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राजेश चेतन की राहुल बाबा चुपके-चुपके बैंकॉक जा सकते हैं पर दुल्हन के घर जाना उनके बस की बात नहीं कविता पर लगे ठहाके
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कवि सम्मेलन में उपस्थितजन। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। राहुल बाबा चुपके चुपके बैंकॉक जा सकते हैं पर दुल्हन के घर जाना उनके बस की बात नहीं, लगा टोपियां मस्जिद दरगाह घूम रहे सारे नेता, मोदी को टोपी पहनाना उनके बस की बात नहीं। यह कविता राजेश चेतन ने दिनोद गेट स्थित टिबड़ेवाल सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन में सुनाई। इस कविता पर लोगों ने जमकर ठहाके भी लगाए। कवियों ने अपनी कविताओं से खूब गुदगुदाया तो राजनेताओं पर कटाक्ष भी किए।
बता दें कि श्रीअग्रवाल सभा भिवानी द्वारा टिबड़ेवाल सभागार में अग्रसेन जयंती महोत्सव के 10 दिवसीय कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय कवि सम्मेलन किया गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के कवियों ने शिरकत कर सामाजिक, धार्मिक, आध्यात्मिक और देशभक्ति से ओतप्रोत कविता पाठ कर लोगों को भावविभोर कर दिया। वहीं हास्यकार व गीतकार कवियों ने भी श्रोताओं को तालियां बजाने के लिए मजबूर किया। विधायक घनश्याम सर्राफ व समाजसेवी बृजलाल सर्राफ ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विधायक घनश्याम सर्राफ व समाजसेवी बृजलाल सर्राफ ने कहा कि महाराज अग्रसेन का जीवन त्यागमयी। उनका जीवन जनमानस को समर्पित रहा। दान करने की उनके अंदर प्रवृति थी। उन्होंने अपने समय काल में अपनी प्रजा को कभी दुखी नहीं होने दिया और उन्हीं की परंपराओं को लेकर आज अग्रवाल समाज केवल देश में नहीं, बल्कि विदेशों में भी समाज का नाम कर रहा है।
इस अवसर पर बीजेपी नेता राजीव जैन, एडहॉक कमेटी के प्रधान संदीप अग्रवाल, समाजसेवी प्रवीन गर्ग, अशोक बुवानीवाला, विजय बंसल टैनी, विजय किशन, पवन अग्रवाल, नंदकिशोर अग्रवाल, प्रीतम अग्रवाल, हरिराम खिचुका, संदीप प्रधान, ललित अग्रवाल, नवीन गुप्ता, सुमित खेमका, मामनचंद, नरेंद्र रावल, राजेश सिवान वाला, रामअवतार शर्मा, अनिल संघई, पावन बुवान, देबू राम, डॉ. कर्ण पूनिया, राजेश मित्तल, विजय गुप्ता, एडवोकेट शिवरत्न गुप्ता, मनीष सर्राफ, सचिव अमित बंसल, कोषाध्यक्ष विजय गुप्ता, उपाध्यक्ष गणेश बेरलिया, सह सचिव सुशील गुप्ता, विनीत चौधरी, शालु जैन, बजरंग बहलिया, नवीन गुप्ता, संदीप भूत, मामन चंद अग्रवाल, कमल गोयल, विष्णु कुमार, अमन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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भर-भर आए नैना, दिन रैन नहीं चैना...
नई दिल्ली से पहुंचे कवि डॉ. कीर्ति काले ने भर-भर आए नैना, दिन रैन नहीं चैना, मन में उठा है भूचाल, बिटिया चली है ससुराल कविता से बेटी के महत्व पर प्रकाश डाला। राजस्थान के अलवर से पहुंचे कवि विनीत चौहान ने हम नए युग का यहां निर्माण करने चल पड़े हैं, राष्ट्र भक्तों का खुला आह्वान करने चल पड़े हैं वीर रस की कविता पढ़ कर देश की गौरव गाथा पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत दिल्ली से पहुंचे कवि डॉ. प्रवीण शुक्ल ने कविता पाठ करते हुए कहा कोई ना था आसपास नेताजी भी थे उदास हास्य कविता पाठ कर नेताओं और उनके चमचों पर कटाक्ष डाला। हंसना हंसाना आदत है मेरी, अपना बनाना आदत है मेरी, लोग तो मुंह फेर के चलते हैं आवाज देकर बुलाना आदत है मेरी यह कविता सुनाते हुए अंतरराष्ट्रीय कवि अनिल अग्रवंशी ने जीवन के रहस्य पर प्रकाश डाला। वहीं इस अवसर पर उत्तर प्रदेश से पहुंची कवयित्री प्रीति अग्रवाल ने वीर रस की कविता पाठ कर कहा कि सेना को केवल हाथ दे दो, दुश्मन धरती चाटेंगे, 56 इंची सीने वाले हर सैनिक को हक दे दो सेना पर जो हाथ उठाएं सैनिक उसकी गर्दन काटेंगे। इसके उपरांत देश भर से पहुंचे कवि विनीत चौहान, प्रवीण शुक्ल, राजेश चेतन, अनिल अग्रवंशी, कीर्ति काले, प्रीति अग्रवाल को स्मृति चिन्ह देकर श्री अग्रवाल सभा ने सम्मानित किया।
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बता दें कि श्रीअग्रवाल सभा भिवानी द्वारा टिबड़ेवाल सभागार में अग्रसेन जयंती महोत्सव के 10 दिवसीय कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय कवि सम्मेलन किया गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के कवियों ने शिरकत कर सामाजिक, धार्मिक, आध्यात्मिक और देशभक्ति से ओतप्रोत कविता पाठ कर लोगों को भावविभोर कर दिया। वहीं हास्यकार व गीतकार कवियों ने भी श्रोताओं को तालियां बजाने के लिए मजबूर किया। विधायक घनश्याम सर्राफ व समाजसेवी बृजलाल सर्राफ ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विधायक घनश्याम सर्राफ व समाजसेवी बृजलाल सर्राफ ने कहा कि महाराज अग्रसेन का जीवन त्यागमयी। उनका जीवन जनमानस को समर्पित रहा। दान करने की उनके अंदर प्रवृति थी। उन्होंने अपने समय काल में अपनी प्रजा को कभी दुखी नहीं होने दिया और उन्हीं की परंपराओं को लेकर आज अग्रवाल समाज केवल देश में नहीं, बल्कि विदेशों में भी समाज का नाम कर रहा है।
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इस अवसर पर बीजेपी नेता राजीव जैन, एडहॉक कमेटी के प्रधान संदीप अग्रवाल, समाजसेवी प्रवीन गर्ग, अशोक बुवानीवाला, विजय बंसल टैनी, विजय किशन, पवन अग्रवाल, नंदकिशोर अग्रवाल, प्रीतम अग्रवाल, हरिराम खिचुका, संदीप प्रधान, ललित अग्रवाल, नवीन गुप्ता, सुमित खेमका, मामनचंद, नरेंद्र रावल, राजेश सिवान वाला, रामअवतार शर्मा, अनिल संघई, पावन बुवान, देबू राम, डॉ. कर्ण पूनिया, राजेश मित्तल, विजय गुप्ता, एडवोकेट शिवरत्न गुप्ता, मनीष सर्राफ, सचिव अमित बंसल, कोषाध्यक्ष विजय गुप्ता, उपाध्यक्ष गणेश बेरलिया, सह सचिव सुशील गुप्ता, विनीत चौधरी, शालु जैन, बजरंग बहलिया, नवीन गुप्ता, संदीप भूत, मामन चंद अग्रवाल, कमल गोयल, विष्णु कुमार, अमन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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भर-भर आए नैना, दिन रैन नहीं चैना...
नई दिल्ली से पहुंचे कवि डॉ. कीर्ति काले ने भर-भर आए नैना, दिन रैन नहीं चैना, मन में उठा है भूचाल, बिटिया चली है ससुराल कविता से बेटी के महत्व पर प्रकाश डाला। राजस्थान के अलवर से पहुंचे कवि विनीत चौहान ने हम नए युग का यहां निर्माण करने चल पड़े हैं, राष्ट्र भक्तों का खुला आह्वान करने चल पड़े हैं वीर रस की कविता पढ़ कर देश की गौरव गाथा पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत दिल्ली से पहुंचे कवि डॉ. प्रवीण शुक्ल ने कविता पाठ करते हुए कहा कोई ना था आसपास नेताजी भी थे उदास हास्य कविता पाठ कर नेताओं और उनके चमचों पर कटाक्ष डाला। हंसना हंसाना आदत है मेरी, अपना बनाना आदत है मेरी, लोग तो मुंह फेर के चलते हैं आवाज देकर बुलाना आदत है मेरी यह कविता सुनाते हुए अंतरराष्ट्रीय कवि अनिल अग्रवंशी ने जीवन के रहस्य पर प्रकाश डाला। वहीं इस अवसर पर उत्तर प्रदेश से पहुंची कवयित्री प्रीति अग्रवाल ने वीर रस की कविता पाठ कर कहा कि सेना को केवल हाथ दे दो, दुश्मन धरती चाटेंगे, 56 इंची सीने वाले हर सैनिक को हक दे दो सेना पर जो हाथ उठाएं सैनिक उसकी गर्दन काटेंगे। इसके उपरांत देश भर से पहुंचे कवि विनीत चौहान, प्रवीण शुक्ल, राजेश चेतन, अनिल अग्रवंशी, कीर्ति काले, प्रीति अग्रवाल को स्मृति चिन्ह देकर श्री अग्रवाल सभा ने सम्मानित किया।

टिबड़ेवाल सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ करते अतिथिगण। संवाद- फोटो : Bhiwani