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न डिग्री न डिप्लोमा, फार्मासिस्ट कर रहा था मरीजों का इलाज
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भिवानी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ सोमवार दोपहर ढाणा रोड स्थित पीके मेडिकोज पर छापा मारा। इस दौरान अधिकारियों ने पाया कि दुकानदार ने बंसी चाट भंडार की दुकान में निजी अस्पताल चला रखा था। अधिकारियों के मुताबिक संचालक के पास मरीजों का इलाज करने संबंधित कोई डिग्री-डिप्लोमा नहीं था, बल्कि उक्त अस्पताल में काफी एंटी बायोटिक दवाइयां भी थी, जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं था। चार दवाइयों के सैंपल सील किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने मेडिकल एक्ट, ड्रग्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला सोमवार दोपहर का है। उड़नदस्ता रोहतक की टीम ने एसआई अनूप सिंह, सीआईडी जिला प्रभारी इंस्पेक्टर कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अज्ञा राठौर, ड्रग कंट्रोलर हेमंत ग्रोवर के नेतृत्व में ढाणा रोड स्थित पीके मेडिकोज पर छापा मारा। यहां उक्त दुकानदार ने साथ ही बंसी चाट भंडार की दुकान में निजी अस्पताल चला रखा था। करीब करीब पांच से छह मरीज भी इलाज करवा रहे थे। ज्यादातर बुखार के मरीज थे। उक्त निजी अस्पताल में भी काफी दवाइयां थी। वहां चिकित्सक की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति से छापा मार टीम के सदस्यों ने पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि उसका नाम प्रदीप, निवासी तालू है और वह फार्मासिस्ट है। फर्जी निजी अस्पताल में मिली दवाइयों का वह कोई रिकॉर्ड नहीं दे पाया।
इन मरीजों का चल रहा था उपचार
फर्जी निजी अस्पताल में जब मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा, तो वहां खरक निवासी बलवान, नांगल निवासी जगदीप अपना इलाज करा रहे थे। इसके अलावा शांति नगर से पांच साल की बच्ची रिषिका इलाज के लिए पहुंची हुई थी।
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वर्जन:
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था, जहां फार्मासिस्ट साथ वाली दुकान में मरीजों को दाखिल कर उनका इलाज गैर कानूनी तरीके से कर रहा था। उक्त फार्मासिस्ट के पास इलाज करने के संबंध में कोई डिग्री-डिप्लोमा नहीं था।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार, प्रभारी सीआईडी
पीके मेडिकोज, ढाणा रोड का संचालक बिना लाइसेंस गैर कानूनी तरीके से प्रेक्टिस कर रहा था, जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। वहां चार दवाइयों के सैंपल भी सील किए गए हैं। इसके अलावा रोहतक गेट पर आरपी शर्मा अस्पताल में दवा बेचने के संबंध में नोटिस दिया गया है। नोटिस के जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत ग्रोवर, डीसीओ
पीके मेडिकोज संचालक प्रदीप को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ मेडिकल एक्ट और ड्रग्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। वह गैर कानूनी तरीके से बिना डिग्री, डिप्लोमा के मरीजों का इलाज कर रहा था।
मनीष वालिया, इंचार्ज
जैन चौक चौकी
निजी अस्पताल में दवा दुकानदार को नोटिस
रोहतक गेट स्थित एक निजी अस्पताल में चल रही दवा दुकान को लेकर भी औषधि नियंत्रक हेमंत ग्रोवर ने निरीक्षण किया और दवाईयां बेचने के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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मामला सोमवार दोपहर का है। उड़नदस्ता रोहतक की टीम ने एसआई अनूप सिंह, सीआईडी जिला प्रभारी इंस्पेक्टर कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अज्ञा राठौर, ड्रग कंट्रोलर हेमंत ग्रोवर के नेतृत्व में ढाणा रोड स्थित पीके मेडिकोज पर छापा मारा। यहां उक्त दुकानदार ने साथ ही बंसी चाट भंडार की दुकान में निजी अस्पताल चला रखा था। करीब करीब पांच से छह मरीज भी इलाज करवा रहे थे। ज्यादातर बुखार के मरीज थे। उक्त निजी अस्पताल में भी काफी दवाइयां थी। वहां चिकित्सक की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति से छापा मार टीम के सदस्यों ने पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि उसका नाम प्रदीप, निवासी तालू है और वह फार्मासिस्ट है। फर्जी निजी अस्पताल में मिली दवाइयों का वह कोई रिकॉर्ड नहीं दे पाया।
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इन मरीजों का चल रहा था उपचार
फर्जी निजी अस्पताल में जब मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा, तो वहां खरक निवासी बलवान, नांगल निवासी जगदीप अपना इलाज करा रहे थे। इसके अलावा शांति नगर से पांच साल की बच्ची रिषिका इलाज के लिए पहुंची हुई थी।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था, जहां फार्मासिस्ट साथ वाली दुकान में मरीजों को दाखिल कर उनका इलाज गैर कानूनी तरीके से कर रहा था। उक्त फार्मासिस्ट के पास इलाज करने के संबंध में कोई डिग्री-डिप्लोमा नहीं था।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार, प्रभारी सीआईडी
पीके मेडिकोज, ढाणा रोड का संचालक बिना लाइसेंस गैर कानूनी तरीके से प्रेक्टिस कर रहा था, जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। वहां चार दवाइयों के सैंपल भी सील किए गए हैं। इसके अलावा रोहतक गेट पर आरपी शर्मा अस्पताल में दवा बेचने के संबंध में नोटिस दिया गया है। नोटिस के जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत ग्रोवर, डीसीओ
पीके मेडिकोज संचालक प्रदीप को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ मेडिकल एक्ट और ड्रग्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। वह गैर कानूनी तरीके से बिना डिग्री, डिप्लोमा के मरीजों का इलाज कर रहा था।
मनीष वालिया, इंचार्ज
जैन चौक चौकी
निजी अस्पताल में दवा दुकानदार को नोटिस
रोहतक गेट स्थित एक निजी अस्पताल में चल रही दवा दुकान को लेकर भी औषधि नियंत्रक हेमंत ग्रोवर ने निरीक्षण किया और दवाईयां बेचने के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।