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Bhiwani News: मेडिकल कॉलेज में बढ़ रहे रोगी, लेकिन असुविधाओं से परेशानी

Mon, 05 May 2025 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 05 May 2025 10:37 PM IST
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Patients are increasing in medical college, but inconveniences are a problem
शहर के मेडिकल कॉलेज में लगी मरीजों की भीड़। 
भिवानी। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रति मरीजों का रुझान बढ़ रहा है। इस कारण नागरिक अस्पताल में होने वाली 1,000 दैनिक ओपीडी बढ़कर मेडिकल कॉलेज में 1,500 तक पहुंच गई लेकिन मेडिकल कॉलेज में भीड़ और असुविधाओं से मरीज परेशान हैं।
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शहर के नागरिक अस्पताल में पहले मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पाता था। इसके बावजूद वहां रोजाना करीब 1,000 मरीज आते थे लेकिन अब मेडिकल कॉलेज में ओपीडी खुलने पर दैनिक मरीजों की संख्या 1,500 तक पहुंच रही है।
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इस कारण सुबह से ही पंजीकरण खिड़की पर मरीजों की भीड़ लग जाती है। पंजीकरण करवाने के लिए भी मरीजों को एक से दो घंटे तक लाइनों में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के पंजीकरण करने के लिए 10 खिड़की बनी हैं लेकिन इनमें से छह खिड़कियों पर ही पंजीकरण किया जा रहा है। लोगों ने अन्य चार खिड़कियों पर भी कर्मचारी तैनात करने की मांग की है।
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इसके बाद चिकित्सकों की ओपीडी कक्ष के बाहर घंटों इंतजार के बाद नंबर आता है। कुछ मरीज तो भीड़ को देखकर इलाज कराए बिना ही चले जाते हैं। हाल खून जांच कक्ष के बाहर रहता है। वहां मरीजों को लाइनों में लग कर अपना सैंपल पंजीकरण करवाना पड़ रहा है। मरीज चिकित्सकों की ओपीडी कक्षों के बाहर घंटों बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिख रहे हैं।



ईसीजी करने के लिए नहीं कोई महिला कर्मचारी

मेडिकल कॉलेज में ईसीजी करने के लिए महिला कर्मचारी नहीं है जबकि पुरुष कर्मचारी से ईसीजी करवाने में महिलाएं असहज महसूस कर रहीं हैं। इस कारण कुछ महिलाएं निजी केंद्रों से ही ईसीजी करवाना पसंद कर रहीं हैं। ये समस्या लंबे समय से बनी है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद भी महिला कर्मचारी की नियुक्ति न होने पर लोग सवाल उठा रहे हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर भीड़ रहती है। इसके बावजूद ओपीडी के बाहर कम कुर्सियां रखी गईं हैं। इस कारण मरीजों को घंटों जमीन पर बैठना पड़ता है। थकने पर वह पसर कर बारी का इंतजार करते रहते हैं।



अल्ट्रासाउंड और एक्सरे के लिए जाना पड़ रहा नागरिक अस्पताल

फिलहाल मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे सुविधा शुरू नहीं की गई है। इसके लिए मरीजों को नागरिक अस्पताल में जाना पड़ रहा है। वहां अल्ट्रासाउंड के लिए मात्र एक चिकित्सक उपलब्ध हैं। वह एक दिन में सिर्फ 60 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड कर सकते हैं जबकि मरीजों की संख्या 150 तक होने के कारण मरीजों को दो से तीन दिन इंतजार करना पड़ रहा है। इस परेशानी से बचने के लिए कुछ मरीज निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों से ही जांच करवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। यही हाल एक्सरे कक्ष का भी है। वहां रोज करीब 250 से 300 तक मरीज आ रहे हैं। इनके लिए कुर्सियां तक कम पड़ जा रहीं हैं।



पूछताछ केंद्र पर नहीं किसी स्थायी कर्मचारी की तैनाती

मेडिकल कॉलेज के ओपीडी भवन में प्रवेश करते ही मरीजों की सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र बनाया गया है, लेकिन वहां किसी कर्मचारी की स्थायी तैनाती नहीं की गई है। वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी रोज बदलती रहती है। इस कारण मरीजों को पूछताछ केंद्र से पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही। सही जानकारी के लिए मरीज मेडिकल कॉलेज की गैलरियों में घूमते रहते हैं। मेडिकल कॉलेज में खून जांच और पंजीकरण के लिए भी लाइन लगानी पड़ रही है।




फिलहाल मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। वहां मरीजों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कक्ष की सुविधा उपलब्ध है। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें से गर्भवती और आपातकालीन मरीजों को प्राथमिकता दी जाती है। इस कारण अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर भीड़ लग जाती है। -डॉ. बलवान सिंह, कार्यवाहक प्रभारी, नागरिक अस्पताल, भिवानी।
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