{"_id":"6ac15a58588fccbda0058c74","slug":"sdm-inspected-crop-verification-in-sagban-bajina-and-dhani-mahu-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-158080-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: सागबन, बजीना और ढाणी माहू में फसल सत्यापन का एसडीएम ने किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: सागबन, बजीना और ढाणी माहू में फसल सत्यापन का एसडीएम ने किया निरीक्षण
Sun, 04 Oct 2026 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 04 Oct 2026 01:11 AM IST
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान किसानों से बातचीत करते एसडीएम संदीप कुमार।
- फोटो : 1
भिवानी। एसडीएम संदीप कुमार ने शनिवार को सागबन, बजीना और ढाणी माहू गांव में राजस्व विभाग के पटवारियों द्वारा किए जा रहे फसल सत्यापन का निरीक्षण किया। खरीफ-2026 में निर्धारित अवधि के बाद पोर्टल पर पंजीकृत फसलों का सत्यापन कराया जा रहा है।
डीसी साहिल गुप्ता के निर्देश पर उन किसानों को फसल पंजीकरण का एक और अवसर दिया गया था जो निर्धारित अवधि में मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा पाए थे। ऐसे किसानों ने 21 से 27 सितंबर तक पोर्टल पर फसल का पंजीकरण कराया था। अब संबंधित फसलों का सरकारी स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि निर्धारित अवधि में पंजीकरण नहीं करा पाने वाले किसानों ने उपमंडल अधिकारी (नागरिक) के समक्ष लिखित आवेदन दिए थे।
इनमें संबंधित भूमि का पूरा विवरण, खेवट व खसरा नंबर और बोई गई फसल की जानकारी दी गई थी। आवेदनों के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद पात्र किसानों की अनुमानित उत्पादन संबंधी जानकारी तैयार कर ई-खरीद पोर्टल के साथ साझा की जा रही है। इससे पात्र किसान अपनी उपज को खरीद प्रक्रिया में शामिल कर सकेंगे। साथ ही फसल बीमा कंपनी द्वारा भावांतर भरपाई योजना के बेहतर क्रियान्वयन में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीसी साहिल गुप्ता के निर्देश पर उन किसानों को फसल पंजीकरण का एक और अवसर दिया गया था जो निर्धारित अवधि में मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा पाए थे। ऐसे किसानों ने 21 से 27 सितंबर तक पोर्टल पर फसल का पंजीकरण कराया था। अब संबंधित फसलों का सरकारी स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि निर्धारित अवधि में पंजीकरण नहीं करा पाने वाले किसानों ने उपमंडल अधिकारी (नागरिक) के समक्ष लिखित आवेदन दिए थे।
विज्ञापन
इनमें संबंधित भूमि का पूरा विवरण, खेवट व खसरा नंबर और बोई गई फसल की जानकारी दी गई थी। आवेदनों के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद पात्र किसानों की अनुमानित उत्पादन संबंधी जानकारी तैयार कर ई-खरीद पोर्टल के साथ साझा की जा रही है। इससे पात्र किसान अपनी उपज को खरीद प्रक्रिया में शामिल कर सकेंगे। साथ ही फसल बीमा कंपनी द्वारा भावांतर भरपाई योजना के बेहतर क्रियान्वयन में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी।
विज्ञापन