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पीएमएवाई की किस्त न मिलने से परेशान लोगों ने जताया रोष
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पीएमएवाई की राशि का भुगतान न होने पर नारेबाजी करते चंद्रगिरी स्कूल स्थित धानकान मोहल्ला के लोग। ?
- फोटो : Bhiwani
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प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) योजना के तहत चयनित पात्र परिवारों ने अपने पुराने मकान तोड़कर छत तक मकान बना लिए हैं मगर उन्हें अभी तक एक भी किस्त नहीं मिली है। लोग उधार रुपये लेकर मकान निर्माण कर रहे हैं। साल भर से नप के खाते में पीएमएवाई का 21 करोड़ का बजट है, लेकिन किराये के मकानों में बैठे पात्र अभी भी भुगतान के इंतजार में हैं। बुधवार को बावड़ीगेट चंद्रगिरी स्कूल के सामने धानकान मोहल्ला के नागरिकों ने नगर परिषद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रोष जताया।
महिलाओं ने नारेबाजी कर नप अधिकारियों पर कार्यालय में नहीं मिलने व राशि भुगतान के नाम पर बेवजह कार्यालय में चक्कर कटाने के भी आरोप जड़े। पीएमएवाई स्कीम के तहत मकान तोड़कर किराये के मकान में बैठे लोगों का कहना था कि मोटे ब्याज पर रकम उठाकर घर बना रहे हैं, मगर अभी तक उन्हें एक भी किस्त नहीं मिली है। पहले मकान तुड़वाया, फिर अपने बर्तन किसी दूसरे के घर रखे और अब ठिठुरती ठंड में मकान की नींव भरकर खुद के खर्च पर ही छत लेवल तक पहुंचा दिया, मगर भुगतान के नाम पर उन्हें फूटी कोड़ी तक नहीं मिली है।
बावड़ीगेट चंद्रगिरी स्कूल धानकान मोहल्ला निवासी पवन कुमार, कमल, सुनील, सतपाल, संदीप, मदन, मीना, शंकर ने बताया कि उनके नाम पीएमएवाई स्कीम में आए हुए हैं। पिछले चार महीने पहले मकान तोड़कर निर्माण शुरू किया था। पहले नींव तक निर्माण के बाद कार्यालय में गए, मगर वहां पर अधिकारी न होने की वजह से उन्हें भुगतान नहीं किया। अब मकान छत लेवल तक बन चुके हैं, मगर अब नप कार्यालय में कभी कोई अधिकारी नहीं मिलता तो कभी कोई दूसरा गायब रहता है। इस तरह से उनकी खूब भागदौड़ कराई जा रही है। कई मकानों में तो ढांचे पर ही सवाल उठाए जा रहे हैं।
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बावड़ीगेट चंद्रगिरी स्कूल धानकान मोहल्ला क्षेत्र में ही पीएमएवाई के करीब 45 लाभार्थी हैं, इनमें से 15 ने तो अपने मकान तोड़कर निर्माण करना भी शुरू कर दिया है, जबकि कुछ लोग अपने मकान अभी तोड़ने में जुटे हैं। पीएमएवाई योजना के लाभार्थियों का कहना है कि उन्हें मकान तोड़कर नींव भरने के बाद नप अधिकारियों को सूचित करने के लिए बोला गया था। तब भी उन्होंने सूचना दी थी। अब तक तो उन्हें मकान बनाने की ढाई लाख की राशि में दो किस्तों का भुगतान हो जाना चाहिए था, जबकि अंतिम और तीसरी किस्त मकान की लिपाई के समय मिलनी है।
जल्द मिलें मकानों की राशि, नहीं तो डीसी कार्यालय पर देंगे धरना : पीएमएवाई के लाभार्थियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द उन्हें राशि का भुगतान हो, अन्यथा वे उपायुक्त कार्यालय पर अपने बच्चों सहित धरना देंगे। उनका कहना है कि घर का सामान ठंड के मौसम में भी सड़क पर पड़ा है, न खाना बनाने की जगह है न नहाने का कोई स्थान। उनकी जिंदगी तो खानाबदोशों जैसी हो चुकी है।
अब नगर परिषद कार्यालय में ही बैठेगा पीएमएवाई का डिलिंग हैंड : पीएमएवाई के लाभार्थियों के सामने आ रही समस्या को देखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के डिलिंग हैंड कर्मचारी को भी नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी के कक्ष में बैठने के प्रबंध किए गए हैं। ये कर्मचारी ऐसे मामलों की सुनवाई करेंगे। अब पीएमएवाई के लाभार्थियों को इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। ये व्यवस्था पीएमएवाई लाभार्थियों की दिक्कतों को देखते हुए की गई है।
3800 परिवारों को मिलना है लाभ: शहर में 3800 परिवार पीएमएवाई के तहत लाभार्थी की सूची में शामिल किए हुए हैं। शहर के सभी 31 वार्डों से नगर परिषद के समक्ष करीब 12 हजार आवेदन मिले थे, जिनकी छंटनी के बाद इन परिवारों का चयन हुआ था। तीन किस्तों में ढाई लाख की राशि का भुगतान किया जाता है। इसमें पहली किस्त नींव भरने पर एक लाख और दूसरी एक लाख की किस्त मकान निर्माण छत के लेवल तक आने पर और 50 हजार का भुगतान मकान की लिपाई कराने पर मिलता है।
मेरे कार्यभार संभालने के बाद 40 पीएमएवाई के लाभार्थियों को राशि का भुगतान कराया जा चुका है। अगर किसी भी लाभार्थी को किसी तरह की कोई दिक्कत है तो वह मुझसे मिल सकता है। उसकी समस्या का तुरंत समाधान कराया जाएगा। पीएमएवाई के डिलिंग हैंड को भी एडीसी कार्यालय की बजाए यहीं बैठने की हिदायत दी है।
- दीपक गोयल, ईओ नगर परिषद भिवानी।
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महिलाओं ने नारेबाजी कर नप अधिकारियों पर कार्यालय में नहीं मिलने व राशि भुगतान के नाम पर बेवजह कार्यालय में चक्कर कटाने के भी आरोप जड़े। पीएमएवाई स्कीम के तहत मकान तोड़कर किराये के मकान में बैठे लोगों का कहना था कि मोटे ब्याज पर रकम उठाकर घर बना रहे हैं, मगर अभी तक उन्हें एक भी किस्त नहीं मिली है। पहले मकान तुड़वाया, फिर अपने बर्तन किसी दूसरे के घर रखे और अब ठिठुरती ठंड में मकान की नींव भरकर खुद के खर्च पर ही छत लेवल तक पहुंचा दिया, मगर भुगतान के नाम पर उन्हें फूटी कोड़ी तक नहीं मिली है।
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बावड़ीगेट चंद्रगिरी स्कूल धानकान मोहल्ला निवासी पवन कुमार, कमल, सुनील, सतपाल, संदीप, मदन, मीना, शंकर ने बताया कि उनके नाम पीएमएवाई स्कीम में आए हुए हैं। पिछले चार महीने पहले मकान तोड़कर निर्माण शुरू किया था। पहले नींव तक निर्माण के बाद कार्यालय में गए, मगर वहां पर अधिकारी न होने की वजह से उन्हें भुगतान नहीं किया। अब मकान छत लेवल तक बन चुके हैं, मगर अब नप कार्यालय में कभी कोई अधिकारी नहीं मिलता तो कभी कोई दूसरा गायब रहता है। इस तरह से उनकी खूब भागदौड़ कराई जा रही है। कई मकानों में तो ढांचे पर ही सवाल उठाए जा रहे हैं।
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बावड़ीगेट चंद्रगिरी स्कूल धानकान मोहल्ला क्षेत्र में ही पीएमएवाई के करीब 45 लाभार्थी हैं, इनमें से 15 ने तो अपने मकान तोड़कर निर्माण करना भी शुरू कर दिया है, जबकि कुछ लोग अपने मकान अभी तोड़ने में जुटे हैं। पीएमएवाई योजना के लाभार्थियों का कहना है कि उन्हें मकान तोड़कर नींव भरने के बाद नप अधिकारियों को सूचित करने के लिए बोला गया था। तब भी उन्होंने सूचना दी थी। अब तक तो उन्हें मकान बनाने की ढाई लाख की राशि में दो किस्तों का भुगतान हो जाना चाहिए था, जबकि अंतिम और तीसरी किस्त मकान की लिपाई के समय मिलनी है।
जल्द मिलें मकानों की राशि, नहीं तो डीसी कार्यालय पर देंगे धरना : पीएमएवाई के लाभार्थियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द उन्हें राशि का भुगतान हो, अन्यथा वे उपायुक्त कार्यालय पर अपने बच्चों सहित धरना देंगे। उनका कहना है कि घर का सामान ठंड के मौसम में भी सड़क पर पड़ा है, न खाना बनाने की जगह है न नहाने का कोई स्थान। उनकी जिंदगी तो खानाबदोशों जैसी हो चुकी है।
अब नगर परिषद कार्यालय में ही बैठेगा पीएमएवाई का डिलिंग हैंड : पीएमएवाई के लाभार्थियों के सामने आ रही समस्या को देखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के डिलिंग हैंड कर्मचारी को भी नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी के कक्ष में बैठने के प्रबंध किए गए हैं। ये कर्मचारी ऐसे मामलों की सुनवाई करेंगे। अब पीएमएवाई के लाभार्थियों को इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। ये व्यवस्था पीएमएवाई लाभार्थियों की दिक्कतों को देखते हुए की गई है।
3800 परिवारों को मिलना है लाभ: शहर में 3800 परिवार पीएमएवाई के तहत लाभार्थी की सूची में शामिल किए हुए हैं। शहर के सभी 31 वार्डों से नगर परिषद के समक्ष करीब 12 हजार आवेदन मिले थे, जिनकी छंटनी के बाद इन परिवारों का चयन हुआ था। तीन किस्तों में ढाई लाख की राशि का भुगतान किया जाता है। इसमें पहली किस्त नींव भरने पर एक लाख और दूसरी एक लाख की किस्त मकान निर्माण छत के लेवल तक आने पर और 50 हजार का भुगतान मकान की लिपाई कराने पर मिलता है।
मेरे कार्यभार संभालने के बाद 40 पीएमएवाई के लाभार्थियों को राशि का भुगतान कराया जा चुका है। अगर किसी भी लाभार्थी को किसी तरह की कोई दिक्कत है तो वह मुझसे मिल सकता है। उसकी समस्या का तुरंत समाधान कराया जाएगा। पीएमएवाई के डिलिंग हैंड को भी एडीसी कार्यालय की बजाए यहीं बैठने की हिदायत दी है।
- दीपक गोयल, ईओ नगर परिषद भिवानी।