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बहुतकनीकी कॉलेज में निर्माणाधीन 11 करोड़ रुपये के टीचिंग भवन का एसडीएम ने किया निरीक्षण
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लोहारू। लोहारू के रानी झांसी लक्ष्मीबाई राजकीय बहुतकनीकी कालेज में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन जिस टीचिंग ब्लाक का एक सप्ताह पहले प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने निरीक्षण किया था। सोमवार को उसी निर्माणाधीन भवन का एसडीएम जगदीश चंद्र ने औचक निरीक्षण किया तो उसमें भारी अनियमितताएं मिलीं और निर्माण सामग्री बेहद निम्न स्तर की मिली। इस पर एसडीएम जगदीश चंद्र ने मौके पर मौजूद ठेकेदार के कारिंदों और निरीक्षण कमेटी में शामिल बहुतकनीकी कालेज के प्राध्यापक को जमकर फटकार लगाई। एसडीएम ने कहा कि गुणवत्ता के साथ कोताही किसी भी सूरत में सहन नहीं होगी और पूरे भवन में प्रयोग हुई निर्माण सामग्री का सैंपल लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज में प्रदेश सरकार द्वारा करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से टीचिंग ब्लाक और वर्कशॉप भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। एक सप्ताह पहले प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने अधिकारियों के साथ इस निर्माणाधीन भवन का अवलोकन किया था और अधिकारियों को भवन निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए थे। सोमवार सुबह एसडीएम जगदीश चंद्र औचक निरीक्षण के लिए निर्माणाधीन भवन की साइट पर पहुंच गए, लेकिन मौके पर घटिया ईंटों को देखकर तमतमा उठे। एसडीएम ने मौके पर ही संस्थान के प्राचार्य, बीएंडआर के जेई और निरीक्षण कमेटी में शामिल संस्थान के सिविल प्राध्यापक को मौके पर बुला लिया। इस दौरान एसडीएम ने स्वयं ईंटों की गुणवत्ता चैक करने लगे तो ईंटें भरभरा कर मलबे में तबदील हो गई। यहीं नहीं, मौके पर पड़ी टाइलों की गुणवत्ता भी निरीक्षण के दौरान जवाब दे गईं। इस दौरान एसडीएम ने संस्थान में बनाई गई दिवार की ईंटें उखाड़ी तो वे भरभराकर नीचे गिर गई।
एसडीएम जगदीश चंद्र ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए इसकी सूचना विभाग के उच्चाधिकारियों को दी। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन भवन में प्रयुक्त सामग्री का सैंपल लिया जाएगा। कोताही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बाक्स
ईंटे मंगवाई थी, लगाई नहीं गई थी : ठेकेदार
भवन निर्माण के ठेकेदार मनोज कुमार ने बताया कि बहुतकनीकी कॉलेज परिसर में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से टीचिंग ब्लाक और वर्कशॉप बनाई जा रही है। उसमें गुणवत्ता युक्त सामग्री प्रयोग की जा रही है। सुबह ही कुछ ईंटे मंगवाई थी, जो घटिया थी लेकिन उन्हें निर्माण में प्रयोग नही किया गया था। उन्होंने कहा कि भले ही भवन की निर्माण सामग्री का सैंपल लिया जाए। निर्माण में निर्धारित मानदंडों पर पूरा ध्यान दिया गया है।
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बता दें कि राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज में प्रदेश सरकार द्वारा करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से टीचिंग ब्लाक और वर्कशॉप भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। एक सप्ताह पहले प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने अधिकारियों के साथ इस निर्माणाधीन भवन का अवलोकन किया था और अधिकारियों को भवन निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए थे। सोमवार सुबह एसडीएम जगदीश चंद्र औचक निरीक्षण के लिए निर्माणाधीन भवन की साइट पर पहुंच गए, लेकिन मौके पर घटिया ईंटों को देखकर तमतमा उठे। एसडीएम ने मौके पर ही संस्थान के प्राचार्य, बीएंडआर के जेई और निरीक्षण कमेटी में शामिल संस्थान के सिविल प्राध्यापक को मौके पर बुला लिया। इस दौरान एसडीएम ने स्वयं ईंटों की गुणवत्ता चैक करने लगे तो ईंटें भरभरा कर मलबे में तबदील हो गई। यहीं नहीं, मौके पर पड़ी टाइलों की गुणवत्ता भी निरीक्षण के दौरान जवाब दे गईं। इस दौरान एसडीएम ने संस्थान में बनाई गई दिवार की ईंटें उखाड़ी तो वे भरभराकर नीचे गिर गई।
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एसडीएम जगदीश चंद्र ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए इसकी सूचना विभाग के उच्चाधिकारियों को दी। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन भवन में प्रयुक्त सामग्री का सैंपल लिया जाएगा। कोताही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ईंटे मंगवाई थी, लगाई नहीं गई थी : ठेकेदार
भवन निर्माण के ठेकेदार मनोज कुमार ने बताया कि बहुतकनीकी कॉलेज परिसर में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से टीचिंग ब्लाक और वर्कशॉप बनाई जा रही है। उसमें गुणवत्ता युक्त सामग्री प्रयोग की जा रही है। सुबह ही कुछ ईंटे मंगवाई थी, जो घटिया थी लेकिन उन्हें निर्माण में प्रयोग नही किया गया था। उन्होंने कहा कि भले ही भवन की निर्माण सामग्री का सैंपल लिया जाए। निर्माण में निर्धारित मानदंडों पर पूरा ध्यान दिया गया है।
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