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Bhiwani News: निजी बोली में 2225 से ऊपर नहीं पहुंचा बाजरा, एमएसपी से 675 रुपये कम भाव
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भिवानी अनाज मंडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेतीं सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी।
भिवानी। जिला मुख्यालय की नई अनाज मंडी में सरकारी खरीद बंद होने से बाजरा निजी बोली पर 2225 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर नहीं बिक रहा है। 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर भरपाई के बावजूद किसानों को प्रति क्विंटल 75 रुपये तक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मंडी में बुधवार को करीब साढ़े 300 किसान बाजरा लेकर पहुंचे। रोजाना पांच से सात हजार क्विंटल बाजरा की आवक हो रही है और निजी बोली पर आठ से दस हजार क्विंटल की खरीद की जा रही है। आवक बढ़ने से मंडी में जगह कम पड़ने लगी है और आढ़तियों के प्रतिष्ठानों के आगे, शेड के नीचे तथा खुले प्लेटफार्म पर बाजरा की ढेरियां लगी हैं।
सरकारी एजेंसियों की खरीद बंद होने के कारण बाजरे का भाव 2300 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर 2200 से 2225 रुपये तक आ गया है। बुधवार को किसानों ने निजी बोली पर 2225 रुपये प्रति क्विंटल में बाजरा बेचा। सरकार ने बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
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मंडी में बाजरे की उठान भी शुरू हो गई है। किसानों के बाजरा का जे फार्म कटते ही उनके बैंक खातों में भावांतर भरपाई का भुगतान शुरू हो जाएगा। मंडी में लगातार आवक बनी रहने से फसल रखने के लिए जगह की कमी की स्थिति बनी हुई है।
मंडी में किसानों के बाजरे की ई-खरीद पोर्टल पर पंजीकृत फसल के हिसाब से दिए गए गेट पास के बाद निजी बोली पर बिक्री की जा रही है। किसान का जे फार्म कटने के बाद उसके बैंक खाता में भावांतर भरपाई का भुगतान मिलेगा। फिलहाल मंडी में बाजरे की उठान भी शुरू हो चुकी है। -संदीप लोहान, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, भिवानी।
सिंचाई मंत्री ने अनाज मंडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
सिंचाई तथा जल संसाधन और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने बुधवार को भिवानी अनाज मंडी का दौरा किया। उन्होंने यहां पर फसल खरीद और किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कैबिनेट मंत्री ने मंडी में फसल में नमी की जांच और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने मार्केट कमेटी अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को गेट पास, फसल खरीद, माप-तोल, उठान और फसल की कीमत भुगतान तक की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खरीद प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी में बिजली-पानी, शौचालयों की स्वच्छता व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि खरीद सीजन के दौरान कैंटीन नियमित रूप से संचालित हो। किसानों को स्वच्छ, पौष्टिक व गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि मंडी में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही अधिकारियों से मंडी की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मार्केट कमेटी चेयरमैन कृष्ण नीलाहेड़ी, डीएमईओ ज्योति धनखड़, मार्केट कमेटी सचिव संदीप लोहान, मार्केटिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता निखिल राठी, सहायक सचिव अनिल बुल्ला, खरीद एजेंसी से गुरु प्रसाद उपस्थित रहे।
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मंडी में बुधवार को करीब साढ़े 300 किसान बाजरा लेकर पहुंचे। रोजाना पांच से सात हजार क्विंटल बाजरा की आवक हो रही है और निजी बोली पर आठ से दस हजार क्विंटल की खरीद की जा रही है। आवक बढ़ने से मंडी में जगह कम पड़ने लगी है और आढ़तियों के प्रतिष्ठानों के आगे, शेड के नीचे तथा खुले प्लेटफार्म पर बाजरा की ढेरियां लगी हैं।
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सरकारी एजेंसियों की खरीद बंद होने के कारण बाजरे का भाव 2300 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर 2200 से 2225 रुपये तक आ गया है। बुधवार को किसानों ने निजी बोली पर 2225 रुपये प्रति क्विंटल में बाजरा बेचा। सरकार ने बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
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मंडी में बाजरे की उठान भी शुरू हो गई है। किसानों के बाजरा का जे फार्म कटते ही उनके बैंक खातों में भावांतर भरपाई का भुगतान शुरू हो जाएगा। मंडी में लगातार आवक बनी रहने से फसल रखने के लिए जगह की कमी की स्थिति बनी हुई है।
मंडी में किसानों के बाजरे की ई-खरीद पोर्टल पर पंजीकृत फसल के हिसाब से दिए गए गेट पास के बाद निजी बोली पर बिक्री की जा रही है। किसान का जे फार्म कटने के बाद उसके बैंक खाता में भावांतर भरपाई का भुगतान मिलेगा। फिलहाल मंडी में बाजरे की उठान भी शुरू हो चुकी है। -संदीप लोहान, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, भिवानी।
सिंचाई मंत्री ने अनाज मंडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
सिंचाई तथा जल संसाधन और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने बुधवार को भिवानी अनाज मंडी का दौरा किया। उन्होंने यहां पर फसल खरीद और किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कैबिनेट मंत्री ने मंडी में फसल में नमी की जांच और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने मार्केट कमेटी अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को गेट पास, फसल खरीद, माप-तोल, उठान और फसल की कीमत भुगतान तक की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खरीद प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी में बिजली-पानी, शौचालयों की स्वच्छता व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि खरीद सीजन के दौरान कैंटीन नियमित रूप से संचालित हो। किसानों को स्वच्छ, पौष्टिक व गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि मंडी में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही अधिकारियों से मंडी की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मार्केट कमेटी चेयरमैन कृष्ण नीलाहेड़ी, डीएमईओ ज्योति धनखड़, मार्केट कमेटी सचिव संदीप लोहान, मार्केटिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता निखिल राठी, सहायक सचिव अनिल बुल्ला, खरीद एजेंसी से गुरु प्रसाद उपस्थित रहे।