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ऑनलाइन पढ़ाई और गेम बच्चों की दृष्टि को कर रहे कमजोर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Oct 2021 01:21 AM IST
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Online studies and games are weakening the eyesight of children
लैपटॉप पर गेम खेलते बच्चे। संवाद - फोटो : Bhiwani
नवनीत शर्मा
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भिवानी। पिछले दो साल से देश में कोरोना संक्रमण का कहर चल रहा है, जिसके चलते स्कूल बंद कर दिए थे। अब स्कूल तो खोल दिए मगर बच्चों की ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से पढ़ाई चालू है। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चे घर बैठे अपना पाठ्यक्रम तो पूरा कर रहे हैं, लेकिन मगर वे अनिद्रा, बेचैनी, आंखों से पानी बहना, आंखों में दर्द सहित आंखों की कम रोशनी होने का शिकार हो रहे हैं। मोबाइल और लैपटॉप पर अधिक समय बिताने से बच्चों की आंखें ऑफ यानी खराब हो सकती हैं।
परिजनों को भी उनकी सेहत का डर सताने लगा है। पढ़ाई के बाद भी वे मोबाइल में गेम खेलते हैं। ऐसे में बच्चों की आंखे सूख रही हैं। इसी का असर है कि जिलेभर में हर रोज आंखों की जांच के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अगर समय पर इसकी ओर ध्यान नहीं दिया जाता है तो बच्चों को चश्मा भी लगवाना पड़ सकता है। इसके लिए मोबाइल पर घंटों लगातार पढ़ाई के बारे में विचार करना भी आवश्यक है। (संवाद)
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मोबाइल पर आंखों पर होने वाले दुष्प्रभाव
- आंखों में धुंधलेपन की समस्या।
- आंखों की रोशनी कम होगा।
- बच्चों की आंख से पानी लगा।
- आखों में लगातार जलन होना।
- कई बार आंखों पर लाली छा जाती है।
- रात में जब फोन का प्रयोग करते हैं तो उससे निकलने वाला प्रकाश आपकी आंखों के रेटिना पर सीधा असर करता है।
नागरिक अस्पताल में पहुंचे रहे रोजाना 20 बच्चे
नेत्र रोग के लिए शहर में नागरिक अस्पताल, किशनलाल जालान अस्पताल सहित चार से पांच मुख्य निजी अस्पताल हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आमतौर पर चार से पांच बच्चे ही आंखों के चेकअप के लिए जाते थे, मगर अब रोजाना 20 से अधिक बच्चे अस्पताल में पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर को आंखों में पानी और आंखों की रोशनी कम होने की समस्याएं है। ऐसे में उन्हें छोटी उम्र में ही चश्मे लग रहे हैं, जिसकी वजह से उनकी आंखें कमजोर हो रही हैं।
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लगातार न करें फोन का प्रयोग
पिछले दो साल से ओपीडी में बच्चों की आंखों में परेशानी के अधिक केस आ रहे है। ओपीडी 20 से अधिक बच्चे चेकअप के लिए पहुंच रहे हैं। ज्यादातर को आंखों में पानी आना और आंखों की रोशनी कम होने की समस्या मिलती है। इस संबंध में अभिभावकों को बच्चों का विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि बच्चे मोबाइल पर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। इसकी वजह से उन्हें आंखों में दिक्कत होती है। ऐसे में अभिभावक ध्यान रखें की लंबे समय तक लगातार बच्चे फोन का प्रयोग न करें।

- डॉ. हरजीत सिंह, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।
जीरो पावर के चश्मे का प्रयोग कर सकते हैं
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चे आंखों पर सुरक्षा के लिए जीरो पावर का चश्मा प्रयोग करें, ताकि मोबाइल और कंप्यूटर की रोशनी उनकी आंखों पर सीधी न लगे। साथ ही लगातार मोबाइल का प्रयोग करने से बचें। एक से डेढ़ घंटे की पढ़ाई के बाद थोड़ा आराम करें। सुबह उठते ही ठंडे पानी से अपनी आंखों कों धोएं।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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