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Bhiwani News: हर माह शहरी कॉलोनियों की पेयजल आपूर्ति में घुल रहा गंदे पानी का जहर

Mon, 27 Mar 2023 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 27 Mar 2023 12:59 AM IST
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Poison of dirty water dissolving in drinking water supply of urban colonies every month
भिवानी। हर माह शहरी कॉलोनियों की पेयजल आपूर्ति में गंदे पानी का जहर घुल रहा है, जिसने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भी शहरी दायरे के 31 वार्डों में हर माह करीब 200 पानी के सैंपलों की जांच कर रहा है। जिसमेें से अधिक तो जांच की कसौटी पर फेल आ रहे हैं। अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पानी के सैंपल फेल आने पर दूषित पेयजल आपूर्ति संभावित इलाकों में विस्तृत रूप से पेयजल लाइनों की जांच कराएगा और गंदे पानी की आपूर्ति का पता लगाकर उसका समाधान कराएगा। जिसके बाद फिर से उस क्षेत्र के पानी की सैंपलों की दोबारा जांच कराकर भी शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। दरअसल गंदे पानी की आपूर्ति के साथ ही शहरी दायरे में लोगों की सेहत बिगड़ रही है। वहीं, नागरिक अस्पताल में भी संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं।
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शहर में नहरी पानी की कमी की वजह से जल संकट गहराया हुआ है। इसी वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति देने का शेड्यूल बनाया हुआ है। इस शेड्यूल के बाद भी कई कॉलोनियों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जहां पहुंच रहा है वहां पर गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें आ रही हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने शहर में करीब दस बिंदुओं पर पेयजल लाइनों की जांच भी की, जिसमें से पांच से अधिक जगहों पर गंदे पानी की समस्या का समाधान भी हो गया। लेकिन अब भी कुछ जगहों पर पेयजल लाइनों की जांच का काम चल रहा है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में बनी पानी टेस्टिंग लैब की बात करें तो हर माह यहां शहरी वार्डों से करीब 200 पानी के सैंपल पहुंच रहे हैं। कई सैंपलों में फलोराइड ज्यादा आ रहा है तो कई में गंदे पानी की मिक्सिंग की वजह से वह पीने लायक नहीं है। ऐसे में विभाग जहां से भी सैंपल की रिपोर्ट फैल आ रही है उन इलाकों में पेयजल लाइनों की विस्तृत जांच करने में जुटे हैं। लीकेज का समाधान होने के बाद फिर से उस इलाके की आपूर्ति भी जांची जाएगी।
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पुराने बिना इस्तेमाल निजी कनेक्शन बने गंदे आपूर्ति की वजह
अधिकांश कॉलोनियों में लोगों ने अपने पुराने कनेक्शनों को पूरी तरह से बंद किए बगैर ही इस्तेमाल करना बंद कर दिया है और नया पेयजल कनेक्शन ले लिया है। ये पुराने बिना इस्तेमाल हो रहे निजी पेयजल कनेक्शन घरों तक गंदे पानी की आपूर्ति की वजह भी बने हैं। क्योंकि इनसे सीवरेज का गंदा पानी पेयजल लाइनों तक पहुंच रहा है। जिससे आपूर्ति में भी जहर घुल रहा है। विभाग भी कई ऐसे कनेक्शन मिलने पर संबंधित लोगों को नोटिस दे चुका है।
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एक अप्रैल तक नहरों में पानी आने की उम्मीद
सिंचाई विभाग के अधिकारी अब भिवानी में मुख्यमंत्री मनोहरलाल के आगमन से एक दिन पहले यानी एक अप्रैल को नहरी पानी उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो शहरी दायरे में जलसंकट झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी जबकि सूखने के कगार पर पहुंचे जलघर टैंकों में भी पानी का भंडारण हो सकेगा। हालांकि शेड्यूल के हिसाब से सुंदर ब्रांच नहर में तीन अप्रैल की शाम तक पानी पहुंचेगा। लेकिन शेड्यूल से पहले ही कुछ पानी नहरों में लाने की कोशिश में अधिकारी जुटे हैं।


शहर में जिन इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। वहां पर विभागीय कर्मचारी पेयजल लाइनों की विस्तृत जांच कर रहे हैं। कई इलाकों में सैंपल फेल आए हैं वहां पर भी लाइनों की जांच कराई जा रही है। जिसके बाद दोबारा से पानी के सैंपल जांचे जाएंगे। फिलहाल राशनिंग की वजह से पेयजल लाइनें भी खाली हैं और निजी कनेक्शनों की लीकेज से भी पाइप लाइनों में गंदा पानी पहुंच रहा है। ये बड़ी परेशानी है।
-सूरज प्रकाश जैन एसडीओ शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
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