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दंगल : एमडीयू की टीम बनी चैंपियन
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68 फोटो ये मारा छोबी पछाड़.... इंटर यूनिवर्सिटी के सेमीफाइनल मुकाबले में एक महिला पहलवान दूसरी पहलव?
- फोटो : Bhiwani
16वीं अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय महिला कुश्ती चैंपियनशिप रोमांचक मुकाबलों के साथ संपन्न हुई। चैंपियनशिप में एमडी यूनिवर्सिटी की पहलवान 195 प्वाइंट लेकर चैंपियन बनी। हिसार की गुरु जंबेश्वर यूनिवर्सिटी की टीम 110 प्वाइंट के साथ रनरअप रही। डॉ. बीआर विश्वविद्यालय औरंगाबाद की टीम को 57 प्वाइंट तो आयोजक चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय की टीम को 54 प्वाइंट मिले। विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
वीरवार को वैश्य कॉलेज में चल रही तीन दिवसीय 16वीं अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय महिला कुश्ती चैंपियनशिप के अंतिम दिन बारिश ने खलल डाला और सुबह देरी से मुकाबले शुरू हुए। अंतिम दिन तीन भार वर्गों से क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले गए। जो बेहद रोमांचक रहे। खिलाड़ियों का जोश देखते ही बनता था वहीं दर्शक दीर्घा में मौजूद कोच व साथी खिलाड़ी भी किलकारियों, तालियों से पहलवानों का हौसला-बढ़ाते रहे। 53 किलो भार वर्ग के फाइनल में जीजेयू हिसार की अंकुश ने एमबीबीएस यूनिवर्सिटी की मनप्रीत को हराते हुए पहली बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। 59 किलो भार वर्ग का फाइल मैच एमडीयू की अंशु और चौ. देवीलाल यूनिवर्सिटी की मनीषा के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में अंशु ने बाजी मारी और खिताब अपने नाम किया।
ये रहे अंतिम परिणाम : 53 किलो भार वर्ग में गुरु जंबेश्वर विश्वविद्यालय हिसार की पहलवान अंकुश ने प्रथम, एमबीबीएस यूनिवर्सिटी मनप्रीत ने द्वितीय, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय की पहलवान पूजा जाट व ऐश्वर्या कारिगर आरसीबीवी विश्वविद्यालय ने तृतीय स्थान पर जीत दर्ज की। 59 किलोभार वर्ग एमडीयू की पहलवान अंशु ने प्रथम, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की पहलवान मनीषा ने द्वितीय, तृतीय स्थान डॉ. आरएमएल विश्वविद्यालय की पूजा यादव, दिल्ली विश्वविद्यालय की ममता ने तृतीय स्थान पर जीत हासिल की। 76 किलो भार वर्ग में एमडीयू की पूजा ने प्रथम, डॉ. बीआर विश्वविद्यालय की पहलवान निक्की ने द्वितीय और तृतीय स्थान पर नवजोत कौर पंजाब विश्वविद्यालय और नूतन शर्मा गुरु जंबेश्वर विश्वविद्यालय हिसार ने प्राप्त कर जीत हासिल की।
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म्हारी पहलवान बेटियों ने विश्व पटल पर लहराया है देश का परचम : अतुल कोठारी
बेटियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर खेलों में नये आयाम स्थापित किये हैं। म्हारी पहलवान बेटियों ने अपनी ताकत का लोहा मनवाकर विश्व पटल पर भारत का परचम लहराया है। भारत की खेलों की परंपरा सर्वश्रेष्ठ है। भारतीय खेल सस्ते होने की वजह से गरीब खिलाड़ियों को भी इसका लाभ मिलता है। ये कहना है शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी का। वह कुश्ती प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे।
उन्होंने कहा कि देश में खेल प्रोत्साहन नीति की बदौलत युवाओं में खेलों के प्रति जिज्ञासा बढ़ी है। प्राचीन समय से भारत ने शिक्षा एवं खेलों सहित कई क्षेत्रों में विश्व का नेतृत्व किया है। भारत विश्व का सबसे युवा देश है। यहां की कई बेटियों ने ओलंपिक, राष्ट्रमंडल एवं एशियन गेम्स में ऐतिहासिक जीत दर्ज पदक देश की झोली में डालें हैं। गीता, बबीता, विनेश, गीतिका जाखड़, साक्षी मलिक, मैरी कॉम, साइना नेहवाल, कर्णम मल्लेश्वरी आदि विश्व स्तर की भारतीय खिलाड़ी बेटियों के लिए ब्रांड एंबेसडर हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय विशेष प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करेगा।
कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, कार्यक्रम अध्यक्ष वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट शिवरत्न गुप्ता ने कहा कि हमारे पहलवानों का हमेशा विश्व में दबदबा रहा है। कार्यक्रम के सहसंयोजक एवं वैश्य महाविद्यालय प्रबंध समिति के महासचिव पवन बुवानीवाला, कॉलेज प्राचार्य डीएस राजन ने भी अपने विचार रखते हुए खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। इस मौके पर उत्तर भारत क्रीड़ा भारती के संयोजक उमेश कुमार, जिला संयोजक जितेंद्र पराशर, भिवानी टेक्सटाइल मिल्स के प्रेजिडेंट ध्रुव सिंह चौहान, वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के ट्रस्टी मदनलाल गोयल, सुरेश सर्राफ आदि मौजूद रहे।
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वीरवार को वैश्य कॉलेज में चल रही तीन दिवसीय 16वीं अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय महिला कुश्ती चैंपियनशिप के अंतिम दिन बारिश ने खलल डाला और सुबह देरी से मुकाबले शुरू हुए। अंतिम दिन तीन भार वर्गों से क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले गए। जो बेहद रोमांचक रहे। खिलाड़ियों का जोश देखते ही बनता था वहीं दर्शक दीर्घा में मौजूद कोच व साथी खिलाड़ी भी किलकारियों, तालियों से पहलवानों का हौसला-बढ़ाते रहे। 53 किलो भार वर्ग के फाइनल में जीजेयू हिसार की अंकुश ने एमबीबीएस यूनिवर्सिटी की मनप्रीत को हराते हुए पहली बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। 59 किलो भार वर्ग का फाइल मैच एमडीयू की अंशु और चौ. देवीलाल यूनिवर्सिटी की मनीषा के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में अंशु ने बाजी मारी और खिताब अपने नाम किया।
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ये रहे अंतिम परिणाम : 53 किलो भार वर्ग में गुरु जंबेश्वर विश्वविद्यालय हिसार की पहलवान अंकुश ने प्रथम, एमबीबीएस यूनिवर्सिटी मनप्रीत ने द्वितीय, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय की पहलवान पूजा जाट व ऐश्वर्या कारिगर आरसीबीवी विश्वविद्यालय ने तृतीय स्थान पर जीत दर्ज की। 59 किलोभार वर्ग एमडीयू की पहलवान अंशु ने प्रथम, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की पहलवान मनीषा ने द्वितीय, तृतीय स्थान डॉ. आरएमएल विश्वविद्यालय की पूजा यादव, दिल्ली विश्वविद्यालय की ममता ने तृतीय स्थान पर जीत हासिल की। 76 किलो भार वर्ग में एमडीयू की पूजा ने प्रथम, डॉ. बीआर विश्वविद्यालय की पहलवान निक्की ने द्वितीय और तृतीय स्थान पर नवजोत कौर पंजाब विश्वविद्यालय और नूतन शर्मा गुरु जंबेश्वर विश्वविद्यालय हिसार ने प्राप्त कर जीत हासिल की।
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म्हारी पहलवान बेटियों ने विश्व पटल पर लहराया है देश का परचम : अतुल कोठारी
बेटियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर खेलों में नये आयाम स्थापित किये हैं। म्हारी पहलवान बेटियों ने अपनी ताकत का लोहा मनवाकर विश्व पटल पर भारत का परचम लहराया है। भारत की खेलों की परंपरा सर्वश्रेष्ठ है। भारतीय खेल सस्ते होने की वजह से गरीब खिलाड़ियों को भी इसका लाभ मिलता है। ये कहना है शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी का। वह कुश्ती प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे।
उन्होंने कहा कि देश में खेल प्रोत्साहन नीति की बदौलत युवाओं में खेलों के प्रति जिज्ञासा बढ़ी है। प्राचीन समय से भारत ने शिक्षा एवं खेलों सहित कई क्षेत्रों में विश्व का नेतृत्व किया है। भारत विश्व का सबसे युवा देश है। यहां की कई बेटियों ने ओलंपिक, राष्ट्रमंडल एवं एशियन गेम्स में ऐतिहासिक जीत दर्ज पदक देश की झोली में डालें हैं। गीता, बबीता, विनेश, गीतिका जाखड़, साक्षी मलिक, मैरी कॉम, साइना नेहवाल, कर्णम मल्लेश्वरी आदि विश्व स्तर की भारतीय खिलाड़ी बेटियों के लिए ब्रांड एंबेसडर हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय विशेष प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करेगा।
कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, कार्यक्रम अध्यक्ष वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट शिवरत्न गुप्ता ने कहा कि हमारे पहलवानों का हमेशा विश्व में दबदबा रहा है। कार्यक्रम के सहसंयोजक एवं वैश्य महाविद्यालय प्रबंध समिति के महासचिव पवन बुवानीवाला, कॉलेज प्राचार्य डीएस राजन ने भी अपने विचार रखते हुए खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। इस मौके पर उत्तर भारत क्रीड़ा भारती के संयोजक उमेश कुमार, जिला संयोजक जितेंद्र पराशर, भिवानी टेक्सटाइल मिल्स के प्रेजिडेंट ध्रुव सिंह चौहान, वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के ट्रस्टी मदनलाल गोयल, सुरेश सर्राफ आदि मौजूद रहे।