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निजी स्कूल संचालकों ने घेरा डीईईओ का कार्यालय, अधिकारियों से हुई नोकझोंक
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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिक्षा अधिकारियों से उलझते प्राइवेट स्कूल संचालक। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। स्कूल बंद करने के फैसले का विरोध कर रहे निजी स्कूल संचालकों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में हंगामा किया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को ताला लगाने पहुंचे निजी स्कूल संचालकों को पुलिस ने रोका। जिसके बाद प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह से मिला। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ निजी स्कूल संचालकों की नोक-झोंक भी हुई। बाद में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि आप अपनी समस्या लिखित में दे, उसे उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। निजी स्कूल संचालकों ने करीब तीन घंटे तक लघु सचिवालय में हंगामा किया।
निजी स्कूल संचालक स्कूल बंद करने के सरकार के फैसले का विरोध कर रहे है। विरोध की कड़ी में शुक्रवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ घेराव का निर्णय था। इसी के तहत सभी निजी स्कूल संचालक प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा के नेतृत्व में सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। विरोध के चलते पहले यहां पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। जिन्होंने निजी स्कूल संचालकों को रोका। तालाबंदी को लेकर पुलिस और निजी स्कूल संचालकों में नोक-झोंक हुई। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल जिला शिक्षा अधिकारी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। यहां प्रतिनिधिमंडल सदस्यों ने स्कूल बंद करने और शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों का निरीक्षण करने का विरोध किया। इस बात पर शिक्षा अधिकारियों से नोक-झोंक हुई। बाद में शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि वे अपनी लिखित मांग और शिकायत दें, जिसे उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। फिलहाल सरकार के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन सदस्यों ने आरोप लगाया कि अधिकारी निजी स्कूल संचालकों को तंग कर रहे है। प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने कहा कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने पहले से ही सरकार को चेताने का काम किया था कि सरकार स्कूलों को बंद न करें क्योंकि स्कूल कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे है। इसके बावजूद सरकार ने कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूल बंद करने का ऐलान किया। यह एक गलत निर्णय है। स्कूल बंद होने से प्रदेश में लाखों बेरोजगार हो गए है। यदि सरकार स्कूल बंद करना चाहती है तो प्राइवेट स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों व सभी कर्मचारियों,शिक्षको और स्कूल संचालकों को रोजगार देने का काम करें और प्राइवेट स्कूलों की बसों के इंश्योरेंस, बीमा व क़िस्त सरकार अदा करें। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अधिकारियों की सुनते है, शिक्षण संस्थानों से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। 19 अप्रैल को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार की रैलियां हो रही है तो परीक्षाएं क्यों नहीं हो सकती। 10वीं की परीक्षाएं रद्द क्यों की गई है। इस मौके पर बदन सिंह, संजीव श्योराण, कंवर पाल, यतिंदर नाथ, शमशेर सिंह, रामफल राठी, राज बाला कौशिक, अनीता शर्मा लोहारू, राज बाला कौशिक, माया शर्मा, कर्मबीर शास्त्री आदि उपस्थित थे।
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निजी स्कूल संचालक स्कूल बंद करने के सरकार के फैसले का विरोध कर रहे है। विरोध की कड़ी में शुक्रवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ घेराव का निर्णय था। इसी के तहत सभी निजी स्कूल संचालक प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा के नेतृत्व में सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। विरोध के चलते पहले यहां पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। जिन्होंने निजी स्कूल संचालकों को रोका। तालाबंदी को लेकर पुलिस और निजी स्कूल संचालकों में नोक-झोंक हुई। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल जिला शिक्षा अधिकारी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। यहां प्रतिनिधिमंडल सदस्यों ने स्कूल बंद करने और शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों का निरीक्षण करने का विरोध किया। इस बात पर शिक्षा अधिकारियों से नोक-झोंक हुई। बाद में शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि वे अपनी लिखित मांग और शिकायत दें, जिसे उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। फिलहाल सरकार के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन सदस्यों ने आरोप लगाया कि अधिकारी निजी स्कूल संचालकों को तंग कर रहे है। प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने कहा कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने पहले से ही सरकार को चेताने का काम किया था कि सरकार स्कूलों को बंद न करें क्योंकि स्कूल कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे है। इसके बावजूद सरकार ने कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूल बंद करने का ऐलान किया। यह एक गलत निर्णय है। स्कूल बंद होने से प्रदेश में लाखों बेरोजगार हो गए है। यदि सरकार स्कूल बंद करना चाहती है तो प्राइवेट स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों व सभी कर्मचारियों,शिक्षको और स्कूल संचालकों को रोजगार देने का काम करें और प्राइवेट स्कूलों की बसों के इंश्योरेंस, बीमा व क़िस्त सरकार अदा करें। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अधिकारियों की सुनते है, शिक्षण संस्थानों से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। 19 अप्रैल को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार की रैलियां हो रही है तो परीक्षाएं क्यों नहीं हो सकती। 10वीं की परीक्षाएं रद्द क्यों की गई है। इस मौके पर बदन सिंह, संजीव श्योराण, कंवर पाल, यतिंदर नाथ, शमशेर सिंह, रामफल राठी, राज बाला कौशिक, अनीता शर्मा लोहारू, राज बाला कौशिक, माया शर्मा, कर्मबीर शास्त्री आदि उपस्थित थे।
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