फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   School health scam: The scam car ran for six years on paper on the numbers of fake vehicles

स्कूल हेल्थ घोटाला: फर्जी वाहनों के नंबरों पर कागजों में छह साल तक खूब दौड़ी घोटाले की गाड़ी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
School health scam: The scam car ran for six years on paper on the numbers of fake vehicles
भिवानी। स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले में अब परत दर परत खुलने लगी हैं। ईंट भट्ठों और स्कूलों में विशेष बच्चों के हेल्थ चेकअप के लिए चिकित्सकों की टीमों के लिए लगाए गए 21 वाहनों में पांच वाहनों का तो आरटीए कार्यालय में रजिस्ट्रेशन का रिकार्ड तक नहीं मिला। हैरत तो इस बात की भी है कि स्कूल हेल्थ में जिन वाहनों को फर्जी तरीके से दर्शाया गया है, उनमें ट्रैक्टर, ऑटो रिक्शा, बाइक और स्कूटी भी है। जिसकी ऐवज में घपलेबाजों ने नजदीकी रिश्तेदारों की दो टूर एंड ट्रेवलिंग एजेंसियों को एक करोड़ 26 लाख की राशि का भुगतान भी कर डाला। फर्जी वाहनों की आरसी भी जांच के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने डीजी हेल्थ को भेजी है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग में 2013 से 2019 तक छह साल कागजों में फर्जी नंबरों पर घोटाले की गाड़ी खूब दौड़ी और स्वास्थ्य विभाग को भी लाखों की चपत बैठे बिठाए लगा डाली। जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कई करोड़ के घोटाले की आशंका भी जता रहे हैं, अगर विजिलेंस जांच हुई तो कई स्वास्थ्य अधिकारी नपेेंगे। स्वास्थ्य विभाग में बतौर ईएमटी रहे राजकुमार ने दिसंबर 2021 में सीएम विंडो में शिकायत दी थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जांच कराई और जांच में घोटाला उजागर हुआ तो घपलेबाज स्वास्थ्य अधिकारियों में भी खलबली मच गई। इस घोटाले से जुड़े तथ्यों को भी स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजा है।
विज्ञापन

-----------------
इन दो एजेंसियों को हुआ भुगतान
जांच में सामने आया कि स्कूल हेल्थ के नाम पर श्री तिरुपति टूर एंड ट्रैवलिंग एजेंसी को 36 लाख रुपये का भुगतान किया है, जबकि श्री बालाजी ट्रैवल एजेंसी को 90 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया है। इस तरह स्कूल हेल्थ में ट्रैवलिंग के नाम पर एक करोड़ 26 लाख का भुगतान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये है मामला
स्कूल हेल्थ में 2013 से लेकर 2019 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चार सदस्यीय चिकित्सकों की टीम को ईंट भट्ठों व स्कूलों में जाकर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का हेल्थ चेकअप करना था। इसमें एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक नर्स और एक चपरासी शामिल था। इस टीम के आने-जाने के लिए एसी कॉमर्शियल वाहनों को हॉयर किया था। लेकिन इसमें व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ। जिसमें रेफरल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तत्कालीन नोडल अधिकारी ने उस दौरान डिप्टी सिविल सर्जन स्तर के अधिकारी से मिलीभगत कर लाखों रुपयों का फर्जी भुगतान दर्शा दिया। जबकि हॉयर किए वाहनों में फर्जी तरीके से स्कूटी, ट्रैक्टर, बाइक और ऑटो रिक्शा के नंबर रिकार्ड में चढ़ा दिए।

वर्जन:::
डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया था, जिसने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। अब इस संबंध में महानिदेशालय को रिपोर्ट भेजकर आगामी कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
-डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed