व्यापारियों ने मुआवजा राशि को बताया कम
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भिवानी। प्रदेश भर में दंगा पीड़ित 203 दुकानदारों के लिए एक करोड़ 12 लाख रुपये प्राथमिक सहायता राशि जारी की है, यानी करीब 55 हजार रुपये प्रति दुकानदार। इससे खफा व्यापारियों, दुकानदारों का प्रतिनिधिमंडल डीसी को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। डीसी की अनुपस्थिति में एडीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही जल्द मुआवजा नहीं देने पर हरियाणा बंद की भी चेतावनी दी।
सोमवार को हरियाणा व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल लघु सचिवालय पहुंचा। मंडल के प्रदेश महासचिव पवन बुवानीवाला, जिला प्रधान नरेश गर्ग, नगर प्रधान विजय बंसल टैणी के नेतृत्व में व्यापारियों ने मुआवजा राशि संबंधित मांग पत्र एडीसी को सौंपा। व्यापारी नेताओं ने कहा कि पिछले दिनों हुई आगजनी, लूटपाट व तोड़फोड़ से व्यापारियों का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई व्यापारियों के लिए एक बड़ा संकट है। सरकार की ओर से 203 व्यापारियों के लिए महज एक करोड़ 12 लाख रुपये प्राथमिक राहत मुआवजा राशि दी है, जो कि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। इतनी राशि में तो दुकान का फर्नीचर नहीं बनता। व्यापारी नेताओं ने कहा कि सरकार ने इतनी कम मुआवजा राशि देकर भी व्यापारियों के जले के पर नमक छिड़कने का काम किया है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि मुआवजा राशी प्रति व्यापारी उचित आंकलन कर पूर्ण राशि दी जाए ताकि व्यापारी दोबारा से अपने आपको खड़ा कर सके। व्यापारियों ने इस मामले की सीबीआई जांच करवाने और सरकार की ओर से गठित नोडल अधिकारी आयोग में व्यापारिक प्रतिनिधि शामिल करने की मांग की। साथ ही छोटे पीड़ित व्यापारियों को नौकरी, वेट कर व बिजली के बिल माफ करने की मांग की। जिस व्यापारी की दुकान जल कर राख हो गई उन व्यापारियों को फर्नीचर व इंटीरियर के सामान के लिए दो हजार रुपये वर्ग फुट के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि जल्द मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 17 मार्च को हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के बैनर के साथ हरियाणा बंद किया जाएगा। इस मौक पर हरिकृष्ण सावड़िया, सुभाष मित्तल, अशोक, पुरानी अनाज मंडी के प्रधान पवन सुगला, किरोड़ीमल मार्केट प्रधान नरेश टिटा, अजय सर्राफ, राजकुमार, सुरेश, अशोक असीजा, सुरेश डिब्बेवाला, प्रदीप, सुमित खेमका आदि व्यापारी मौजूद रहे।