युवाओं को तैयार करना होगा जो विश्व में देश का नेतृत्व कर सकें।
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कार्यक्रम में सीबीएलयू के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल बतौर मुख्य अतिथि, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला मुख्य वक्ता, अमेरिका से पधारे ईडीएचईसी बिजनेस स्कूल के सीईओ सतीश झा, विषय विशेषज्ञ वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट शिवरत्न गुप्ता व रोटेरियन प्राण मेहता, प्रो. सीएल चतुर्वेदी, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. दलीप सिंह, डॉ. मुकेश गंभीर, नव चयनित आईएएस निशा ग्रेवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सांय कालीन समापन सत्र में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर (रेवाड़ी) के कुलपति प्रो. एसके गक्खड़ बतौर मुख्य अथिति और सीबीएलयू के रजिस्ट्रार डॉ. जितेंद्र भारद्वाज समारोह अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के ट्रस्टी विजय किशन अग्रवाल, विशिष्ठ अतिथि के रूप में शामिल हुए। सेमिनार के मुख्य संरक्षक सुरेश गुप्ता के सानिध्य में हुआ।
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सीबीएलयू के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 देश ही, नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व को एक नया संदेश देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल की देखरेख में हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा और भारत पुन: विश्व का नेतृत्व कर विश्व गुरु कहलाएगा। वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट शिवरत्न गुप्ता ने कहा कि अगर भावनात्मक एवं सामाजिक विकास को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन किया जाए तो वह विद्यार्थियों के लिए अहम कड़ी का कार्य कर सकता है। इसलिए शिक्षक वर्ग इसके क्रियान्वयन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के महासचिव पवन कुमार बुवानीवाला ने कहा कि नई शिक्षा नीति एक बेहतरीन शिक्षा नीति होगी, जोकि देश में शिक्षा का स्तर सुधारने में अहम कड़ी का कार्य करेगी। महाविद्यालय प्रबंध समिति के महासचिव एवं सेमिनार के मुख्य संरक्षक सुरेश गुप्ता ने राष्ट्रीय सेमिनार को प्रतिभागियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। रोटेरियन प्राण मेहता ने कहा कि आज डिजिटलाइजेशन के युग में युवाओं को आधुनिक शिक्षा में पारंगत होना होगा, तभी देश उन्नति के शिखर तक पहुंच सकता है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. दिलीप सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति एक बेहतरीन विकल्प का कार्य करेगी व नई सोच के साथ विद्यार्थी इंटरनेशनल स्तर पर आयाम स्थापित करेंगे। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. मुकेश गंभीर ने कहा कि बदलते दौर में नई शिक्षा नीति की बहुत आवश्यकता थी। अब नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि रोजगार भी उपलक्ष्य होंगे।
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शिक्षा के साथ ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे : निशा
नव चयनित आईएएस निशा ग्रेवाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति नए भारत का निर्माण करेगी, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ बेहतर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। ईडीएचईसी बिजनेस स्कूल के सीईओ सतीश झा ने कहा कि आज के युवा वर्ग को सही दिशा देने की जरूरत है इसके लिए शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सांय कालीन सत्र में मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर के कुलपति प्रो. एसके गक्खड़ ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास उस देश की शिक्षा नीति पर निर्भर करता है। हम विद्यार्थियों को केवल डिग्री देने मात्र तक सीमित न होकर उन्हें उद्यमशील बनाकर राष्ट्र निर्माण के भागी बनें। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सबका सहयोग अनिवार्य है। इसके लिए हम सबको मिलकर कार्य करना होगा। हमारी प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति रही है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुधा रानी ने अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन डॉ. वंदना वत्स ने किया। सेमिनार के संयोजक डॉ. संजय गोयल एवं सह संयोजक डॉ. सीमा बंसल थे। इस मौके पर प्रवक्ता सरिता गोयल ने डॉ. बीके कुठियाला के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति विषय की पुस्तक का विमोचन किया।
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