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10 साल बाद स्कूलों की मान्यता रिव्यू नहीं करवाएंगे : शर्मा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:32 AM IST
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School recognitions will not be reviewed after 10 years: Sharma
बैठक में मौजूद प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य।
ढिगावा मंडी। प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के लोहारू ब्लॉक की बैठक में निजी स्कूलों की 10 साल बाद होने वाली मान्यता रिव्यू प्रक्रिया में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया गया।
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सर्वोदय स्कूल ढिगावा में हुई बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राम अवतार शर्मा ने की जिसमें निजी स्कूलों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर चर्चा हुई। लोहारू ब्लॉक प्रधान नरेश ठुकराल ने पदाधिकारियों, स्कूल संचालकों और प्राचार्यों का स्वागत किया।
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उन्होंने बैठक का एजेंडा रखते हुए 134ए, आरटीई और चिराग योजना के तहत पढ़ रहे विद्यार्थियों की बकाया फीस, मान्यता रिव्यू और स्कूल बसों की फिटनेस अवधि बढ़ाने समेत अन्य मांगें रखीं। राम अवतार शर्मा ने कहा कि एसोसिएशन का स्पष्ट स्टैंड है कि निजी स्कूल 10 साल बाद मान्यता रिव्यू की प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।
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उन्होंने कहा कि निजी स्कूल अपने संसाधनों से शिक्षण संस्थानों का संचालन कर रहे हैं और सरकार से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं लेते। शर्मा ने आरोप लगाया कि 10 साल बाद मान्यता रिव्यू की व्यवस्था से अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलने की आशंका है। स्कूल संचालकों से मान्यता रिव्यू के लिए फॉर्म नहीं भरने की अपील की।
बैठक में अमित डागर, लोहारू प्रधान नरेश ठुकराल, सुमेर लमोरिया, राजेंद्र यादव, प्राचार्य जोगिंदर सांगवान, श्रद्धानंद शर्मा, डॉ. महेंद्र शर्मा, अनिल शर्मा और पीतांबर शर्मा मौजूद रहे।

एमआईएस पोर्टल पर रोक के मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर स्कूलों के पोर्टल जल्द खुलवाने का प्रयास करने की बात कही गई। बसों की फिटनेस अवधि बढ़ाने की मांग को भिवानी-महेंद्रगढ़ सांसद के माध्यम से केंद्र सरकार तथा शिक्षा मंत्री के माध्यम से परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया। शर्मा ने कहा कि स्कूल बसें सामान्य यात्री परिवहन के लिए नहीं बल्कि विद्यार्थियों को स्कूल और घर तक लाने-ले जाने के लिए होती हैं।
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