फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   People in Bhiwani's urban area are facing water rationing

Bhiwani News: भिवानी के शहरी दायरे में लोग झेल रहे पानी की राशनिंग

Mon, 19 May 2025 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 19 May 2025 01:41 AM IST
विज्ञापन
People in Bhiwani's urban area are facing water rationing
बवानीखेड़ा क्षेत्र में सिर पर पानी लातीं महिलाएं। 
भिवानी। गर्मी के बढ़ते तेवरों के साथ ही जिले में पीने के पानी की कमी होने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंक खाली हो चुके हैं। शहरी दायरे में भी लोग पानी की राशनिंग झेल रहे हैं। लोगों को पानी के टैंकर खरीदने पड़ रहे हैं। जलघरों के टैंक सूखने के साथ ही नहरों में भी पानी आने में अभी समय लगेगा। ऐसे में बिना पानी के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन

गर्मी के मौसम में जल संकट से निजात पाने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सिंचाई विभाग से जारी वितरण योजना के अनुसार 23 मई तक नहरों में पानी आने की उम्मीद है जबकि जलघर के टैंकों में नाममात्र पानी बचा है।
विज्ञापन

पुराने जलघर के टैंकों में आसपास लगाए गए नलकूपों से पानी भरा गया है। इससे राशनिंग से आपूर्ति की जा रही है। इससे चार से पांच दिन का ही काम चल सकता है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की समस्या शुरू हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस समस्या को सुलझाने के लिए सिंचाई विभाग ने सुंदर प्रणाली की नहरों सुंदर उपशाखा, मिताथल और जूई के लिए 2,250 क्यूसेक पानी की मांग रखी है। सुंदर समूह की नहरों में 23 मई तक पानी आने की उम्मीद है। फिलहाल जवाहरलाल केनाल समूह में नहरी पानी मिल रहा है।
शहर के तीन मुख्य जलघरों के टैंक खाली होने के कगार पर हैं। इस वजह से पूरे शहर में चार से पांच दिन में एक बार ही आपूर्ति मिल रही है। पहले एक दिन छोड़ कर पानी दिया जा रहा था, लेकिन नहरों में पानी न आने से राशनिंग का ये दायरा लगातार बढ़ रहा है।


बाहरी कॉलोनियों में पानी के लिए तरस रहे लोग
शहर के बाहरी दायरे की कॉलोनियों में पीने के पानी से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। जिला प्रशासन भी अधिकारियों की बैठकें लेकर पेयजल मुहैया कराने का दावा कर रहा है, लेकिन धरातल पर लोग पानी के लिए दिनभर पसीना बहा रहे हैं।
पानी के टैंकर मंगाने के लिए भी उन्हें सात सौ से 1,000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं जबकि कई जगह तो टैंकर के लिए भी 1,200 रुपये वसूले जा रहे हैं। जलघर के पास पानी के टैंकर भरने के लिए फिलिंग स्टेशन बना है, इसमें से पानी के टैंकर भरने के लिए लोगों को मुफ्त बांटने के बजाय उन्हें चहेतों के घरों में पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 10 दिनों से टैंकरों के सहारे चल रहा काम

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 10 दिनों से पानी की समस्या बनी है। लोग टैंकरों से खरीदकर पानी पीने के लिए मजबूर हैं। बाजारों में दुकानों से लेकर कार्यालय तक सभी जगह लोग कैंपर से पानी खरीद कर पी रहे हैं। नलकूपों पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति के लिए दिनभर लाइन लगी रहती है।

पानी न मिलने पर नगर पार्षद भी जता चुके रोष
नगरपरिषद आठ टैंकरों के जरिए प्रभावित जगहों पर लोगों के अनुरोध के अनुरूप पानी के टैंकरों की आपूर्ति निशुल्क करवाता है। यदि लोग नगर परिषद के पार्षदों के पास भी पानी की शिकायत करते हैं तो पार्षद नगरपरिषद के टैंकरों को ही प्रभावित इलाकों में भेज देते हैं लेकिन शनिवार को नगर परिषद के टैंकर पानी लेने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यालय पहुंचे तो वहां तैनात कर्मचारियों ने उनमें मुफ्त पानी भरने से इन्कार कर दिया। इसके कारण जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यालय में दिनभर हंगामा हुआ था।


नहरों में पानी न आने के कारण जलघरों में पानी की समस्या बनी है। राशनिंग से पेयजल आपूर्ति सभी इलाकों में कराई जा रही है। नहरों में पानी आने तक लोगों को राशनिंग के हिसाब से पीने का पानी मिलता रहेगा। -सूर्यकांत कार्यकारी, अभियंता शहरी पेयजल शाखा, भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed